आज से एमपी में सात दिन तक बंद रहेंगी राशन दुकानें, कमीशन 200 रुपए करने की विवाद में फंसा गरीबों का राशन
90 रुपए क्विंटल कमीशन पर नाराजगी
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें प्रति क्विंटल 90 रुपए कमीशन मिलता है। क्विंटल यानी 100 किलो अनाज। इस हिसाब से एक किलो अनाज बांटने पर 90 पैसे मिलते हैं।
दुकानदार Ration dealers commission की तुलना आसपास के प्रदेशों से कर रहे हैं। उनके मुताबिक वहां यह कमीशन 200 से 250 रुपए प्रति क्विंटल तक है। यानी वहां एक किलो अनाज पर दो से ढाई रुपए मिलते हैं। संघ की मांग कमीशन 250 रुपए प्रति क्विंटल करने की है।
अब एक उदाहरण लीजिए। मान लीजिए किसी दुकान ने 100 क्विंटल यानी 10 हजार किलो अनाज बांटा। 90 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से उसे नौ हजार रुपए मिलेंगे। 250 रुपए के हिसाब से यही रकम 25 हजार रुपए होती। फर्क 16 हजार रुपए का है। यह सिर्फ समझाने के लिए उदाहरण है।
इस हिसाब से यहां कमीशन आसपास के प्रदेशों से कम है। फर्क करीब सवा दो से पौने तीन गुना का है।
तीन से चार महीने की देरी से मिलती राशि
यह राशि भी समय पर नहीं मिलती। दुकानदारों के मुताबिक भुगतान तीन से चार महीने की देरी से होता है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में दुकान चलाना मुश्किल हो रहा है।
यानी दुकानदार को मेहनत का पैसा बहुत बाद में मिलता है।
मंत्री के आश्वासन के बाद भी हड़ताल
सोमवार को संघ ने प्रदेशभर में कलेक्टरों को ज्ञापन (मांगपत्र) सौंपा। इसके बाद संघ का प्रतिनिधिमंडल खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं। मंत्री ने आश्वासन दिया। लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं। इसके बाद संघ ने हड़ताल का निर्णय लिया है।
क्रम देखें तो पहले ज्ञापन हुआ, फिर मंत्री से मुलाकात हुई, फिर हड़ताल की घोषणा हुई। मंत्री का आश्वासन संघ को हड़ताल से रोक नहीं सका।
गरीबों का राशन कैसे होगा प्रभावित
राशन दुकानें बंद रहने से भोपाल समेत पूरे प्रदेश में राशन वितरण प्रभावित रहेगा। 1 से 7 अक्टूबर तक दुकानों से राशन नहीं बंटेगा। गरीबों का राशन इन्हीं दुकानों से बंटता है।
उचित मूल्य दुकान (सरकारी राशन दुकान) वह दुकान है, जहां से सरकार तय कीमत पर अनाज बांटती है। ऐसी दुकानें अब सात दिन बंद रहेंगी। यानी 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 अक्टूबर को वितरण नहीं होगा।
भोपाल की 400 दुकानों पर असर
भोपाल में 400 उचित मूल्य दुकानों (सरकारी राशन दुकानों) पर ताले रहेंगे। पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा करीब 26 हजार दुकानों का है। मध्यप्रदेश राशन (Madhya Pradesh ration) व्यवस्था की ये दुकानें एक साथ सात दिन बंद रहेंगी।
भोपाल की 400 दुकानें प्रदेश की करीब 26 हजार दुकानों का लगभग डेढ़ फीसदी हैं। यानी हर 65 में से एक दुकान भोपाल की है।
यह एमपी राशन दुकानों की स्ट्राइक (MP ration shop strike) पूरे प्रदेश को प्रभावित करेगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर राशन पर निर्भर परिवारों से जुड़ी है। राशन व्यवस्था में दुकानदार और सरकार दोनों की भूमिका है। एक की नाराजगी का असर दूसरे पर पड़ता है। भोजन का अधिकार अनुच्छेद 21 (जीने के अधिकार) से जुड़ा माना जाता है। इसलिए सात दिन की हड़ताल सिर्फ कमीशन तक सीमित नहीं है। प्रदेश के करीब 26 हजार दुकानदार एक साथ आंदोलन पर हैं। भोपाल की 400 दुकानें भी बंद रहेंगी। दुकानदारों की मांग और परिवारों की जरूरत के बीच संतुलन जरूरी है।