ड्रग फ्री जोन होगा स्कूल-कॉलेज का 500 मीटर दायरा, डीजीपी ने दिए निर्देश
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग फ्री जोन किया जाएगा।
- राज्य में लगभग एक लाख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
- प्रदेश को अगले तीन सालों में पूरी तरह से ड्रग फ्री बनाने का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
- नशे के खिलाफ पूरे प्रदेश में 15 से 31 जुलाई तक एक अभियान चलाया जाएगा।
- पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सेहत के लिए हर महीने एक समीक्षा की जाएगी।
MP में एक लाख AI कैमरों का जाल
मध्यप्रदेश पुलिस अब तकनीक की मदद से अपराध पर लगाम लगाने की तैयारी में है। पुलिस मुख्यालय में दो दिन की जोनल त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता डीजीपी कैलाश मकवाना ने की।
बैठक में तय हुआ कि सेफगार्ड योजना के तहत लगभग एक लाख CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस होंगे। इन्हें सेफ सिटी, टेलीकॉम नेटवर्क और थानों से जोड़ा जाएगा।
महिला सुरक्षा और ट्रैफिक पर भी नजर
DGP मकवाना ने कहा कि AI आधारित कैमरे सिर्फ अपराध रोकने के लिए नहीं होंगे। इनसे महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
सभी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए एक केंद्रीय निगरानी व्यवस्था तैयार की जाएगी।
पुलिसकर्मियों की सेहत का भी ख्याल
इस बैठक में एक नई और अहम पहल की भी घोषणा हुई। पहली बार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था लागू होगी।
हर जिले में SP हर महीने सिविल सर्जन के साथ बैठक करेंगे। इसमें स्वास्थ्य संबंधी मामलों की समीक्षा होगी। चिन्हित अस्पतालों के साथ MOU कर इलाज प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
तीन साल में ड्रग फ्री बनेगा MP
DGP ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। अगले तीन साल में मध्यप्रदेश को पूरी तरह ड्रग फ्री बनाना है।
इसकी शुरुआत 15 जुलाई से होगी। 15 से 31 जुलाई तक पूरे प्रदेश में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में स्कूल, कॉलेज और युवाओं को खास तौर पर जोड़ा जाएगा।
स्कूलों के पास नशे पर सख्त पाबंदी
बच्चों को नशे से बचाने के लिए एक ठोस कदम उठाया गया है। स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग फ्री जोन घोषित किया जाएगा। यह काम चरणबद्ध तरीके से होगा।
इन जोन में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस इन इलाकों में विशेष निगरानी रखेगी।
53 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के नतीजे भी सामने आए हैं। बैठक में बताया गया कि पिछले छह महीनों में NDPS Act के 10 बड़े मामलों में कार्रवाई हुई है। इन मामलों में लगभग 53 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज की गई है।
यह आंकड़ा बताता है कि MP में नशे का कारोबार कितना बड़ा है। साथ ही यह भी दिखाता है कि पुलिस इस पर कितनी सख्ती से काम कर रही है।
AI और इंसानी निगरानी का मेल
एमपी पुलिस का यह पूरा प्लान तकनीक और इंसानी जागरूकता दोनों पर टिका है। एक तरफ एक लाख AI कैमरे अपराधियों पर नजर रखेंगे। दूसरी तरफ जागरूकता अभियान से लोगों को नशे से दूर किया जाएगा।
FAQ
- सेफगार्ड योजना क्या है?
सेफगार्ड योजना मध्यप्रदेश पुलिस की एक सुरक्षा पहल है। इसके तहत AI आधारित CCTV कैमरों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसका मकसद अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में सुधार लाना है। - MP को ड्रग फ्री बनाने का लक्ष्य कब तक है?
DGP कैलाश मकवाणा ने अगले तीन साल में MP को ड्रग फ्री बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 15 से 31 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जाएगा। स्कूल-कॉलेज के 500 मीटर दायरे को ड्रग फ्री जोन भी बनाया जाएगा।
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