सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने वाहनों से घूमेंगे शिक्षक, राज्य शिक्षा केंद्र उठाएगा खर्च

Sanjay Sharma | May 14, 2026, 22:50 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. राज्य शिक्षा केंद्र ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने मैदानी अमले को वाहन दिए हैं। हर विकासखंड को अप्रैल-जुलाई 2026 के लिए 62100 रुपए जारी किए। पूल वाहन पर 35000 प्रतिमाह खर्च।

समझें पूरा मामला...

  • हर विकासखंड को अप्रैल-जुलाई 2026 के लिए 62100 रुपए जारी।
  • पूल वाहन पर अधिकतम 35000 रुपए प्रतिमाह खर्च की अनुमति।
  • राशि जिला परियोजना समन्वयक के खाते में ट्रांसफर की गई।
  • प्रवेशोत्सव, स्कूल चले हम, मॉनिटरिंग पर खर्च होगी राशि।
  • वाहन न देने पर राशि TA-DA के लिए व्यय की जा सकेगी।

सरकार ईधन के खर्च में कटौती के लिए मंत्री से लेकर अधिकारियों तक वाहनों के कम इस्तेमाल की नसीहत दे रही है। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने नया प्रयोग करने में लगा है।



राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए वाहनों के उपयोग की अनुमति दी है। यही नहीं इन वाहनों पर होने वाला खर्च भी राज्य शिक्षा केंद्र उठा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र ने पूल वाहन सुविधा उपलब्ध कराई है।



हर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को पूल वाहन के उपयोग के लिए 62100 रुपए की राशि दी गई है। इस राशि को वाहनों के दो माह तक उपयोग पर खर्च किया जाएगा।



राज्य शिक्षा केंद्र स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या को लेकर संजीदा नजर आ रहा है। बीते सालों में सरकारी स्कूलों से बच्चों के बाहर जाने और नए छात्रों के प्रवेश की संख्या में गिरावट रोकने नए प्रयोग किए जा रहे हैं।



इसी के तहत राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा पूल वाहनों के उपयोग को मंजूरी दी है। इसके लिए हर विकासखंड स्तर पर स्त्रोत समन्वयक यानी BRC को जिम्मेदारी दी गई है। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को पूल वाहन के दो माह के खर्च के लिए 62100 रुपए आवंटित किए गए हैं।



यह राशि जिला परियोजना समन्वयक के खातों में ट्रांसफर भी कर दी गई है। जहां वाहन की उपलब्धता या उपयोग में कठिनाई होगी वहां इस राशि से शिक्षकों को टीए- डीए का भुगतान किया जाएगा।



छात्रों का प्रवेश बढ़ाने का मिशन

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को बढ़ाने राज्य शिक्षा केंद्र ने बड़ा कदम उठाया है। एक पूल वाहन पर अधिकतम 35000 रुपए प्रतिमाह खर्च किए जा सकेंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हर साल नामांकन में कमी आ रही है।



ऐसे में नामांकन बढ़ाने के लिए मैदानी अमले को क्षेत्र के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। जिसके लिए वाहन की उपलब्धता हो रही थी। इसे देखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र ने मैदानी अमले के वाहनों के लिए राशि जारी की है। जिससे शिक्षक अपने क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचकर छात्रों के नामांकन को बढ़ा सकें।



घटती संख्या से बढ़ती चिंता

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगातार प्रवेश घट रहा है। जितने छात्र प्रवेश लेते हैं उनसे कहीं ज्यादा छात्र स्कूल छोड़कर चले जाते हैं। राज्यसभा में पेश एक रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा में 6.5%, माध्यमिक शिक्षा में 10.01% और सेकेंडरी एजुकेशन में 21.4 प्रतिशत बच्चे पढ़ाई को नियमित नहीं कर पाते।



वहीं ड्रॉप आउट छात्रों की संख्या 3 लाख से ज्यादा है। जबलपुर अंचल में ही बीते शैक्षणिक सत्र में कक्षा 1 से 8वी के बीच 8000 से ज्यादा छात्रों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। इन स्थितियों को देखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र ने नामांकन बढ़ाने के साथ ही अध्ययनरत बच्चों की निगरानी सुनिश्चित की है।



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