एमपी पुलिस अब अंतरिक्ष से रखेगी अपराधियों पर नजर, लॉन्च करेगी 18 सैटेलाइट
मध्य प्रदेश पुलिस अब अंतरिक्ष से भी निगरानी रखने की तैयारी कर रही है। नीति आयोग के सहयोग से पुलिस अपना सैटेलाइट नेटवर्क बनाना चाहती है। इसके लिए 18 छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। प्रोजेक्ट का नोडल केंद्र इंदौर का पुलिस रेडियो ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया है। मंजूरी मिलने पर एमपी अपना सैटेलाइट नेटवर्क रखने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।
छह महीने से तैयारी जारी
एमपी पुलिस पिछले छह महीने से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इंदौर के पुलिस रेडियो ट्रेनिंग सेंटर में रिसर्च और तकनीकी अध्ययन हो रहा है। यहीं प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले इसरो (ISRO – Indian Space Research Organisation) जैसे कई वैज्ञानिक संस्थानों का दौरा किया। वहां विशेषज्ञों से तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया।
यह प्रस्ताव अब राज्य सरकार के माध्यम से नीति आयोग को भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद प्रोजेक्ट के लिए बजट दिया जाएगा। इसके बाद सैटेलाइट लॉन्च करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
तीन ऑर्बिट में 18 सैटेलाइट
योजना के मुताबिक सभी 18 सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा में रखे जाएंगे। ये तीन अलग-अलग ऑर्बिट में स्थापित किए जाएंगे। इनकी मदद से पूरे मध्य प्रदेश पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
इसका सबसे बड़ा फायदा पुलिस के कम्युनिकेशन सिस्टम को मिलेगा। अभी कई दूरस्थ और वन क्षेत्रों में वायरलेस नेटवर्क कमजोर है। इससे वहां संचार व्यवस्था अक्सर प्रभावित होती है।
सैटेलाइट नेटवर्क शुरू होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। प्रदेश के किसी भी कोने से स्पष्ट और निर्बाध संपर्क संभव होगा। इससे पुलिस की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
सिर्फ पुलिस तक सीमित नहीं
यह सैटेलाइट सिस्टम केवल पुलिस संचार तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उपयोग ट्रैफिक मैनेजमेंट में भी किया जाएगा। कानून-व्यवस्था की निगरानी में भी यह मदद करेगा।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी यह तुरंत सूचना देने में उपयोगी होगा। बड़े आयोजनों की मॉनिटरिंग और आपातकालीन स्थितियों में भी इसका इस्तेमाल होगा। इससे पुलिस का प्रतिक्रिया समय कम होगा।
साथ ही निर्णय लेने की क्षमता भी अधिक प्रभावी होगी। अधिकारियों को घटनास्थल की जानकारी तेजी से मिल सकेगी। इससे कई मामलों में समय पर कार्रवाई हो सकेगी।
तकनीकी रूप से क्रांतिकारी
डीआइजी (DIG – Deputy Inspector General) मनोज कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक यह प्रोजेक्ट पुलिस के लिए तकनीकी रूप से क्रांतिकारी साबित होगा। उनका कहना है कि इससे कम्युनिकेशन सिस्टम कई गुना मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि मॉनिटरिंग की क्षमता भी काफी बढ़ जाएगी। प्रोजेक्ट पूरा होने पर मध्य प्रदेश एक अहम उपलब्धि हासिल कर सकता है। यह देश का पहला राज्य बन सकता है, जिसकी पुलिस के पास अपना सैटेलाइट नेटवर्क होगा।
अभी क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट
मध्य प्रदेश का बड़ा हिस्सा जंगल और दूरस्थ इलाकों से घिरा है। ऐसे क्षेत्रों में मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क अक्सर कमजोर रहता है। इससे आपात स्थिति में सूचना भेजने में देरी होती है।
सैटेलाइट आधारित नेटवर्क में यह समस्या नहीं आती। सैटेलाइट सीधे अंतरिक्ष से सिग्नल भेजते हैं, इसलिए जमीन के टावर पर निर्भरता कम हो जाती है। इससे नेटवर्क ज्यादा भरोसेमंद बन जाता है।
पुलिस के लिए तेज सूचना और सही समय पर फैसला दोनों जरूरी होते हैं। अगर संचार व्यवस्था मजबूत हो, तो अपराध रोकने में भी मदद मिलती है। इसी वजह से यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
फिलहाल यह प्रस्ताव नीति आयोग के पास विचार के लिए है। मंजूरी मिलने के बाद बजट और समय-सीमा तय होगी। इसके बाद सैटेलाइट बनाने और लॉन्च करने का काम शुरू होगा।
अगर यह प्रोजेक्ट पूरा होता है, तो मध्य प्रदेश पुलिस देश में एक नई मिसाल बनेगी। आम लोगों को भी बेहतर पुलिसिंग और सुरक्षा का फायदा मिल सकेगा। हालांकि अभी इसके लिए इंतजार करना होगा।
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