RGPV पेपर चोरी मामले में नया मोड़: परीक्षा नियंत्रक ने कॉलेज प्रबंधन पर उठाए सवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल के आरजीपीवी में बीटेक चौथे सेमेस्टर के 9 पेपर चोरी हुए थे।
- इस मामले की जांच पुलिस प्रशासन बहुत ही बारीकी से कर रहा है।
- परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी ने कुलगुरु को लिखित स्पष्टीकरण दिया है।
- उन्होंने स्ट्रांग रूम के पास सीसीटीवी कैमरा न होने पर सवाल उठाए हैं।
- अर्चना तिवारी ने इस पूरे मामले में अपने खिलाफ साजिश की आशंका जताई है।
राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV – Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya) के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (UTD – University Teaching Department) में हुई प्रश्नपत्र चोरी की घटना लगातार उलझती जा रही है।
यहां बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर के नौ सीलबंद प्रश्नपत्रों के लिफाफे चोरी हो गए थे। घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है।
पुलिस जांच अब भी जारी
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति भी इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक परीक्षा शाखा से जुड़े कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
परीक्षा नियंत्रक ने सौंपा स्पष्टीकरण
इसी बीच परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी ने कुलगुरु प्रो. आलोक शर्मा को अपना विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण सौंप दिया है। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि पिछले सात वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ और निर्धारित नियमों के अनुरूप परीक्षाओं का संचालन कराया है। उनके मुताबिक इस दौरान कभी भी प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर कोई सवाल नहीं उठा।
सीसीटीवी न होने पर उठाए सवाल
डॉ. तिवारी ने अपने स्पष्टीकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही परीक्षा शाखा की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की थी। लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद प्रश्नपत्रों की चोरी होना गंभीर सुरक्षा चूक है।
साजिश और मिलीभगत की आशंका
परीक्षा नियंत्रक ने इस मामले में विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की है। उनके मुताबिक कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार उनके पास होने से कुछ लोग असंतुष्ट थे। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें परीक्षा नियंत्रक के पद से हटाने के मकसद से यह पूरी साजिश रची गई हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में प्रभावशाली पदों पर बैठे कुछ लोगों का संरक्षण मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेकर सीधा आरोप नहीं लगाया है।
FAQ
- आरजीपीवी में प्रश्नपत्र चोरी का मामला क्या है?
आरजीपीवी के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट में बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर के नौ सीलबंद प्रश्नपत्रों के लिफाफे चोरी हो गए थे। घटना के कई दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति भी जांच में जुटी है। - परीक्षा नियंत्रक ने अपने स्पष्टीकरण में क्या कहा?
डॉ. अर्चना तिवारी ने कहा कि उन्होंने सात साल के कार्यकाल में पूरी पारदर्शिता से परीक्षाएं कराई हैं। उन्होंने सीसीटीवी न लगने पर सवाल उठाए और खुद को पद से हटाने की साजिश की आशंका जताई है। - क्या इस मामले में किसी पर सीधा आरोप लगाया गया है?
परीक्षा नियंत्रक ने कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत और प्रभावशाली लोगों के संभावित संरक्षण की आशंका जताई है, लेकिन उन्होंने किसी का नाम लेकर सीधा आरोप नहीं लगाया। पुलिस जांच अभी जारी है।
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