एमपी राज्यसभा उपचुनाव में सियासी घमासान: दो निर्दलीयों के नामांकन खारिज, भाजपा प्रत्याशी हरदीप पुरी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस की आपत्ति

Amresh Kushwaha | Nov 03, 2026, 16:22 IST
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आपत्ति दर्ज कराई है।
Congress MLA Hemant Katare has raised an objection to the nomination of BJP candidate Hardeep Singh Puri for the Rajya Sabha by-election in Madhya Pradesh.
मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। मंगलवार, 03 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी और कांते सायन्ना का नामांकन रद्द कर दिया गया है। दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आपत्ति जताई है।

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि पुरी ने अपने शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं लिखा है। साथ ही संपत्ति की जानकारी रुपये के बजाय अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दी है।



रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने भाजपा को आपत्तियों का जवाब देने के लिए शाम 5 बजे तक का समय दिया है।



दोपहर 2 बजे शुरू हुई नामांकन पत्रों की जांच

मंगलवार, 03 नवंबर को दोपहर 2 बजे नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील जेपी धनोपिया, विधायक हेमंत कटारे और निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी ने हरदीप पुरी के नामांकन पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई।



कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुरी के चुनावी शपथपत्र में कई जरूरी जानकारियां अधूरी हैं। इसलिए उनका नामांकन भी रद्द किया जाना चाहिए।



फॉर्म 26 नहीं लगाने पर लोहानी का नामांकन रद्द

राजकुमार लोहानी का नामांकन जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण रद्द किया गया है। नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) में पता चला कि उन्होंने अपने फॉर्म के साथ अनिवार्य शपथ पत्र यानी फॉर्म 26 नहीं लगाया था। इसी कमी के आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया। वहीं, कांते सायन्ना का नामांकन भी जांच के दौरान खारिज कर दिया गया है।



कांते सायन्ना का नामांकन भी हुआ रद्द

वहीं, राज्यसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी जांच के दौरान खारिज कर दिया गया है।



राजकुमार लोहानी के मुताबिक, सायन्ना के नामांकन पत्र में प्रस्तावक का नाम दर्ज नहीं था। इसी कमी के कारण उनका पर्चा निरस्त कर दिया गया है।



कांग्रेस का आरोप- हरदीप पुरी के शपथपत्र में 25 से 30 गंभीर गलतियां

कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि हरदीप पुरी के शपथपत्र में 25 से 30 गंभीर गलतियां हैं। उनके मुताबिक, शपथपत्र पर नियमों के अनुसार शपथ और सत्यापन नहीं किया गया है।



धनोपिया ने दावा किया कि नोटरी के सामने शपथ लेने की जरूरी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई। इसके अलावा संपत्ति की जानकारी अलग-अलग विदेशी मुद्राओं में दी गई है। परिवार के सदस्यों का पूरा विवरण भी नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी आपत्तियां लिखित रूप में रिटर्निंग ऑफिसर को सौंप दी गई हैं।



हेमंत कटारे बोले- केवल अटेस्टेड लिखना काफी नहीं

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने हरदीप पुरी के शपथपत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में दिया जाने वाला शपथपत्र मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर जमा करना जरूरी है।



कटारे ने The Conduct of Elections Rules, 1961 का हवाला देते हुए कहा कि पुरी के शपथपत्र पर केवल 'Attested' लिखा है, जबकि नियमों के अनुसार उसे 'Sworn' यानी शपथ लेकर सत्यापित किया जाना चाहिए।



उन्होंने आरोप लगाया कि पुरी ने शपथपत्र में पत्नी का नाम नहीं दिया है। वहीं, संपत्ति और पैसों की जानकारी भारतीय रुपये में देने के बजाय अमेरिकी डॉलर और स्विस फ्रैंक में दी गई है।



कटारे का दावा है कि नामांकन में 100 से ज्यादा गलतियां हैं। उन्होंने इन कमियों के आधार पर नामांकन रद्द करने की मांग की है।



कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल

हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति और कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नामांकन पर फैसला नियमों के अनुसार और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।



कांग्रेस ने कहा है कि अगर नियमों के खिलाफ फैसला लिया गया तो वह हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में इसे चुनौती देगी।



राजकुमार लोहानी बोले- भाजपा को समय दिया, हमें नहीं

नामांकन रद्द होने के बाद राजकुमार लोहानी ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका फॉर्म-26 समय पर जमा नहीं हो पाया था।



लोहानी ने बताया कि उन्होंने जरूरी दस्तावेज ई-मेल के जरिए भेजा था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उसे स्वीकार नहीं किया। अधिकारियों ने कहा कि दस्तावेज तय समय में व्यक्तिगत रूप से जमा करना जरूरी था।



लोहानी के मुताबिक, उनके वकील ने गलती सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन समय नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी तरफ भाजपा ने समय नहीं मांगा, फिर भी हरदीप पुरी के नामांकन पर आपत्तियों का जवाब देने के लिए शाम 5 बजे तक का समय दिया गया।



लोहानी ने इसे पक्षपात बताते हुए कहा कि दोनों उम्मीदवारों के मामलों में एक जैसा व्यवहार नहीं किया गया।



शाम 5 बजे के बाद पुरी के नामांकन पर फैसला

हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस की आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने भाजपा से जवाब मांगा है। इसके लिए शाम 5 बजे तक का समय दिया गया है।



भाजपा का जवाब मिलने के बाद आपत्तियों पर सुनवाई होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा।



फिलहाल, दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हो चुके हैं, जबकि हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर फैसला आना बाकी है।



जून में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भी हुआ था रद्द

इससे पहले जून 2026 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भी खारिज हुआ था। 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका पर्चा रद्द कर दिया था।



उस समय उनके फॉर्म 26 में एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं देने का मामला सामने आया था। नामांकन रद्द होने के बाद नटराजन सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची थीं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली थी।



कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?

हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। वे जुलाई 2021 से इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था।



राजनीति में आने से पहले पुरी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी थे। वे 1974 बैच के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 2009 से 2013 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में काम किया।



पुरी ने 2014 में भाजपा की सदस्यता ली थी। इसके बाद वे केंद्र सरकार में आवास और शहरी मामलों के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी भी पूर्व IFS अधिकारी हैं। उनकी दो बेटियां हैं।



एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट

मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।



लेकिन उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा सदस्यता और केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।



मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया था कि वे अब तमिलनाडु में भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करना और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना है।



फिलहाल, राज्यसभा उपचुनाव में दो उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने और हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज होने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अब रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।

Tags:
  • एमपी राज्यसभा उपचुनाव
  • राजकुमार लोहानी
  • प्रत्याशी कांते सायन्ना
  • निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी
  • कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे
  • केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
  • भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी
  • rajya sabha by-election 2026
  • मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव
  • hardeep singh puri nomination