एक पेट्रोल पंप और आलीशान रिसॉर्ट के चक्कर में नागौद राजघराने में चली थी गोली
समझें क्या है पूरा मामला...
- सतना जिले की पारसमानिया गढ़ी किले में एक महिला को पेट में गोली मार दी गई।
- गोली लगने वाली महिला का नाम योगिता सिंह है, जो नागौद राजघराने के रूपेंद्र सिंह की पत्नी हैं।
- आरोपी रूपेंद्र सिंह की बिजनेस पार्टनर सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- इस झगड़े की वजह एक पेट्रोल पंप का मालिकाना हक और किले में बनने वाला रिसॉर्ट है।
- दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। इस खबर ने वाकई सबको चौंका दिया है। एक समय नागौद राजघराना अपनी शानो-शौकत के लिए मशहूर था।
वहीं अब इसी राजघराने के किले के भीतर गोलियों की गूंज सुनाई दी है। सालों से भीतर ही भीतर सुलग रहा पारिवारिक विवाद अब खून-खराबे और पुलिस थाने तक पहुंच चुका है।
कैसे शुरू हुआ पारिवारिक विवाद का मामला
बात है 11 जून की जब सतना जिले के उंचेहरा के पास बने पारसमानिया गढ़ी किले में अचानक चीख-पुकार मच गई। नागौद राजघराने के सदस्य रूपेंद्र सिंह (जिन्हें लोग बाबा राजा भी कहते हैं) की पत्नी योगिता सिंह को पेट में गोली लग गई।
आरोप सुनीता सिंह परिहार नाम की महिला पर लगा जिसने कथित तौर पर .22 बोर की राइफल से गोली चलाई। वहीं पुलिस ने सुनीता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
देखा जाए तो यह कहानी सिर्फ एक गोली चलने की नहीं है। योगिता सिंह के परिवार का कहना है कि सुनीता परिहार का रूपेंद्र सिंह के साथ बेहद करीबी रिश्ता है।
इसकी वजह से ही घर में कलह मची थी। वहीं दूसरी तरफ रूपेंद्र सिंह के लोगों का कहना है कि सुनीता केवल एक लंबे समय की बिजनेस पार्टनर और इन्वेस्टर हैं।
विवाद के तीन मुख्य कारण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पूरे झगड़े के पीछे तीन बड़ी वजहें सामने आ रही हैं, जिन्होंने इस पारिवारिक कलह को इतना बढ़ा दिया।
पेट्रोल पंप का संचालन
जिस पेट्रोल पंप को लेकर यह सारा विवाद खड़ा हुआ, उसका मालिकाना हक तो योगिता सिंह के पास ही था। वहीं, उस पेट्रोल पंप को कैसे चलाया जाए और उसका पूरा मैनेजमेंट कौन देखेगा? इस बात को लेकर दोनों पक्षों में भारी ठन गई थी। बीच में इस पेट्रोल पंप का काम बंद भी करना पड़ा था।
प्रस्तावित रिसॉर्ट प्रोजेक्ट
इसके अलावा ऐतिहासिक पारसमानिया गढ़ी किले के एक हिस्से को होटल या रिसॉर्ट में बदलने की तैयारी चल रही थी। इस बड़े प्रोजेक्ट में बिजनेस पार्टनर सुनीता परिहार ने काफी पैसे लगाए थे, जो योगिता सिंह को पसंद नहीं था।
शाही संपत्ति का उत्तराधिकारी
रूपेंद्र और योगिता के इकलौते बेटे पृथुदेव सिंह को ही इस घरेलू शाखा की पूरी संपत्ति का अगला वारिस माना जाता है। इसके बावजूद, माता-पिता की आपसी कड़वाहट की वजह से उसका भविष्य भी इस विवाद के बीच में फंस गया था।
पति-पत्नी के बीच दरार और कोर्ट-कचहरी का चक्कर
बता दें कि रूपेंद्र सिंह और योगिता सिंह की शादी साल 2000 में हुई थी। योगिता राजस्थान के उदयपुर के एक बड़े परिवार से आती हैं। वह पारसमानिया पंचायत की सरपंच भी रह चुकी हैं। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते खराब होते गए।
साल 2024 आते-आते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों कानूनी रूप से अलग होने की राह पर चल पड़े। रूपेंद्र सिंह ने कोर्ट में अलग होने का केस दायर कर दिया और योगिता भी उनसे अलग रहने लगी थीं।
किले के भीतर उस दिन क्या-क्या हुआ?
11 जून को जो कुछ भी हुआ, उसको लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी कहानियां हैं।
रूपेंद्र सिंह का आरोप
रूपेन्द्र सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके साले नागेंद्र सिंह राठौर और दो अन्य लोगों ने उन पर हमला किया। रूपेंद्र के मुताबिक उन लोगों ने कांच के टुकड़ों, झूमर के हिस्से और स्टील की बोतल से उन्हें मारा-पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
योगिता सिंह का आरोप
वहीं दूसरी और उनकी तरफ से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि इस पूरे टकराव के दौरान उन पर जानबूझकर गोली चलाई गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
बेटे के हक को लेकर भी थी चिंता
राजघराने से जुड़े लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के रिश्ते भी खराब हो चुके थे। वहीं दोनों का ध्यान अपने बेटे पृथुदेव के भविष्य पर ही था। कुछ समय पहले जयपुर में एक पारिवारिक कार्यक्रम हुआ था।
इसी दौरान रूपेंद्र सिंह ने साफ किया था कि भले ही वह योगिता के साथ नहीं रह सकते, लेकिन बेटे को उसकी पूरी जायदाद और विरासत जरूर मिलेगी। वहीं, इस आश्वासन के बाद भी आपसी मतभेद कम नहीं हुए।
योगिता सिंह के मायके वालों का सीधा आरोप है कि यह सिर्फ पैसों या बिजनेस का झगड़ा नहीं है। किले के कामों में बाहरी महिला (सुनीता परिहार) का दखल और उसकी मौजूदगी ही इस पूरे विवाद की असली जड़ है।
पुलिस का क्या कहना है?
एएसपी प्रेम लाल कुरवे ने बताया कि पुलिस इस मामले में बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक प्रभाव और बिजनेस से जुड़े जितने भी आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, पुलिस उन सभी की जांच करेगी। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान गोलीबारी की इस खतरनाक घटना की तह तक जाने पर है।
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