संकट में MP के सोयाबीन प्रोसेसर्स, आधी से भी कम रह गई सोया खली की विदेशी मांग

Aman Vaishnav | Aug 24, 2026, 12:25 IST
MP के सोयाबीन प्रोसेसर्स
मध्य प्रदेश के सोयाबीन प्रोसेसर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। SOPA की रिपोर्ट के मुताबिक सोया खली का निर्यात 43% गिरकर 9.72 लाख टन रह गया है। SOPA का अनुमान है कि पूरे साल में कुल निर्यात घटकर लगभग आधा यानी 10 लाख टन रह जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश के सोयाबीन प्रोसेसर इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
  • सोपा के अनुसार सोया खली का निर्यात 43% गिर गया है।
  • चालू तेल वर्ष में यह घटकर 9.72 लाख टन रह गया, जो पिछले साल 17.08 लाख टन था।
  • जुलाई में सिर्फ 0.25 लाख टन खली निर्यात हुई।
  • घरेलू मांग स्थिर है, लेकिन विदेशी बाजार में मांग कमजोर पड़ी है।

निर्यात में बड़ी गिरावट

सोपा (SOPA – सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) की ताजा रिपोर्ट सोयाबीन उद्योग के लिए चिंता की खबर लेकर आई है। चालू तेल वर्ष अक्टूबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच भारत से सोया खली का निर्यात 43% गिर गया।



यह घटकर सिर्फ 9.72 लाख टन रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 17.08 लाख टन था।



अकेले जुलाई महीने की बात करें तो गिरावट और साफ दिखती है। इस साल जुलाई में केवल 0.25 लाख टन सोया खली निर्यात हुई।



पिछले साल जुलाई में यह आंकड़ा 1.48 लाख टन था। जून में भी निर्यात 0.97 लाख टन से घटकर 0.25 लाख टन रह गया।



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पेराई और उत्पादन भी घटा

निर्यात के साथ सोयाबीन की पेराई में भी कमी आई है। इस साल अब तक 89.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई (सोयाबीन फसल) हुई। पिछले साल यह 96.00 लाख टन थी। इसका सीधा असर सोया खली के उत्पादन पर पड़ा है।



सोया खली का कुल उत्पादन 70.62 लाख टन रहा। पिछले साल यह आंकड़ा 75.75 लाख टन था। यानी उत्पादन में भी गिरावट दर्ज हुई है।



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घरेलू मांग फिर भी मजबूत

निर्यात कमजोर होने के बावजूद घरेलू बाजार में मांग बनी हुई है। पोल्ट्री और फीड उद्योग में खपत 53.00 लाख टन रही। पिछले साल यह 52.00 लाख टन थी। यानी घरेलू खपत में मामूली बढ़त हुई है।



खाद्य उद्योग में भी खपत बढ़ी है। इस साल फूड यूज खपत 7.40 लाख टन रही। पिछले साल यह 6.85 लाख टन थी। इससे साफ है कि घरेलू मांग स्थिर बनी हुई है।



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सोपा का बयान

सोपा के कार्यकारी निदेशक डी. एन. पाठक ने इस गिरावट पर प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार निर्यात कमजोर रहने से सोया खली की कुल मांग में नरमी आई है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू मांग स्थिर बनी हुई है। यह उद्योग के लिए थोड़ी राहत की बात है।



पूरे साल का अनुमान चिंताजनक

सोपा ने पूरे तेल वर्ष 2025-26 के लिए भी अनुमान जारी किया है। सितंबर तक कुल निर्यात केवल 10 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले साल 2024-25 में यह आंकड़ा 20.23 लाख टन था। यानी इस साल निर्यात आधे से भी कम रहने की आशंका है।



सोयाबीन क्रशिंग (सोयाबीन की फसल) का अनुमान भी जारी किया गया है। पूरे साल के अंत तक कुल क्रशिंग 104.50 लाख टन रहने की उम्मीद है। वहीं सोया खली उत्पादन 82.46 लाख टन तक पहुंच सकता है।



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आंकड़े अभी अनंतिम

सोपा ने साफ किया है कि जुलाई के आंकड़े अभी अनंतिम हैं। सरकारी आंकड़े आने के बाद इनमें बदलाव हो सकता है।



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