पुलिस भर्ती बोर्ड के लिए सरकार का हाथ तंग : न बोर्ड का गठन हुआ न बिल्डिंग बनाने पूरा बजट मिला

Sanjay Sharma | May 12, 2026, 20:30 IST
Photograph: (the sootr)
MP में पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन 2026 में भी टलता दिख रहा है। श्यामला हिल्स में 20 करोड़ के भवन के लिए सिर्फ 6 करोड़ मिले। 40% काम के बाद 3 माह से निर्माण बंद। सरकार ने अन्य बोर्ड में नियुक्तियां कीं, पर पुलिस बोर्ड भूली।

News in short

1. पुलिस भर्ती बोर्ड के लिए बजट नहीं, 2026 में गठन भी टला


2. 20 करोड़ के भवन के लिए सिर्फ 6 करोड़ मिले, काम रुका


3. श्यामला हिल्स में 40% भवन बनने के बाद 3 माह से काम बंद


4. सरकार ने दर्जन भर बोर्ड में नियुक्ति की, पुलिस बोर्ड भूली


5. बोर्ड नहीं बनने से पुलिस में नियमित भर्ती-नियुक्ति पिछड़ेगी



News in Detail

BHOPAL. पुलिस बोर्ड का गठन इस साल भी टलता नजर आ रहा है। वहीं सरकार की तंगदिली की वजह से बोर्ड की नई इमारत भी अधूरी पड़ी है। पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को भवन के निर्माण के लिए 20 करोड़ में से केवल 6 करोड़ रुपए ही मिले हैं। इस कारण 3 माह से काम ही आगे नहीं बढ़ पा रहा है।



नियुक्तियां की बाढ़ लेकिन पुलिस भर्ती बोर्ड को भूली सरकार

मध्य प्रदेश में पुलिस की नियुक्तियों के अंतराल की अनियमितता को देखते हुए सरकार ने भर्ती बोर्ड की मंजूरी दी था। बोर्ड के गठन और नए भवन के निर्माण को भी प्राथमिकता पर रखा गया था। सरकार ने इसी साल यानी 2026 में बोर्ड के अस्तित्व में आने का दावा किया था। उद्देश्य था कि 2026 से भर्ती बोर्ड के जरिए पुलिस महकमे के लिए नियमित भर्ती की जा सकें। बीते 10 दिनों में प्रदेश में दर्जन भर बोर्ड और निगम मंडलों में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। वहीं सरकार को पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की सुध भी नहीं है।



भवन निर्माण के लिए बजट की तंगी

पुलिस भर्ती बोर्ड का नया भवन श्यामला हिल्स क्षेत्र में निर्माणाधीन है। इसके लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। साल 2025 में बोर्ड की नई बिल्डिंग के निर्माण की जिम्मेदारी पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को दी गई थी।



कार्पोरेशन को पुलिस मुख्यालय से अब तक केवल 6 करोड़ रुपए ही मिले हैं। इस वजह से केवल 40 फीसदी ही काम हो पाया है। कार्पोरेशन बीते 6 माह से बजट की मांग कर रहा है। इसके बदले में केवल कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। जिस वजह से अब निर्माण एजेंसी ने काम ही बंद कर दिया है।



देरी से पिछड़ेंगी महकमे में भर्ती–नियुक्ति

पुलिस मुख्यालय ने साल 2026 में महकमे के लिए होने वाली भर्ती अपने ही बोर्ड के जरिए करने की तैयारी की थी। पीएचक्यू की यह तैयारी बजट की तंगी और बोर्ड गठन में देरी से धरी की धरी रह गई हैं। अधिकारियों को उम्मीद थी साल 2026 से बोर्ड के माध्यम से नियमित भर्तियां शुरू हो जाएंगी। इससे पुलिस जवान से लेकर अन्य स्तर के खाली पदों का संकट भी खत्म हो जाएगा। हालांकि ऐसा हो नहीं पाया है।



पुलिस भर्ती बोर्ड के पास केवल अपने महकमे की भर्तियों की जवाबदारी सौंपी गई है। बोर्ड के पास न केवल खाली पद बल्कि आगामी महीनों में होने वाली सेवानिवृत्ति का अपडेट डेटा मौजूद होगा। इस डेटा को बोर्ड ही अपडेट रखेगा। इससे नियमित भर्तियां निकाली जा सकेंगी और पदों के खाली होने से बल की स्थिति नहीं बनेगी।



राशि मिलते ही तेजी से पूरा कराएंगे निर्माण

कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट इंजीनियर जयदीप सैनी का कहना है पुलिस भर्ती बोर्ड के नए भवन का निर्माण 40 फीसदी हो गया है। भवन का बाहरी हिस्सा बनकर तैयार है। राशि की उपलब्धता का इंतजार है। जैसे ही राशि मिलेगी शेष काम भी जल्दी ही पूरा करा लिया जाएगा।



FAQ

  1. पुलिस भर्ती बोर्ड का भवन निर्माण क्यों रुक गया है?
    श्यामला हिल्स में पुलिस भर्ती बोर्ड के भवन के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। पर पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को अब तक सिर्फ 6 करोड़ मिले हैं। 14 करोड़ बकाया हैं। राशि नहीं मिलने से 40% निर्माण के बाद 3 माह से काम बंद है। कार्पोरेशन 6 माह से बजट मांग रहा है।
  2. पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन में देरी से क्या असर पड़ेगा?
    सरकार ने 2026 से पुलिस भर्ती बोर्ड के जरिए नियमित भर्ती का दावा किया था। बोर्ड के पास खाली पद और सेवानिवृत्ति का डेटा रखना था। गठन में देरी और बजट नहीं मिलने से भर्ती प्रक्रिया लटक गई है। इससे पुलिस में जवान से लेकर अन्य स्तर के खाली पद भरने में देरी होगी।
  3. सरकार ने दूसरे बोर्ड में नियुक्तियां कीं पर पुलिस बोर्ड क्यों भूली?
    बीते 10 दिनों में प्रदेश में दर्जन भर बोर्ड और निगम मंडलों में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। पर पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। न बोर्ड बना, न 20 करोड़ के भवन के लिए पूरा बजट दिया। सिर्फ 6 करोड़ देकर भूल गई, जिससे निर्माण अधूरा है।

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