38 साल की उम्र पार, फिर भी दे सकेंगे परीक्षा, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरक्षक भर्ती में दी अंतरिम राहत
हालांकि, दोनों उम्मीदवार परीक्षा तो दे सकेंगे, लेकिन उनका रिजल्ट हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
पुलिसकर्मियों ने आयु सीमा में छूट के लिए लगाई याचिका
यह याचिका रोमेश सिंह बघेल और गोकुल शर्मा ने लगाई है। उनकी ओर से वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट में पक्ष रखा। रोमेश सिंह बघेल की उम्र करीब 39 साल आठ महीने और गोकुल शर्मा की उम्र करीब 40 साल है। दोनों पहले से पुलिस विभाग में नौकरी कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे आरक्षक (चालक) भर्ती के लिए जरूरी पढ़ाई और शारीरिक योग्यता की सभी शर्तें पूरी करते हैं। इसके बावजूद उम्र ज्यादा होने के कारण उन्हें भर्ती में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है।
दस साल बाद निकली भर्ती, पुराने अवसर नहीं मिलने का तर्क
याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा है कि आरक्षक (चालक) के पदों पर लगभग दस साल बाद भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। इस लंबे अंतराल के कारण उन्हें पहले आवेदन करने का अवसर नहीं मिला। अब वे निर्धारित आयु सीमा से कुछ अधिक उम्र के हो गए हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक न चलने का खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने कोर्ट से कहा है कि केवल आयु सीमा के आधार पर उन्हें परीक्षा में शामिल होने से वंचित करना उचित नहीं है।
कोविड के बाद मिली तीन साल की छूट का दिया हवाला
याचिकाकर्ताओं ने अपनी मांग के समर्थन में सामान्य प्रशासन विभाग के 18 सितंबर 2022 के एक पत्र का हवाला दिया है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान कई भर्तियां प्रभावित हुई थीं। इसी वजह से सरकार ने सरकारी नौकरियों में अधिकतम उम्र की सीमा में तीन साल की छूट दी थी। लेकिन आरक्षक (चालक) की मौजूदा भर्ती में उन्हें इस छूट का फायदा नहीं मिल रहा है। दोनों का कहना है कि कोरोना के बाद निकली इस पद की भर्ती में भी सरकार के पुराने निर्देशों को ध्यान में रखा जाना चाहिए था। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से भर्ती नियमों में तय उम्र सीमा में राहत देने की मांग की है।
भर्ती विज्ञापन की शर्त में बदलाव की मांग
याचिका में मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक और कर्मचारी चयन मंडल को पक्षकार बनाया गया है। दोनों उम्मीदवारों ने भर्ती के विज्ञापन में तय अधिकतम उम्र सीमा में बदलाव करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार के 18 सितंबर 2022 के पत्र के मुताबिक उन्हें उम्र में तीन साल की अतिरिक्त छूट मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की थी कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
हाईकोर्ट ने परीक्षा में बैठने की दी अनुमति
सुनवाई के दौरान वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट में उम्र सीमा में तीन साल की छूट देने की मांग रखी। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। साथ ही दोनों उम्मीदवारों को फिलहाल परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। हालांकि, उनका रिजल्ट और आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का फैसला हाईकोर्ट के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा। फिलहाल कोर्ट ने सिर्फ परीक्षा देने की राहत दी है। उम्र सीमा में तीन साल की छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश का फायदा सिर्फ रोमेश सिंह बघेल और गोकुल शर्मा को मिला है। दूसरे उम्मीदवारों को इस आदेश के आधार पर सीधे राहत नहीं मिलेगी। हालांकि, जिन उम्मीदवारों की स्थिति इन दोनों जैसी है, वे भी हाईकोर्ट जा सकते हैं। कोर्ट उनकी योग्यता और मामले से जुड़ी जानकारी देखने के बाद तय करेगा कि उन्हें भी राहत दी जा सकती है या नहीं।