प्रमोशन में आरक्षण: 13 जुलाई को भी नहीं रुकेंगे प्रमोशन, सरकार ने पहले ही बना ली कानूनी ढाल

Neel Tiwari | Jul 08, 2026, 13:44 IST
mp promotion reservation case
प्रमोशन में आरक्षण मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होनी है। उससे पहले सरकार की कानूनी रणनीति चर्चा में है। कानूनी विशेषज्ञ की राय के आधार पर सरकार ने जो प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की है, उसमें सरकार ने वह अंतरिम राहत दे दी है, जो हाईकोर्ट से मिल सकती थी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 13 जुलाई को प्रमोशन में आरक्षण मामले की अगली सुनवाई।
  • सरकार ने विधिक राय के आधार पर शुरू की प्रमोशन प्रक्रिया।
  • सभी प्रमोशन लंबित याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन किए जा रहे हैं।
  • हाईकोर्ट ने अभी तक प्रमोशन प्रक्रिया पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है।
  • अगली सुनवाई में सरकार इसी कानूनी आधार पर अपना पक्ष रख सकती है।

सरकार की रणनीति पहले से तैयार

13 जुलाई को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले मध्य प्रदेश सरकार की कानूनी तैयारी लगभग साफ नजर आ रही है। मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन की राय को मानते हुए सभी विभागों को उसी के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी कानूनी सलाह के आधार पर प्रमोशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।



'अंतिम निर्णय के अधीन' बनेगा सरकार का सबसे बड़ा आधार

सीएस वैद्यनाथन ने अपनी राय में कहा था कि सरकार प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, लेकिन सभी प्रमोशन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगे।



सरकार ने भी अपने आदेश (प्रमोशन में आरक्षण का मामला) में यही व्यवस्था लागू की है। इसका मतलब है कि आगे चलकर कोर्ट का जो भी अंतिम फैसला आएगा, उसके अनुसार जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।



यही दलील बन सकती है सरकार का प्रमुख पक्ष

सूत्रों के मुताबिक, 13 जुलाई की सुनवाई में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह कोर्ट (मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण) को बता सकते हैं कि सरकार ने प्रमोशन को लेकर कोई अंतिम अधिकार तय नहीं किया है। सभी पदोन्नतियों को पहले से ही लंबित याचिकाओं के अंतिम फैसले के अधीन रखा गया है।



सरकार यह भी दलील दे सकती है कि प्रमोशन नियम, 2025 पर अभी कोई अंतरिम रोक नहीं है और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, इन दलीलों को मानना है या नहीं, यह फैसला हाईकोर्ट ही करेगा। जानकारों का कहना है कि फिलहाल हाईकोर्ट से जो अंतरिम राहत मिल सकती है, सरकार ने वैसी ही व्यवस्था पहले से लागू कर दी है।



कानूनी परामर्श बनेगा सरकार की ढाल

13 जुलाई की सुनवाई के बाद यह तय होगा कि प्रमोशन प्रक्रिया आगे जारी रहेगी या उस पर अंतरिम रोक लगेगी। इसका फैसला सिर्फ हाईकोर्ट ही करेगा। सरकार की कानूनी रणनीति से संकेत मिल रहे हैं कि वह कोर्ट के सामने यह पक्ष रखेगी कि प्रमोशन प्रक्रिया पहले से ही लंबित याचिकाओं के अंतिम फैसले के अधीन रखी गई है।



सरकार की ओर से लिया गया कानूनी परामर्श इस मामले में उसका बड़ा आधार बनेगा। अब सभी की नजरें 13 जुलाई की सुनवाई और कोर्ट के आदेश पर टिकी हैं।



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