एमपी में श्रीराम वन गमन पथ का होगा विस्तार, जुड़ेंगे 10 नए ऐतिहासिक स्थल
मध्य प्रदेश से गुजरने वाले श्रीराम वन गमन पथ में अब 10 नए स्थल और जोड़े जाएंगे। इनमें वे स्थान भी शामिल हैं जहां श्रीराम अयोध्या के राजा बनने के बाद गए थे या उन्होंने तीर्थ दर्शन किए थे।
श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास के प्रबंध न्यासी और शोधकर्ता डॉ. रामअवतार का कहना है कि, अब तक इस पथ पर 25 स्थान चिह्नित किए जा चुके हैं। इन 10 नए स्थानों के जुड़ने से इनकी संख्या 35 हो जाएगी।
शोध करवा रही प्रदेश सरकार
साथ ही रामअवतार का कहना है कि मध्यप्रदेश सरकार अभी केवल भगवान श्रीराम के पथ से जुड़े स्थलों पर शोध करवा रही है। इस पर काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम वन गमन पथ में कुछ बदलाव किए। कई स्थलों को हटा दिया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार ने भी कुछ बदलाव किए थे लेकिन बाद में उन्होंने इसे सही कर लिया था।
48 साल से शोध कर रहे डॉ. रामअवतार
आपको बता दें कि डॉ. रामअवतार रामायण परिपथ, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कई देशों में भगवान श्रीराम की यात्राओं पर शोध पत्र पेश किए हैं। डॉ. रामअवतार 48 साल से श्रीराम वन गमन पथ पर शोध कर रहे हैं। इस काम को भारत सरकार ने भी मान्यता दी है।
इन स्थलों की चल रही खोज
Here’s the information in pointers:
- तैमूर पहाड़ से 15-20 किमी दूर, दक्षिण में स्थित।
- मार्कंडेय आश्रम के पास होने की संभावना।
- माना जाता है कि श्रीराम ने वनवास के दौरान कहेंदुआ राक्षस का वध किया था।
- तैमूर पहाड़ से 15-20 किमी दूर, दक्षिण में स्थित।
- मार्कंडेय आश्रम के पास होने की संभावना।
- माना जाता है कि श्रीराम ने वनवास के दौरान कहेंदुआ राक्षस का वध किया था।
- श्रीराम यहां रुके थे।
- यहां एक स्थल की तलाश की जा रही है।
- श्रीराम यहां रुके थे।
- यहां एक स्थल की तलाश की जा रही है।
- एक तीर्थमय पहाड़ है।
- इसकी खोज की जा रही है।
- एक तीर्थमय पहाड़ है।
- इसकी खोज की जा रही है।
- भगवान श्रीराम कुछ दिन रुके थे।
- इन स्थानों की भी तलाश की जा रही है।
- भगवान श्रीराम कुछ दिन रुके थे।
- इन स्थानों की भी तलाश की जा रही है।
अभी तक 25 स्थलों किया चिह्नित
सतना: चित्रकूट में स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, अत्रि आश्रम, शरभंग आश्रम, अश्वमुनि आश्रम, सिलहा गांव में सुतीक्ष्ण आश्रम, सिद्धा पहाड़, रक्सेला गांव में सीता रसोई और रामसेल शामिल हैं।
पन्ना: पहाड़ी खेरा गांव में बृहस्पति कुंड, सारंगधर गांव में सुतीक्ष्ण आश्रम, बड़े गांव में अग्निजिह्वा आश्रम और सलेहा में अगस्त्य आश्रम हैं।
मैहर: राम जानकी मंदिर, कटनी जिले के भरभरा में शिव मंदिर, जबलपुर जिले में पिपरिया के पास रामघाट हैं।
नर्मदापुरम: पासी घाट और माच्छा के राम मंदिर
बालाघाट: जिले में राम पायली
मंडला: सीता रपटन
उमरिया: राम मंदिर, दशरथ घाट और मार्कंडेय आश्रम
शहडोल: गंधिया में सीतामढ़ी
अनूपपुर: कनवाई में स्थित सीतामढ़ी भी चिह्नित किए गए हैं।
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