MP में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की चमकेगी किस्मत? शुरू होने जा रही शिक्षा घर योजना

Anjali Dwivedi | May 21, 2026, 16:27 IST
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा घर योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को दोबारा स्कूल से जोड़ा जाएगा। साथ ही अब सिलेबस में सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी शामिल होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा घर योजना शुरू करने जा रही है।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को मंजूरी दे दी है।
  • कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
  • स्कूली कोर्स में अब सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को शामिल किया जाएगा।
  • जर्जर स्कूल भवनों को ठीक करने और मरम्मत के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार उन बच्चों को दोबारा स्कूल बुलाने की तैयारी में जुट गई है। जिन बच्चों ने किसी वजह से बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक नई और खास योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना का नाम शिक्षा घर योजना रखा गया है। सरकार का यह फैसला राज्य के शिक्षा स्तर को काफी बेहतर बनाएगा।



मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की एक बहुत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ था। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग के काम और नई योजनाओं पर चर्चा की। इसके बाद ही इस नई योजना को लागू करने का रास्ता साफ हुआ।



किन बच्चों को मिलेगा योजना का सीधा फायदा?

इस योजना का मुख्य फोकस उन बच्चों पर है जो स्कूल से दूर हो गए। खासकर कक्षा 8 या उससे आगे की पढ़ाई के दौरान जो बच्चे फेल हो गए थे। परीक्षा में फेल होने के बाद अक्सर बच्चे अपनी आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं।



ऐसे सभी किशोर-किशोरियों को सरकार फिर से स्कूल लाने का काम करने वाली है। युवाओं को भी इस योजना के जरिए दोबारा अपनी शिक्षा पूरी करने का अवसर मिलेगा। सरकार उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना चाहती है।



इस बड़े कदम से राज्य में ड्रॉपआउट रेट यानी पढ़ाई छोड़ने की दर कम होगी। बच्चे दोबारा अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करके जीवन में आगे बढ़ सकेंगे। सरकार इसी सत्र से इस योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है।



सीएम मोहन यादव ने क्या कहा

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा को लेकर एक और बड़ा निर्देश दिया। अब प्रदेश के स्कूली बच्चे देश के महान शासकों के बारे में पढ़ेंगे। कोर्स में सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को शामिल किया जाएगा।



मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। उनका मानना है कि बच्चों को अपने गौरवशाली इतिहास की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इससे बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।



इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पुरानी घोषणाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर काम के लिए एक समय तय होना चाहिए। काम में किसी भी तरह की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



जर्जर स्कूलों की सूरत बदलने के कड़े निर्देश

इस बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी स्कूल भवनों की स्थिति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने जर्जर हो चुके स्कूलों पर गहरी चिंता जताई।



उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि जर्जर स्कूलों की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं होगा। बेहतर स्कूल और अच्छी सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।



सीएम ने मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की 14 पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा। इन सभी पुरानी योजनाओं (सरकारी योजना) को और बेहतर तरीके से चलाने के निर्देश दिए गए। ताकि हर गरीब बच्चे तक पढ़ाई का पूरा लाभ आसानी से पहुंच सके।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई शिक्षा घर योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मध्य प्रदेश सरकार की शिक्षा घर योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को कम करना है। इस योजना के माध्यम से सरकार उन बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ना चाहती है, जिन्होंने किसी कारणवश या परीक्षा में फेल होने के बाद अपनी पढ़ाई बीच में ही अधूरी छोड़ दी थी।
  2. शिक्षा घर योजना का लाभ मध्य प्रदेश के किन छात्रों को और कैसे मिलेगा?
    इस योजना का सीधा लाभ उन किशोर-किशोरियों और युवाओं को मिलेगा जिन्होंने कक्षा 8 या उसके आगे की पढ़ाई के दौरान स्कूल छोड़ दिया था। स्कूल शिक्षा विभाग इसी सत्र से इस योजना को लागू करने जा रहा है, जिसके तहत इन बच्चों को दोबारा दाखिला देकर शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा।
  3. स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सिलेबस को लेकर क्या निर्देश दिए?
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश के स्कूली सिलेबस में महान शासक सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को शामिल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को कहा ताकि छात्र अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से रूबरू हो सकें।

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