एमपी राज्यसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने निर्दलीय राजकुमार लोहानी को दिया समर्थन, मंत्री हरदीप सिंह पुरी को देंगे टक्कर
राजकुमार लोहानी ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र जमा कर दिया है। इस दौरान विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने। कांग्रेस विधायक आरिफ अकील सहित पार्टी के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी को बनाया उम्मीदवार
बीजेपी ने मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम का ऐलान किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम पर मुहर लगाई है।
74 वर्षीय हरदीप सिंह पुरी दिल्ली के रहने वाले हैं। वे मोदी सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। इससे पहले वे भारतीय विदेश सेवा (IFS) में राजनयिक के रूप में काम कर चुके हैं। साल 2021 से वे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
कौन हैं निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी?
कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद राजकुमार लोहानी राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतर गए हैं। उनका जन्म साल 1959 में भोपाल में हुआ था। वे पुराने भोपाल में रहते हैं और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं।
राजकुमार लोहानी का किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव नहीं रहा है। उन्होंने हायर सेकेंडरी तक पढ़ाई की है। अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बीजेपी के प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी को चुनौती देंगे।
कौन हैं मंत्री हरदीप सिंह पुरी?
बता दें कि हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। वे जुलाई 2021 से इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था। उनकी उम्र 74 साल है।
राजनीति में आने से पहले हरदीप सिंह पुरी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी थे। वे 1974 बैच के अफसर रहे हैं। उन्होंने कई साल विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साल 2009 से 2013 तक वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि भी रहे।
हरदीप सिंह पुरी ने 2014 में बीजेपी जॉइन की थी। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां मिलीं। वे आवास और शहरी मामलों के मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी लक्ष्मी पुरी भी भारतीय विदेश सेवा की पूर्व अधिकारी हैं। उनकी दो बेटियां हैं।
12 नवंबर को होगा मतदान
भारत निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया था। इसके बाद 26 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख 2 नवंबर तय की गई है। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। वहीं, उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। विधायक शाम 4 बजे तक वोट डाल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर इसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती यानी Counting of Votes होगी।
राज्यसभा उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 26 अक्टूबर 2026 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 2 नवंबर 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 3 नवंबर 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तारीख | 5 नवंबर 2026 |
| मतदान | 12 नवंबर 2026 |
| मतदान का समय | सुबह 9 से शाम 4 बजे |
| मतगणना (जरूरत पड़ने पर) | 12 नवंबर, शाम 5 बजे |
| चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख | 16 नवंबर 2026 |
अब सबकी नजर 12 नवंबर को होने वाले मतदान पर है। एक तरफ बीजेपी के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय राजकुमार लोहानी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट का उपचुनाव राजनीतिक रूप से अहम हो गया है।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। वे अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। लेकिन 13 अक्टूबर 2026 को एल. मुरुगन ने राज्यसभा सदस्यता और केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने का फैसला लिया गया था।
मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अपने इस्तीफे की वजह भी बताई थी। उन्होंने कहा था कि अब वे तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करने को अपने लिए सम्मान की बात बताया था। मुरुगन ने कहा था कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे।
राज्यसभा चुनाव में कैसे होगी वोटिंग?
राज्यसभा चुनाव में आम जनता सीधे मतदान नहीं करती। विधानसभा के निर्वाचित विधायक राज्यसभा सदस्य को चुनते हैं। विधायक मतपत्र पर उम्मीदवारों के लिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करते हैं।
चुनाव आयोग ने Voting Process को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं। मतदान के दौरान केवल तय बैंगनी रंग के स्केच पेन का इस्तेमाल होगा। यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से दिया जाएगा। विधायक अपनी पसंद से दूसरा पेन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
चुनाव जीतने के लिए कितने विधायकों का समर्थन जरूरी
बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए सामान्य तौर पर 116 वोटों की जरूरत होती है। वहीं कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा वोट नहीं डाल सकेंगे। ऐसे में 229 विधायकों के आधार पर चुनाव का गणित तय होगा। जीत के लिए कितने वोट चाहिए, यह तय नियमों के हिसाब से तय होगा।
दूसरी ओर बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति भी अहम है। वे खुद को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी नजर आती रही हैं। उनके खिलाफ दलबदल का मामला चल रहा है। इसलिए अभी उनके वोट को लेकर स्थिति साफ नहीं है। उनका रुख स्पष्ट होने के बाद ही भाजपा और कांग्रेस के विधायकों की सही संख्या का अंदाजा लगेगा।
FAQs
- राजकुमार लोहानी कौन हैं और वे किस पद के लिए नामांकन दाखिल कर रहे हैं?
राजकुमार लोहानी एक निर्दलीय प्रत्याशी हैं और उन्होंने राज्यसभा के उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद वे चुनावी मैदान में उतरे हैं। - एमपी राज्यसभा उपचुनाव में मतदान की प्रक्रिया कैसे होगी?
राज्यसभा उपचुनाव में मतदान विधानसभा के निर्वाचित विधायकों के द्वारा किया जाएगा। विधायक मतपत्र पर अपनी प्राथमिकता दर्ज करेंगे और केवल निर्धारित बैंगनी रंग के स्केच पेन का उपयोग कर सकते हैं। - हरदीप सिंह पुरी कौन हैं और उन्हें किन कारणों से उम्मीदवार बनाया गया है?
हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हैं और वे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कार्यभार संभालते हैं। बीजेपी ने उन्हें मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है।