MP शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट में दायर की कैविएट, 28 से 30 जून के बीच होंगे तबादले
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादला आदेश जारी करने से पहले हाईकोर्ट में कैविएट दायर कर दी है। विभाग को डर है कि तबादलों के बाद कर्मचारी कोर्ट जा सकते हैं। 28 से 30 जून 2026 के बीच प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादला आदेश जारी होंगे। संयुक्त संचालक, प्राचार्य और अन्य अधिकारियों के तबादले पहले ही हो चुके हैं। एक निलंबित अफसर को उच्च पद का प्रभार देने पर अब सवाल उठ रहे हैं।
तबादलों से पहले कोर्ट में पेशबंदी
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार तबादला प्रक्रिया को नई तरकीब से आगे बढ़ाया है। आदेश जारी होने से पहले ही हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि विभाग को आशंका है कि तबादला आदेशों के बाद कई कर्मचारी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने 25 जून को इस बारे में आधिकारिक सूचना जारी की। विभागीय स्थानांतरण नीति-2026 के तहत सभी प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादला आदेश 28 से 30 जून के बीच जारी किए जाएंगे।
शिक्षकों के विरोध के बावजूद प्रक्रिया जारी
प्रदेशभर में शिक्षकों के एक बड़े वर्ग ने स्वैच्छिक तबादला नीति का विरोध किया था। धरने-प्रदर्शन हुए, ज्ञापन दिए गए। लेकिन विभाग ने प्रक्रिया नहीं रोकी। 24 जून तक ऑनलाइन स्वैच्छिक तबादला आवेदन मांगे गए। अब उन आवेदनों के आधार पर भी जल्द सूची जारी होगी।
संयुक्त संचालकों के तबादले
स्कूल शिक्षा विभाग ने संयुक्त संचालक स्तर के कई अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। अरविंद सिंह को ग्वालियर से हटाकर लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में पदस्थ किया गया है। महेश पांडवा को छिंदवाड़ा के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से जबलपुर में प्रभारी संयुक्त संचालक (विधि प्रकोष्ठ) बनाया गया है।
अरुण इगले जबलपुर से नर्मदापुरम भेजे गए हैं। घनश्याम सोनी को जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी से प्रभारी संयुक्त संचालक जबलपुर बनाया गया है। मोनिका पटेल रायसेन से बालाघाट और आरती सिंह परिहार पन्ना से रीवा भेजी गई हैं।
इसके अलावा हरिओम चतुर्वेदी को ग्वालियर में प्रभारी संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी दी गई है।
10 प्राचार्यों के भी तबादले
विभाग ने 10 प्राचार्यों के तबादला आदेश भी एक साथ जारी किए हैं। कई सहायक संचालकों को जिला परियोजना समन्वयक बनाया जा चुका है। कई प्राचार्यों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदों पर पदस्थ किया गया है।
कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों के तबादले इससे पहले ही हो चुके हैं। इस तरह पूरे प्रदेश में शिक्षा प्रशासन में एक साथ बड़ा फेरबदल हो रहा है।
सस्पेंड अफसर को बड़ा पद, उठ रहे सवाल
तबादला सूची पर कुछ गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं। ग्वालियर में जिला शिक्षा अधिकारी रहते हुए जिस अफसर को आयुक्त कार्यालय ने पहले निलंबित किया था, उसे अब प्रभारी संयुक्त संचालक ग्वालियर बना दिया गया है। यह पदोन्नति नहीं, बल्कि उच्च पद का प्रभार है।
जबलपुर में प्रभारी संयुक्त संचालक बनाए गए घनश्याम सोनी के खिलाफ विभागीय जांच अभी भी लंबित बताई जा रही है। इन नियुक्तियों को लेकर विभाग में असंतोष है।
अब आगे क्या?
28 से 30 जून के बीच तबादला आदेश जारी होते ही प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों और अधिकारियों की पोस्टिंग तय हो जाएगी। जिन कर्मचारियों को आदेश पसंद नहीं आएंगे, वे कोर्ट जा सकते हैं। लेकिन कैविएट की वजह से अब बिना विभाग का पक्ष सुने कोई स्टे नहीं मिलेगा। इस बार सरकार ने कानूनी और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर पहले से तैयारी कर ली है।
क्या होता है कैविएट दायर करना
सरकारी विभाग द्वारा कैविएट (Caveat) दायर करने का सीधा सा मतलब "अदालत को दी गई अग्रिम चेतावनी" है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मामले में अदालत विभाग का पक्ष सुने बिना कोई एकतरफा फैसला या स्थगन आदेश (Stay Order) न दे।
इसे और अधिक स्पष्ट रूप से समझने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को देखें:
अर्थ (Meaning): लैटिन में 'कैविएट' का अर्थ है "सावधान रहें"। यदि कोई व्यक्ति या कंपनी विभाग के किसी फैसले या संपत्ति के खिलाफ कोर्ट में जाता है, तो कैविएट कोर्ट को बताती है कि कोई भी आदेश देने से पहले विभाग को नोटिस भेजा जाए।
एकतरफा आदेशों से बचाव: सरकारी विभागों द्वारा इसे तब दायर किया जाता है, जब उन्हें अंदेशा होता है कि कोई व्यक्ति या कर्मचारी कोर्ट जाकर उनके काम (जैसे तोड़फोड़, टेंडर रद्द करने, तबादले या जमीन अधिग्रहण) पर अचानक रोक (Stay) लगवा सकता है।
FAQ
- कैविएट दायर करने से क्या होगा?
कैविएट दायर होने के बाद यदि कोई कर्मचारी हाईकोर्ट में याचिका लगाता है तो अदालत पहले विभाग का पक्ष सुनेगी। बिना विभाग को सुने कोई एकतरफा स्टे नहीं दिया जा सकेगा। इससे तबादला प्रक्रिया बिना रुकावट आगे बढ़ सकेगी। - तबादला आदेश कब जारी होंगे?
विभागीय स्थानांतरण नीति-2026 के तहत सभी प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादला आदेश 28 से 30 जून 2026 के बीच जारी किए जाएंगे। 24 जून तक मिले ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर स्वैच्छिक तबादलों की सूची भी इसी दौरान आएगी।
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