तीन हिस्सों में बटेगी एमपी की आरजीवीपी और जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी

Aman Vaishnav | May 07, 2026, 12:42 IST
mp rgpv medical university split
मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। जानकारी के अनुसार, RGPV और जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। साथ ही स्कूलों के मर्जर और कॉलेज शिफ्ट को लेकर भी नई योजना बनाई गई है।

भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी जल्द ही तीन-तीन हिस्सों में बंट सकती हैं। जानकारी के अनुसार आरजीपीवी के नए हिस्से जबलपुर और उज्जैन में बनाए जाएंगे।



वहीं मेडिकल यूनिवर्सिटी के हिस्से भोपाल और उज्जैन में होंगे। इस फैसले पर जल्दी ही उच्च स्तर पर फैसला हो सकता है।



17 विभागों में भेजी नोटशीट

एक प्रतिष्ठित अखबार में छपी खबर के अनुसार, दोनों विश्वविद्यालयों की संपत्ति और देनदारियों के बंटवारे पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही नए क्षेत्र निर्धारित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। यह बड़ा फैसला तब सामने आया जब मुख्यमंत्री मोहन यादव की एक नोटशीट संबंधित विभागों तक पहुंची।



इसमें लिखा है कि 09 मई को इस मामले की समीक्षा हो सकती है। यह मामला सिर्फ कुछ विभागों तक सीमित नहीं है। नगरीय विकास, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, वित्त, तकनीकी शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, कृषि को नोटिस भेजा है।



साथ ही एमपी उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा, गृह, विमानन और उद्योग समेत 17 विभागों में यह नोटशीट भेजी गई है। इससे प्रशासन में हलचल बढ़ गई है।



विभागों ने बजट और कार्य स्थिति का ब्यौरा भेजा

सभी विभागों से यह पूछा गया है कि 45 बिंदुओं पर अब तक कितनी प्रगति हुई है, जो ऊपर से तय किए गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई विभागों ने समय-सीमा, बजट और काम की स्थिति का पूरा ब्यौरा भेज दिया है।



अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार हो रहा है जब इस तरह की समन्वित समीक्षा की जा रही है। हालांकि, अगर मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते हैं, तो इस बैठक की तारीख आगे बढ़ सकती है।



स्कूलों को शिक्षा विभाग के तहत लाने की योजना

इसके अलावा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, श्रम, पंचायत और समाज कल्याण विभागों के स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत लाने की योजना बनाई जा रही है। इसे जल्दी ही मंजूरी मिल सकती है।



साथ ही, सांदीपनी स्कूलों में दोपहर की शिफ्ट में कॉलेज चलाने की भी योजना है। जिन कॉलेजों में इमारत तो हैं, लेकिन छात्र संख्या 25 से कम है, उन्हें बंद किया जा सकता है।



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