इधर कांग्रेस विधायक बैंगलुरु जाने की तैयारी में, उधर मीनाक्षी नटराजन के फार्म पर संकट!
मध्यप्रदेश की राजनीति में मंगलवार का दिन कांग्रेस के लिए दोहरी मुसीबत लेकर आया। एक तरफ राज्यसभा चुनाव से पहले विधायकों को "बाड़ाबंदी" के लिए बैंगलुरु रवाना करने की कोशिश में पार्टी को भोपाल एयरपोर्ट पर ही रुकावट का सामना करना पड़ा, तो दूसरी तरफ कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फार्म पर भाजपा ने बड़ा हमला बोल दिया। ऐसा पेच फंसा है कि उनकी उम्मीदवारी तक संकट में आ सकती है।
नामांकन फार्म पर भाजपा की आपत्ति- छुपाई गई जानकारी!
इधर भाजपा ने रिटर्निंग अफसर के सामने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फार्म पर औपचारिक आपत्ति दर्ज करा दी है। पार्टी का आरोप है कि नटराजन ने फार्म में तेलंगाना की एक अदालत में चल रहे मामले की जानकारी जानबूझकर छुपाई है।
दरअसल, हैदराबाद की चौथी अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में पूर्व कॉर्पोरेटर ए. श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ एक याचिका दायर कर रखी है। श्रीलता का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने कुंभम शिव कुमार रेड्डी नाम के व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण दिया, जिन पर खुद श्रीलता ने छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के संगीन इल्जाम लगाए हैं।
इस मामले में BNS की धारा 356, 61, 45, 46 और 79 जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
कांग्रेस का पलटवार- नोटिस और केस में फर्क करो!
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की आपत्ति को "जबरन की गई राजनीति" करार दिया। उनका कहना है-
"नटराजन के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है। उन्हें केवल एक कोर्ट नोटिस मिला है। चुनाव आयोग के निर्देश साफ हैं- नामांकन में जानकारी तब देनी होती है जब केस दर्ज हो, नोटिस मिलने पर नहीं।"
नटराजन के वकील ने भी रिटर्निंग अफसर के सामने यही तर्क रखा और अब इस विवाद का अंतिम फैसला रिटर्निंग अफसर के हाथ में है।
नटराजन का बचाव- "राजनीतिक साजिश है यह सब"
मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद कोर्ट में श्रीलता की याचिका का कड़ा विरोध करते हुए इसे अपनी "छवि बिगाड़ने की साजिश" बताया है। उनका कहना है कि एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी प्रभारी किसी कार्यकर्ता की निजी हरकतों की जिम्मेदार नहीं हो सकती।
एयरपोर्ट पर अटकी कांग्रेस की उड़ान
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक बैंगलुरु रवाना होने के लिए भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) के कर्मचारी मौजूद नहीं थे, जिससे उड़ान में देरी हो गई। बाड़ाबंदी की इस पूरी कवायद को लेकर पहले से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी, लेकिन अब शुरुआत से ही पेंच फंसता दिख रहा है।
सियासी समीकरण
कांग्रेस के लिए यह दोहरा झटका ऐसे वक्त आया है जब राज्यसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। विधायकों की बाड़ाबंदी में देरी और उम्मीदवार के नामांकन पर कानूनी सवाल- दोनों मिलकर पार्टी की रणनीति को पटरी से उतार सकते हैं।
अब सबकी नजरें रिटर्निंग अफसर के फैसले और एयरपोर्ट से निकलने वाली कांग्रेस की "उड़ान" पर टिकी हैं।
मीनाक्षी नटराजन की शिकायत से जुड़े सभी दस्तावेज यहां देखें
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