किसान भाइयों ध्यान दें! भावांतर के लिए तीन अक्टूबर से होगा सोयाबीन का पंजीयन, खाते में एक रुपए भेजकर होगा सत्यापन
मध्य प्रदेश भावांतर योजना (MP Bhavantar Yojana) में इस बार 7 से 10 लाख किसानों के पंजीयन का अनुमान है। पंजीयन से पहले बैंक खाते और दस्तावेजों की जांच जरूरी है। बता दें कि भावांतर पंजीयन 2026 के लिए सिर्फ 15 दिन मिलेंगे।
खाते में एक रुपया क्यों भेजा जाएगा
भुगतान प्रक्रिया की टेस्टिंग के लिए पंजीयन के दौरान ही किसान के खाते में एक रुपए भेजे जाएंगे। यानी बैंक खाता सही है या नहीं, यह पहले ही जांच लिया जाएगा। इसके बाद ही भुगतान के लिए खाते का सत्यापन माना जाएगा।
यह एक तरह की पहले से जांच है। खाता नंबर या आईएफएससी कोड गलत हुआ तो आगे भुगतान अटक सकता है। इसीलिए पहले ही यह कदम उठाया जा रहा है।
क्या है भावांतर योजना
भावांतर योजना कीमत गिरने पर सुरक्षा देने वाली व्यवस्था है। सोयाबीन किसान इसे अपने लिए कवच मानते हैं। पंजीयन कराने वाले किसान ही इसके दायरे में आते हैं। इसलिए भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) का लाभ लेने के लिए पंजीयन सबसे पहली शर्त है।
पिछले साल कितने किसान जुड़े थे
वर्ष 2025-26 में भावांतर योजना के तहत साथ लाख 10 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 16 लाख 95 हजार टन सोयाबीन खरीदा गया था। किसानों को 1476 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।
इस साल 07 से 10 लाख किसानों के पंजीयन का अनुमान है। करीब 20 लाख टन सोयाबीन खरीदी का भी अनुमान है। पिछले साल की खरीदी से यह करीब 18 फीसदी ज्यादा है।
पिछले साल भी यही तारीखें थीं
साल 2025 में भी सोयाबीन भावांतर पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक तय हुआ था। पंजीयन बंद होने के सात दिन बाद मंडी में बिक्री की अवधि शुरू हुई थी। वह अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक थी। यानी पंजीयन के बाद बिक्री शुरू होने में कुछ दिन का फासला रहा था।
सोयाबीन का MSP भी बढ़ा
सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP यानी सरकार का तय किया न्यूनतम भाव) 2026-27 के लिए पांच हजार 708 रुपए प्रति क्विंटल है। पिछले साल यह पांच हजार 328 रुपए था। इस बार किसानों को 380 रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा MSP मिलेगा। यह करीब सात फीसदी की बढ़ोतरी है। सोयाबीन किसान की नजर अब सिर्फ मंडी भाव पर नहीं, पंजीयन पर भी रहेगी।
कहां और कैसे होगा पंजीयन
निशुल्क पंजीयन इन जगहों पर होगा
ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के सुविधा केंद्र
तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र
सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं के केंद्र
शुल्क देकर पंजीयन यहां भी हो सकेगा
एमपी ऑनलाइन
सीएससी कियोस्क
लोक सेवा केंद्र
निजी साइबर कैफे
इन जगहों पर अधिकतम 50 रुपए शुल्क देना होगा।
सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसान
सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों में होगा। राजस्व विभाग इनका 100 फीसदी सत्यापन करेगा। यानी इन किसानों को अलग प्रक्रिया से गुजरना होगा।
पंजीयन से पहले क्या जांच लें
सोयाबीन पंजीयन से पहले किसान ये काम निपटा लें
बैंक खाते को आधार से लिंक कराएं।
बैंक खाते में एक्टिव मोबाइल नंबर जुड़ा हो।
मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जिला, तहसील या डाकघर के आधार केंद्र पर जाएं।
पंजीयन के दौरान भूमि के दस्तावेज, आधार कार्ड और आईएफएससी कोड सही दर्ज कराएं।