एमपी के 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब मिलेगी ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश के 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों को जल्द मिलेगा बड़ा फायदा।
- संविदा नीति 2023 में ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान है।
- सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को 16 माह की ग्रेच्युटी मिलेगी।
- सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी।
- कर्मचारी संगठनों ने कहा, तीन साल से इंतजार क्यों कराया जा रहा है।
क्या है पूरी योजना
मध्यप्रदेश सरकार संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेने जा रही है। राज्य के करीब 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों को राहत मिलेगी। इन्हें अब ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिलेगा। यह लाभ संविदा नीति 2023 के तहत दिया जाएगा।
इसके लिए संबंधित विभाग अलग अलग आदेश जारी करेंगे। मध्यप्रदेश में लंबे समय से संविदा कर्मचारी नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मांग रहे हैं। इनमें ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति दोनों अहम मांगें हैं। सरकार ने 2023 में नई संविदा नीति बनाई थी। इसी नीति में इन दोनों सुविधाओं का प्रावधान जोड़ा गया था। अब इसे अमल में लाने की तैयारी है।
ग्रेच्युटी अनुकंपा का नियम
नीति के मुताबिक सेवानिवृत्ति के बाद मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारीको 16 माह की ग्रेच्युटी मिलेगी। यह राशि उनकी सेवा के बदले दी जाएगी। वहीं सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होगी तो उसके पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। यह प्रावधान तीन साल पहले बनी नीति में शामिल था। लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया था।
किन विभागों को फायदा
इस फैसले से प्रदेश के 54 विभागों को फायदा मिलेगा। इनमें करीब ढाई लाख संविदा कर्मचारी शामिल हैं। सबसे ज्यादा फायदा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को होगा। इस विभाग में करीब 50 हजार संविदा कर्मचारी (samvida karmi news) कार्यरत हैं। यह किसी एक विभाग में सबसे बड़ी संख्या है। बाकी विभागों में भी कर्मचारियों को राहत मिलेगी। हर विभाग को अपने स्तर पर आदेश जारी करना होगा। इसके बाद ही कर्मचारियों को लाभ मिल पाएगा। यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में शुरू हो सकती है।
क्यों अटका था लाभ
नीति 2023 में बनी थी, लेकिन आदेश अब तक जारी नहीं हुए। इस वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारी लाभ से वंचित रहे। विभागीय आदेश नहीं होने से पूरी प्रक्रिया अटकी रही। कर्मचारियों को न ग्रेच्युटी मिली, न अनुकंपा नियुक्ति।
इस देरी से कर्मचारियों (मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी) में गहरी नाराजगी है। कई बार कर्मचारी इसे लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं। अब जाकर विभाग आदेश जारी करने की तैयारी में हैं। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
संगठनों का सवाल
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि देरी की वजह साफ नहीं है। नीति बनने के बाद अमल में समय क्यों लगा, यह सवाल बना हुआ है। कर्मचारी लगातार विभागों से जवाब मांगते रहे हैं। कई जिलों में इसे लेकर ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। संगठनों ने सरकार से जल्द फैसला लागू करने की अपील की है।
कर्मचारी नेताओं का पक्ष
मध्यप्रदेश संविदा अधिकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नीति 2023 से ही लागू होनी चाहिए थी। तीन साल बीत गए, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। राठौर के मुताबिक जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त आदेश मिलने चाहिए थे। जिन विभागों ने नीति लागू नहीं की, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि तीन साल में हजारों samvida karmchariरिटायर हो गए। इनमें से कई को ग्रेच्युटी नहीं मिल पाई। इस दौरान मृत कर्मचारियों के परिवार भी अनुकंपा नियुक्ति से वंचित रहे। राठौर ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
मप्र संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नीति तीन साल पहले बनी थी। लेकिन इसे लागू न करना कर्मचारियों के हितों (samvida karmchari news mp) से खिलवाड़ है। उन्होंने भी जल्द आदेश जारी करने की मांग की है। भदौरिया के मुताबिक कर्मचारी अब और इंतजार नहीं करना चाहते।
FAQ
- सवाल 1: मध्यप्रदेश में संविदा कर्मचारियों को ग्रेच्युटी कब मिलेगी?
जवाब: संविदा नीति 2023 के तहत सेवानिवृत्ति पर 16 माह की ग्रेच्युटी का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित विभाग जल्द अलग अलग आदेश जारी करेंगे। आदेश जारी होने के बाद ही पात्र कर्मचारियों को यह राशि मिलेगी। अभी तक विभागों ने औपचारिक आदेश जारी नहीं किए हैं। - सवाल 2: मध्यप्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति का लाभ किसे मिलेगा?
जवाब: यदि किसी संविदा कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। यह प्रावधान भी संविदा नीति 2023 का हिस्सा है। इससे मृत कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहारा मिलेगा।
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