दिवाली से पहले हड़ताल पर गए एमपी के 1 लाख से ज्यादा सफाईकर्मी, बोले- मांगें नहीं मानीं तो काम पर नहीं लौटेंगे

Aman Vaishnav | Nov 05, 2026, 11:54 IST
दिवाली की खरीदारी के बीच मध्य प्रदेश में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए हैं और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन ठप हो गया है।
Massive garbage crisis in Madhya Pradesh markets ahead of Diwali as over one lakh sanitation workers launch indefinite strike over demands
दिवाली का त्योहार सिर पर है। पूरे प्रदेश के बाजारों में जबर्दस्त रौनक देखने को मिल रही है। लोग नए कपड़े, सजावट का सामान और मिठाइयां खरीदने के लिए उमड़ रहे हैं। पटाखों की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ लगी हुई है। जब बाजारों में इतनी चहल-पहल होती है, तो दुकानों और घरों से भारी मात्रा में कचरा निकलना बिल्कुल तय है।

वहीं इस बार त्योहार की इस खुशी के बीच एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश के 1 लाख से ज्यादा सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।



इस हड़ताल का असर बुधवार से ही दिखना शुरू हो गया था। भोपाल समेत कई शहरों में सफाई का काम ठप पड़ा रहा। गुरुवार को भी मोहल्लों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब लोगों के घरों से कचरा नहीं उठ पा रहा है।



सिरोंज में विधायक खुद सड़क पर उतरे

कचरा न उठने से सड़कों पर जगह-जगह ढेर लगने लगे हैं। विदिशा जिले के सिरोंज में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सड़कों पर हर तरफ कचरा फैल गया। त्योहार के समय आम लोगों को हो रही भारी परेशानी को देखकर वहां के विधायक उमाकांत शर्मा बुधवार रात को खुद हाथ में झाड़ू लेकर सड़क पर उतरे। इसके बाद करीब दो घंटे तक सफाई की।



राजधानी भोपाल में हड़ताल का असर

वहीं राजधानी भोपाल में हड़ताल का असर बहुत गहरा नजर आ रहा है। यहां 10 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी काम बंद करके हड़ताल में शामिल हो गए हैं। कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां शहर के गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। भोपाल के न्यू मार्केट जैसे व्यस्त इलाके में व्यापारियों ने खुद आगे आकर वॉलिंटियर्स की मदद से दुकानों के सामने सफाई कराई है।



व्यापारियों ने गुरुवार, 05 नवंबर को भी इसी तरह अपने स्तर पर सफाई करने की बात कही है। इसके साथ ही व्यापारियों ने सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन किया है और सरकार से अपील की है कि इनकी मांगें जल्द पूरी की जाएं।



सफाईकर्मियों की मुख्य मांगें

सफाईकर्मियों ने साफ कर दिया है कि वे इन चार मांगों के पूरा हुए बिना काम शुरू नहीं करेंगे...



  • सफाईकर्मियों को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
  • सेवा के दौरान पति या पत्नी की मृत्यु होने पर परिवार को अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता मिले।
  • सभी सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपए महीना तय किया जाए।
  • ठेका व्यवस्था को पूरी तरह बंद करके सभी सफाईकर्मियों को स्थायी किया जाए।

राजधानी में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था

राजधानी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप होने से हालात बिगड़ने लगे हैं। भोपाल शहर से रोजाना लगभग 850 टन कचरा निकलता है। नगर निगम की 400 से ज्यादा गाड़ियां दिन में दो से तीन बार कॉलोनियों के चक्कर लगाकर घर-घर से कचरा लाती हैं। इस कचरे को शहर के 17 अलग-अलग गार्बेज स्टेशनों पर जमा किया जाता है। इसके बाद बड़े कैप्सूल टैंकरों से आदमपुर छावनी निस्तारण केंद्र भेजा जाता है। हड़ताल होने की वजह से कचरा घरों से उठाने से लेकर प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने का पूरा चक्र रुक गया है।



अफसरों से बातचीत रही बेनतीजा

हड़ताल खत्म कराने के लिए यूनियन के नेताओं ने नगरीय प्रशासन विभाग (Urban Administration Department) के एसीएस संजय दुबे से मुलाकात की थी। दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।



अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि संगठन के सभी पदाधिकारियों ने मिलकर यह फैसला लिया है। यूनियन का कहना है कि प्रदेश के 16 नगर निगमों और 374 नगर परिषदों के 1 लाख से अधिक कर्मचारी इस हड़ताल में जुटे हैं। जब तक उनकी सभी मांगें मान नहीं ली जातीं, तब तक कोई भी कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेगा।



जहांगीराबाद चौराहे पर लगाया था जाम

यह गुस्सा अचानक नहीं भड़का है। हड़ताल शुरू करने से पहले मंगलवार को सफाईकर्मियों ने भोपाल की सड़कों पर प्रदर्शन किया था। वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। उनके मुताबिक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनका ज्ञापन लेने सामने नहीं आया।



अधिकारियों के इस रवैये से नाराज होकर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की तैयारी कर ली। हालांकि पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे पर मजबूत बैरिकेडिंग करके उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके विरोध में सफाईकर्मी करीब दो घंटे तक चौराहे पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे लंबा जाम लग गया। बाद में पुलिस-प्रशासन की समझाइश पर उन्होंने रास्ता खोला और फिर शाहजहांनी पार्क पहुंचकर अपना धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय मांग रहे हैं। अब तक कोई पक्का समाधान नहीं निकाला गया है।

Tags:
  • एमपी के सफाईकर्मी हड़ताल पर
  • विधायक उमाकांत शर्मा
  • सफाईकर्मी काम बंद करके हड़ताल में शामिल
  • नगरीय प्रशासन विभाग
  • Urban Administration Department
  • एसीएस संजय दुबे
  • भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव