राज्य शिक्षा केंद्र में अटकी प्री-बिड, 350 करोड़ की गणवेश टेंडर प्रक्रिया पर ब्रेक
समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकारी स्कूलों का नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है।
- गणवेश योजना की टेंडर प्रक्रिया अब भी लंबित है।
- प्री-बिड की तकनीकी शंकाओं का निराकरण नहीं हुआ।
- 52 लाख विद्यार्थियों के लिए गणवेश तैयार होनी हैं।
- देरी से समय पर वितरण की संभावना प्रभावित हुई।
'द सूत्र' ने की पड़ताल
एमपी के सरकारी स्कूलों में नया सत्र शुरू हो चुका है। लेकिन 350 करोड़ रुपए की गणवेश योजना की टेंडर प्रक्रिया अभी राज्य शिक्षा केंद्र (आरएसके) में ही अटकी हुई है। 'द सूत्र' की पड़ताल में सामने आया है कि प्री-बिड से जुड़ी तकनीकी आपत्तियों और क्वेरियों (शंका) का निराकरण लंबित होने से दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सके हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब टेंडर प्रक्रिया ही समय पर आगे नहीं बढ़ रही, तो 52 लाख विद्यार्थियों तक गणवेश आखिर कब पहुंचेगी?
राज्य शिक्षा केंद्र में लंबित हैं प्री-बिड की तकनीकी शंकाएं।
प्री-बिड दस्तावेज अभी तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सके।
350 करोड़ की गणवेश योजना की प्रक्रिया प्रभावित।
52 लाख विद्यार्थियों के लिए 1.40 करोड़ गणवेश तैयार होना है।
प्रक्रिया में देरी से समय पर वितरण पर सवाल।
प्री-बिड पर अटका पूरा मामला
'द सूत्र' की पड़ताल में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी है। प्री-बिड बैठक के बाद कंपनियों और अन्य पक्षों ने कई तकनीकी क्वेरियां उठाई हैं। इन्हीं आपत्तियों के परीक्षण के कारण प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है।
राज्य शिक्षा केंद्र से मंजूरी का इंतजार
सूत्रों के अनुसार सभी तकनीकी बिंदुओं का परीक्षण और निराकरण फिलहाल राज्य शिक्षा केंद्र में लंबित है। जब तक वहां से प्री-बिड प्रक्रिया को स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं कर सकेगा। इसके बाद ही टेंडर अगले चरण में प्रवेश करेगा।
समय पर गणवेश मिलने पर उठे सवाल
प्रदेश में पहली से आठवीं तक के करीब 52 लाख विद्यार्थियों को दो-दो सेट गणवेश उपलब्ध कराई जानी है। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में जारी देरी को देखते हुए समय पर वितरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय स्तर पर भी माना जा रहा है कि उत्पादन और आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया में अभी पर्याप्त समय लगेगा।
पाठ्यपुस्तक निगम का ये है कहना
मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के महाप्रबंधक संजीव त्यागी का कहना है कि गणवेश आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी है। आवश्यक तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर को अंतिम रूप देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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