एमपी पुलिस में कागजी छुट्टी का खेल खत्म: अब मोबाइल से होगा फैसला, e-HRMS पोर्टल से ही मिलेगी मंजूरी
मुख्यालय ने सख्त लहजे में कहा है कि अब किसी भी हाल में ऑफलाइन आवेदन मंजूर नहीं किए जाएंगे। जो भी छुट्टी स्वीकृत होगी वह सीधे इसी पोर्टल के जरिए ही होगी।
एमपी पुलिस ऑनलाइन छुट्टी नियम
प्रदेश शासन के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में 1 जुलाई 2026 से ही e-HRMS Portal के जरिए ऑनलाइन छुट्टी लेने का नियम लागू कर दिया गया था। इसके लिए पुलिसकर्मियों को बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई थी। साथ ही इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।
इसके बावजूद कई पुलिस इकाइयां पुराने तरीके से ही काम कर रही थीं। वहीं जब 7 अक्टूबर को डीजीपी ने विभाग के कामकाज की समीक्षा की, तो पता चला कि कई इकाइयों ने अपने कर्मचारियों की बची हुई छुट्टियों का हिसाब यानी लीव बैलेंस पोर्टल पर दर्ज ही नहीं किया था। वहीं कुछ इकाइयों ने कर्मचारियों की छुट्टियों का डेटा तो पोर्टल पर अपलोड कर दिया था, लेकिन वहां से छुट्टी के आवेदन लेने और उन्हें मंजूरी देने या निपटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की थी।
डीजीपी ने जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक में ये खामियां सामने आने के बाद डीजीपी ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके तुरंत बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और सभी इकाइयों को अल्टीमेटम जारी कर दिया। मुख्यालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि बची हुई छुट्टियों का डेटा तुरंत पोर्टल पर अपलोड किया जाए। साथ ही, मध्यप्रदेश पुलिस छुट्टी नियम (MP Police Leave Rules) के तहत लागू ऑनलाइन व्यवस्था को पूरी तरह शुरू किया जाए।
पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी किया है। इस आदेश को स्पेशल डीजी ने मंजूरी दी है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
ऑनलाइन व्यवस्था से क्या-क्या बड़े फायदे होंगे?
- रिकॉर्ड में गड़बड़ी करना होगा मुश्किल: छुट्टियों और हाजिरी का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। इससे बाद में रिकॉर्ड में बदलाव करके गड़बड़ी करने की गुंजाइश कम हो जाएगी।
- मोबाइल पर ही देख सकेंगे छुट्टियों का हिसाब: सिपाही से लेकर बड़े अधिकारी तक, सभी अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर देख सकेंगे कि उनके खाते में कितनी छुट्टियां बची हैं। साथ ही, छुट्टी के लिए दिए गए आवेदन का स्टेटस भी आसानी से पता कर सकेंगे।
- दफ्तरों की दौड़ से मुक्ति: पुलिसकर्मियों को छुट्टी मंजूर कराने के लिए बाबू या रक्षित केंद्र के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
- ड्यूटी मैनेजमेंट में आसानी: त्योहारों, वीआईपी ड्यूटी और कानून-व्यवस्था के मौकों पर पुलिस मुख्यालय एक क्लिक में यह देख सकेगा कि मैदान में असल में कितना पुलिस बल उपलब्ध है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह खबर इसलिए अहम है, क्योंकि इससे पुलिस विभाग के काम करने का पुराना तरीका बदल जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पहले सिपाहियों को अपनी बची हुई छुट्टियों का हिसाब जानने या एक दिन की छुट्टी मंजूर कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे उनका काफी समय भी बर्बाद होता था।
अब नए सिस्टम के जरिए पुलिसकर्मी अपने मोबाइल से ही छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। वे अपने आवेदन का स्टेटस भी आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा, छुट्टियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने की आशंका भी कम होगी।
इसका एक और बड़ा फायदा त्योहारों और वीआईपी ड्यूटी के दौरान मिलेगा। ऐसे मौकों पर पुलिस मुख्यालय को यह पता रहेगा कि मैदान में कितने जवान ड्यूटी के लिए उपलब्ध हैं। इससे पुलिस की तैनाती बेहतर तरीके से की जा सकेगी। साथ ही, प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।