PPP मोड पर चलेगी एमपी की राज्य परिवहन बस योजना, निजी ऑपरेटर नाराज

Sanjay Dhiman | Mar 18, 2026, 17:54 IST
Photograph: (the sootr)
मध्यप्रदेश में 22 साल बाद राज्य परिवहन बसें PPP (Public Private Partnership) मोड पर अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली हैं। लेकिन निजी बस मालिकों ने इस योजना का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि परिवहन मंत्री भ्रामक बयान दे रहे हैं…

News in Short

  • मध्यप्रदेश में 22 साल से बंद राज्य परिवहन की बसें अप्रैल 2026 से फिर शुरू होने की तैयारी है।
  • सरकार PPP (Public Private Partnership) मोड पर इन बसों को चलाना चाहती है।
  • पहले चरण में इंदौर-उज्जैन संभाग से जुड़े रूटों पर बसें उतारी जाएंगी।
  • निजी बस मालिकों का कहना है कि राज्य परिवहन के पास खुद की एक भी बस नहीं है।
  • मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सीएम को पत्र लिखकर परिवहन मंत्री के बयानों को भ्रामक बताया है।

News in Detail

BHOPAL. मध्यप्रदेश में दो दशक से ज्यादा समय से सरकारी बसें बंद पड़ी हैं। अब सरकार ने इन्हें अप्रैल 2026 के अंत तक फिर से सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा है। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल ही सरकारी बस सेवा को अप्रैल 2026 से शुरू करने का ऐलान किया था। इसके लिए विभागीय तैयारियां पूरे जोर से चल रही हैं।



पहले चरण में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा। इन संभागों से जुड़े जिले भी धीरे-धीरे इस योजना में शामिल होंगे।



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PPP मोड क्या है और कैसे काम करेगा?

सरकार इन बसों को पीपीपी मॉडल (Public Private Partnership) यानी सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत चलाना चाहती है। इसमें निजी कंपनियां या बस मालिक सरकार के साथ मिलकर बसें संचालित करेंगे।



विभागीय सूत्रों का कहना है कि सभी ग्रामीण और शहरी मार्गों का सर्वे हो चुका है। यात्रियों के दबाव और बसों की जरूरत के हिसाब से रूट तय किए जा रहे हैं।



बसों में लाइव ट्रैकिंग और एआई (Artificial Intelligence) सिस्टम लगाए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। याद रहे कि 22 साल पहले अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के चलते ही राज्य परिवहन निगम की बसें बंद हो गई थीं।



बस मालिकों को क्यों है आपत्ति?

इस पूरी योजना पर निजी बस ऑपरेटर्स सहमत नहीं हैं। मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र लिखा है। इसमें परिवहन मंत्री के बयानों को भ्रामक और निराशाजनक बताया गया है।



पत्र में एसोसिएशन ने याद दिलाया कि 28 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में PPP mode की प्रस्तावित प्रक्रिया को स्थगित किया गया था। उसी के बाद बस मालिकों ने 2 मार्च 2026 को प्रस्तावित हड़ताल भी रोक दी थी।



अब बस मालिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद परिवहन मंत्री फिर से वही बातें कह रहे हैं जो पहले कही जा रही थीं।





(देखिए एसोसिएशन का पत्र )



परिवहन मंत्री के बयान पर क्या है एतराज?

एसोसिएशन ने एक अखबार में छपी खबर के कई बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं। पहला यह कि खबर में लिखा था कि 22 साल से बंद राज्य परिवहन की बसें अगले महीने से फिर सड़कों पर दौड़ेंगी। लेकिन बस मालिकों का तर्क है कि राज्य परिवहन के पास अपनी कोई भी बस नहीं है। और ना ही बस खरीदने की कोई योजना है।



दूसरा एतराज यह है कि सरकार जिन परिवहन कंपनियों से गुपचुप बातचीत कर रही है, उनके बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। बस मालिकों को डर है कि उन्हें किनारे कर किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी को यह काम सौंपा जा सकता है।



तीसरा सवाल यह है कि अगर सरकार की अपनी बसें ही नहीं चलेंगी, तो स्टाफ की व्यवस्था क्यों और कैसे की जा रही है।



परमिट धारक बस मालिकों का भविष्य क्या?

बस मालिकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनका भविष्य क्या होगा? जब राज्य परिवहन निगम घाटे में बंद हुआ था, उस वक्त कई नए लोगों को इस कारोबार में जोड़ा गया था। इनमें निगम के पुराने कर्मचारी भी शामिल थे।



इन सभी ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर बसें खरीदीं और परमिट लिए। अब अगर नई व्यवस्था में उन्हें जगह नहीं मिली तो उनके सामने जीने-मरने का सवाल खड़ा हो जाएगा।



एसोसिएशन की CM से मांग

मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से तीन मुख्य बातें मांगी हैं। पहली, परिवहन मंत्री के भ्रामक बयानों को रोका जाए। दूसरी, PPP मोड की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि पता चले कि किन कंपनियों से बातचीत हो रही है। तीसरी मांग यह है कि परिवहन विभाग की कमान किसी ऐसे व्यक्ति को दी जाए जो बस मालिकों की तकलीफ को समझे।



एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष संतोष पांडे, उपाध्यक्ष वीरेन्द्र साहू और महामंत्री जय कुमार जैन सहित पूरी एसोसिएशन अपनी मांग पर अडिग है।



फिलहाल यह विवाद और गहरा होता दिख रहा है। एक तरफ सरकार अप्रैल अंत तक सरकारी बस सेवाएं शुरू करने के लक्ष्य पर अडिग है। दूसरी तरफ निजी बस मालिकों के सवाल अभी तक अनुत्तरित हैं।



FAQ

  1. मध्यप्रदेश में सरकारी बस सेवा कब से शुरू होगी?
    परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह के अनुसार अप्रैल 2026 के अंत तक राज्य में सरकारी बस सेवा फिर से शुरू हो जाएगी। पहले चरण में इंदौर-उज्जैन संभाग से जुड़े रूटों पर सस्ते किराए पर बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल इस योजना का ऐलान किया था।
  2. निजी बस मालिक सरकार की इस योजना का विरोध क्यों कर रहे हैं?
    मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन का कहना है कि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि PPP मोड में किन कंपनियों को काम दिया जाएगा। बस मालिकों को डर है कि उन्हें किनारे कर किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी को यह काम सौंपा जा सकता है। इसके अलावा उनका यह भी कहना है कि परिवहन मंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं जो मुख्यमंत्री के आश्वासन के विपरीत हैं।


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