रैगिंग के मामले में तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश, UIET-RGVP टॉप 10 में शामिल

Aman Vaishnav | Jul 01, 2026, 09:30 IST
रैगिंग के मामले में तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश
रैगिंग की शिकायतों के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2022 से फरवरी 2026 के बीच मध्य प्रदेश में रैगिंग की 392 शिकायतें मिली हैं। भोपाल का यूआईटी-आरजीपीवी कॉलेज देश के टॉप-10 संस्थानों में शामिल है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश में रैगिंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
  • यूजीसी की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
  • अप्रैल 2022 से फरवरी 2026 तक प्रदेश में 392 शिकायतें दर्ज हुई है।
  • इस मामले में मध्यप्रदेश देशभर में तीसरे स्थान पर है।
  • अब उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

उच्च शिक्षा विभाग एमपी ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को साफ निर्देश दिए हैं। इसमें यूजीसी के एंटी रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। यह फैसला एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद लिया गया है।



मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर

यह रिपोर्ट यूजीसी की राष्ट्रीय एंटी रैगिंग मॉनिटरिंग कमेटी की 31वीं बैठक में पेश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2022 से फरवरी 2026 के बीच देशभर के कॉलेजों से हजारों शिकायतें मिली थी।



इनमें मध्यप्रदेश में 392 शिकायतें दर्ज हुईं है। यह आंकड़ा प्रदेश को देश में तीसरे स्थान पर ले जाता है। उत्तर प्रदेश 747 शिकायतों के साथ पहले नंबर पर है। पश्चिम बंगाल 442 शिकायतों के साथ दूसरे स्थान पर है।



यह आंकड़े बताते हैं कि रैगिंग अब भी कई कॉलेजों के लिए बड़ी समस्या है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है।



भोपाल के कॉलेज की स्थिति

बता दें कि भोपाल स्थित UIT-RGPV से भी 20 रैगिंग शिकायतें दर्ज हुई हैं। इस वजह से यह संस्थान देश के टॉप-10 संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है। यह मध्यप्रदेश के लिए चिंता की बात है।



एक तकनीकी संस्थान का इस सूची में आना गंभीर संकेत है। इससे साफ है कि निगरानी में कमी रही होगी। कॉलेज प्रशासन को अब जवाबदेही तय करनी होगी। आरजीपीवी में रैगिंग



कहां से आईं सबसे ज्यादा शिकायतें

रिपोर्ट के अनुसार देशभर में मिली शिकायतों में एक बड़ा हिस्सा खास क्षेत्रों से आया है। कुल शिकायतों में से 75 प्रतिशत मेडिकल, इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों से मिली हैं।



इससे पता चलता है कि प्रोफेशनल कॉलेजों में रैगिंग का खतरा ज्यादा है। नए विद्यार्थी अक्सर इसका शिकार बनते हैं। सीनियर छात्रों का दबाव एक बड़ी वजह माना जाता है।



विभाग के नए निर्देश

रिपोर्ट सामने आने के बाद मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग हरकत में आया है। विभाग ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को कुछ अहम निर्देश दिए हैं।



  • हर संस्थान में एंटी रैगिंग कमेटी और स्क्वॉड को सक्रिय रखना अनिवार्य होगा।
  • हर विद्यार्थी से ऑनलाइन अंडरटेकिंग लेना जरूरी होगा।
  • नए विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे।

किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है। विभाग का कहना है कि इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।



FAQ

  1. मध्यप्रदेश में रैगिंग की कितनी शिकायतें दर्ज हुई हैं?
    अप्रैल 2022 से फरवरी 2026 के बीच 392 शिकायतें दर्ज हुईं। इससे मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है।
  2. रैगिंग के मामले में मध्यप्रदेश का कौन सा संस्थान टॉप-10 में शामिल है?
    भोपाल स्थित UIT-RGPV इस सूची में शामिल है। यहां 20 रैगिंग शिकायतें दर्ज हुई हैं।

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