300 करोड़ के घाटे में डूबे एमपी के पोषण आहार प्लांट, सप्लायरों ने रोका राशन

Sanjay Sharma | Apr 28, 2026, 17:30 IST
Photograph: (the sootr)
एमपी में पोषण आहार संयंत्र तीन महीने से बंद हैं। इनमें काम करने वाले स्वसहायता समूह की 4 लाख महिलाओं की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं 33 लाख बच्चों को तीन माह से पोषण आहार भी नहीं मिल रहा है।

News in Short :

  • पोषण संयंत्र तीन महीने से बंद, 4 लाख महिलाएं प्रभावित
  • 33 लाख बच्चों और महिलाओं का रेडी-टू-ईट राशन बंद
  • 300 करोड़ के घाटे से निजी सप्लायरों ने रोकी सप्लाई
  • 134 करोड़ की मंजूरी मिली पर केबिनेट स्वीकृति अटकी
  • नई दर पर भुगतान शुरू न होने से उटका टेक होम राशन

News in Detail :

मध्य प्रदेश में पोषण आहार संयंत्र पिछले तीन महीनों से बंद पड़े हैं। इससे लाखों परिवारों के सामने आजीविका का संकट गहरा गया है। इन संयंत्रों के ठप होने का सीधा असर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 4 लाख महिलाओं पर पड़ा है। उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। संयंत्र बंद होने से लगभग 33 लाख बच्चों और महिलाओं को मिलने वाला रेडी-टू-ईट टेक-होम राशन भी रुक गया है। कुपोषण के खिलाफ प्रयासों को झटका लगा है।



भुगतान में देरी से लगा योजना पर ब्रेक

मध्य प्रदेश में 33 लाख बच्चों को टेक होम राशन योजना अंतर्गत पोषण आहार पहुंचाने वाले संयंत्र घाटे में है। उनके 300 करोड़ रुपए का भुगतान आजीविका मिशन में अटका है। भुगतान में देरी के कारण संयंत्रों को सप्लायरों ने कच्चा माल उपलब्ध कराना बंद कर दिया है।



प्लांट के बंद होने से यहां काम कर रहीं स्वसहायता समूह की 4 लाख महिला सदस्य भी बेरोजगार हो गई हैं। आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग निधि निवेदिता के बंगाल चुनाव ड्यूटी पर होने की वजह से प्लांटों के संचालन को लेकर निर्णय अटका हुआ है।



घाटे में डूबे पोषण आहार प्लांट अब बंद

मध्य प्रदेश में टेक होम राशन का काम स्वसहायता समूहों के जरिए चल रहा है। पोषण आहार एकीकृत रूप से विभिन्न शहरों में स्थित प्लांट में तैयार होता है। इसके तैयार कर बच्चों तक पहुंचाने के बदले प्रति बच्चे के मान से 8 रुपए तय थे। इस राशि को बढ़ाकर 12 रुपए किया जाना है। वित्त विभाग की सहमति के बाद मामला केबिनेट की स्वीकृति में अटका है। लागत से कम भुगतान होने से पोषण आहार प्लांट घाटे में डूबते- डूबते अब बंद हो गए हैं।



33 लाख बच्चों तक नहीं पहुंच रहा पोषण

मध्य प्रदेश में इन संयंत्रों से रेडी टू ईट पोषण आहार करीब 33 लाख बच्चों तक पहुंचता है। इस काम को स्वसहायता समूहों की लगभग 4 लाख महिलाएं संभालती आ रही हैं। इस काम से उनकी आजीविका जुड़ी है और हर माह 5 से 7 हजार रुपए मिलते हैं। अब प्लांट बंद होने से न तो तैयार पोषण आहार बच्चों तक पहुंच रहा है और न ही महिलाओं को इन तीन माह से आजीविका के लिए रुपए मिल रहे हैं।



लागत से कम बजट मिलने से गहराया संकट

टेक होम राशन के तहत देवास, धार, नर्मदापुरम, मण्डला, सागर, शिवपुरी और रीवा में स्थित हैं। यह आहार बच्चों के अलावा गर्भवती और धात्री महिलाओं को दिया जाता है। सरकार से 8 रुपए प्रति बच्चे और 9.50 रुपए प्रति महिला के मान से राशि आवंटित की जाती रही है। पोषण आहार प्लांट राशि को लागत के अनुरूप बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसी वजह से प्लांट बंद होने की कगार पर आ गए हैं।



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