एमपी पुलिस का दंगल : थाने में भिड़े एसआई और एएसआई, टीआई ने किया बीच-बचाव
News in Short
- राजगढ़ के भोजपुर थाने में दो पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट और धक्का-मुक्की हुई।
- विवाद का कारण बीट में दखलअंदाजी और पैसों को लेकर बताया जा रहा है।
- थाने के अंदर शुरू हुई बहस के बाद दोनों मैदान में एक-दूसरे से गुत्थम-गुत्था हो गए।
- टीआई संगीता शर्मा ने बीच-बचाव कर दोनों पुलिसकर्मियों को अलग किया और मामला शांत कराया।
- पूरी शर्मनाक घटना थाने के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसकी अब जांच की जाएगी।
News in Detail
Rajgarh. मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां के भोजपुर थाने में कानून के रखवाले ही आपस में भिड़ गए। शनिवार की शाम करीब 5 बजे थाना परिसर जंग के मैदान में बदल गया। एसआई विनोद मीणा और एएसआई अशोक कटारिया के बीच मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिसकर्मियों के बीच यह तमाशा देखकर आसपास के लोग भी दंग रह गए।
पैसे का लेनदेन या काम का तनाव? क्या है असली विवाद
सूत्रों के मुताबिक यह पूरा झगड़ा ‘बीट’ के बंटवारे और पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ था। थाने के अंदर डे-ड्यूटी ऑफिसर की टेबल के पास बैठे इन दोनों अधिकारियों में पहले बहस हुई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों एक-दूसरे को गालियां देने लगे। मामला सिर्फ जुबानी जंग तक नहीं रुका, बल्कि धक्का-मुक्की करते हुए दोनों थाने के मैदान में आ गए। यहां इनके बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी करतूत
हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे दो जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर झपट रहे हैं। मैदान में स्थित चबूतरे के पास हो रही इस झूमाझटकी को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। जब शोर-शराबा बढ़ा, तो थाना प्रभारी (टीआई) संगीता शर्मा दौड़ती हुई बाहर आईं। उन्होंने अन्य पुलिस बल की मदद से जैसे-तैसे दोनों को अलग किया।
टीआई का तर्क: ‘तनाव में थे, इसलिए आपस में लड़ लिए’
इस पूरे मामले पर जब टीआई संगीता शर्मा से मीडिया ने बात की गई, तो उन्होंने इसे एक छोटी-मोटी बहस बताया। टीआई ने कहा कि दोनों का परिवार यहां नहीं रहता है। टीआई के अनुसार, परिवार साथ न होने के कारण दोनों मानसिक तनाव में थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कह दिया कि तनाव कम करने के लिए वे आपस में ही भिड़ गए। हालांकि, पुलिस विभाग में ऐसी अनुशासनहीनता पर सवाल उठ रहे है।
मामले की जांच के आदेश
जब आम आदमी थाने जाता है, तो वह सुरक्षा की उम्मीद करता है। लेकिन राजगढ़ की घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए है। अगर पुलिस वाले ही थाने के अंदर आपस में ही लड़ रहे हैं, तो वे समाज की रक्षा कैसे करेंगे? वरिष्ठ अधिकारियों ने अब इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि सच सामने आ सके।
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