डाक सेवा में एमपी का जलवा: यूपी-महाराष्ट्र को पछाड़कर मध्य प्रदेश बना नंबर वन
आजकल हर कोई डिजिटल इंडिया और 5G स्पीड की बातें कर रहा है। लेकिन इस शोर के बीच एक सरकारी विभाग ने सबको चौंका दिया है। हमारे मध्य प्रदेश के डाकघरों ने देश में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस रिकॉर्ड को देखकर बड़े-बड़े राज्यों के पसीने छूट गए हैं।
चिट्ठियों का दौर भले ही आज काफी कम हो गया है। लेकिन सरकारी भरोसे की दौड़ में मध्य प्रदेश सबसे आगे निकल गया है। डाक विभाग की नई सालाना रिपोर्ट (वर्ष 2025-26) सामने आ चुकी है। इस रिपोर्ट के आंकड़े देखकर विरोधी भी एमपी की तारीफ कर रहे हैं।
देश का सबसे बड़ा राजनीतिक सूबा यानी उत्तर प्रदेश यहां फुस्स हो गया। वहीं देश का आर्थिक पावर हाउस महाराष्ट्र भी इस रेस में पिछड़ गया। इन बड़े दिग्गजों को पछाड़कर एमपी ने 100 फीसदी का स्कोर बनाया है। मध्य प्रदेश के सभी डाकघरों ने सर्विस क्वालिटी में सौ फीसदी परिणाम दिया है।
ग्वालियर से आई खबर, मैनेजमेंट हो तो सब मुमकिन है
ग्वालियर डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक एके सिंह ने बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट एमपी के बेहतरीन मैनेजमेंट का सबूत है। अगर सरकारी इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कम संसाधनों में भी कमाल हो सकता है। एमपी के कर्मचारियों ने दिन-रात एक करके यह मुकाम हासिल किया है।
एमपी का असली मैजिक: सभी 10,275 डाकघरों में फुल सर्विस ऑन
मध्य प्रदेश में इस समय कुल 10,275 डाकघर काम कर रहे हैं। सबसे मजेदार बात यह है कि सभी डाकघरों में पूरी सेवाएं मिल रही हैं। यानी खाता खोलने से लेकर पार्सल तक, सब काम चालू है।
अब जरा बगल के राज्य उत्तर प्रदेश की हालत भी देख लीजिए। यूपी में डाकघरों की संख्या सबसे ज्यादा, यानी 17,957 है। लेकिन वहां केवल 2,373 डाकघर ही पूरी सेवाएं दे पा रहे हैं। बाकी के डाकघर आधी-अधूरे सुविधाओं के भरोसे ही जैसे-तैसे चल रहे हैं।
अब बात करते हैं देश की आर्थिक राजधानी वाले राज्य महाराष्ट्र की। महाराष्ट्र में कुल 14,037 डाकघर जनता की सेवा के लिए मौजूद हैं। लेकिन वहां भी केवल 9,254 डाकघरों में ही फुल सर्विस मिल रही है। इस मुकाबले में हमारा मध्य प्रदेश सौ फीसदी नंबर वन बन गया है।
देश का हाल: 1.64 लाख डाकघरों का बड़ा सरकारी नेटवर्क
अगर हम पूरे देश की बात करें तो नेटवर्क बहुत बड़ा है। 31 मार्च 2025 तक देश में 1,64,999 डाकघर काम कर रहे थे। इनमें से लगभग 1.57 लाख डाकघर सिर्फ चिट्ठियां बांटने का काम करते हैं। इस बड़े नेटवर्क को संभालना वाकई में एक बहुत बड़ा टास्क है।
इस सरकारी रिपोर्ट में एक और बहुत दिलचस्प बात सामने आई है। देश में रात के समय चलने वाले कुल 130 नाइट डाकघर हैं। इन नाइट पोस्ट ऑफिस के मामले में देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली टॉप पर है। दिल्ली में अकेले ऐसे 23 नाइट पोस्ट ऑफिस काम कर रहे हैं।
नाइट पोस्ट ऑफिस में अभी पीछे है हमारा मध्य प्रदेश
रात में जागकर सेवा देने के मामले में एमपी थोड़ा पीछे है। मध्य प्रदेश में अभी केवल 5 नाइट पोस्ट ऑफिस ही चल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अब इसे बढ़ाने की सख्त जरूरत है। क्योंकि इंदौर और भोपाल जैसे शहर अब रात में भी जागते हैं।
हालांकि, डिलीवरी के मामले में प्रदेश का जाल बहुत ज्यादा मजबूत है। मध्य प्रदेश के 9,986 डाकघर चिट्ठी-पत्री बांटने में माहिर हैं। ये कर्मचारी पार्सल पहुंचाने के मिशन में दिन-रात जुटे हुए हैं। इनकी इसी लगन ने आज एमपी को देश का सिरमौर बनाया है।
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