सीएम डॉ. मोहन यादव बोले स्पेशल पीएससी जनवरी-फरवरी में होगी, 85 हजार पदों पर होंगी नियुक्तियां

Sanjay Gupta | Oct 20, 2026, 15:32 IST
मध्य प्रदेश में नौकरियों की बहार।
INDORE. दशहरे के मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 20 अक्टूबर को इंदौर पहुंचे थे। यहां उन्होंने शस्त्र पूजन किया और पुलिस विभाग के अच्छे कामों की तारीफ की। साथ ही इंदौर पुलिस को 50 स्पेशल बाइक की सौगात भी दी। इस दौरान सीएम ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भी बड़ी बात कही।
CM Dr Mohan Yadav announced special PSC examination youth Madhya Pradesh held January-February, along recruitment 85,000 posts. includes recruitment 18,500 personnel police force.

सबसे अहम घोषणा स्पेशल पीएससी परीक्षा को लेकर रही। सीएम ने यह भी बताया कि यह परीक्षा कब तक कराई जा सकती है।



स्पेशल पीएससी जनवरी-फरवरी में

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाला साल युवाओं के लिए खास होगा। सरकार अगले साल युवा वर्ष मनाएगी। इसी दौरान जनवरी-फरवरी में स्पेशल पीएससी परीक्षा कराने की तैयारी है। सीएम ने कहा कि सरकार सभी खाली पदों पर भर्ती करेगी, ताकि कोई भी पद खाली न रहे।



85 हजार पदों पर होगी नियुक्ति

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार पदोन्नति और नई भर्तियों पर बराबर ध्यान दे रही है। पुलिस विभाग में 18 हजार 500 पदों पर भर्ती का फैसला लिया गया है। अगले दो साल में 22 हजार 500 खाली पद भी भरे जाएंगे। इसके अलावा 85 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सीएम ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी पद खाली न रहे।



दो पीएससी होंगी साल 2027 में

आमतौर पर हर साल राज्य सेवा की एक परीक्षा होती है। इसके लिए दिसंबर में भर्ती का विज्ञापन जारी होता है। फिर फरवरी-मार्च में प्री परीक्षा होती है। जुलाई-अगस्त में मेंस और अक्टूबर-नवंबर में इंटरव्यू होते हैं। दिसंबर तक रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य रहता है। हालांकि कानूनी अड़चनों के कारण अक्सर देरी हो जाती है। ऐसे में पूरी भर्ती प्रक्रिया में करीब डेढ़ साल लग जाता है।



अब सीएम की घोषणा के बाद एक नया सवाल खड़ा हो गया है। पहले स्पेशल पीएससी होगी या नियमित पीएससी की परीक्षा होगी? जानकारों का कहना है कि स्पेशल पीएससी कराने में समय लग सकता है। इसके लिए सभी विभागों से खाली पदों की जानकारी दोबारा मांगनी होगी। फिर वित्त विभाग से मंजूरी भी लेनी होगी। ऐसे में स्पेशल पीएससी की प्री परीक्षा जुलाई-अगस्त में हो सकती है। इसके बाद साल के आखिर तक मेंस परीक्षा होने की संभावना है।



पहले ओबीसी आरक्षण का तय होना जरूरी

वहीं, इन सभी घोषणाओं के बीच सबसे बड़ा मुद्दा ओबीसी आरक्षण का है। सरकार को पहले इस विवाद का हल निकालना होगा। हालांकि नई भर्तियों के विज्ञापन जारी करने पर कोई रोक नहीं है। लेकिन हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। ऐसे में सरकार को 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण के आधार पर विज्ञापन निकालने होंगे। इससे ओबीसी वर्ग की नाराजगी बढ़ सकती है। सरकार के सामने यही बड़ी चिंता है।



यदि सरकार 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के साथ भर्ती करना चाहती है तो उसे पहले सुप्रीम कोर्ट से राहत लेनी होगी। इसके लिए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगवानी होगी। इसके बाद ही सरकार पहले की तरह 87-13 फीसदी फॉर्मूले पर भर्ती विज्ञापन जारी कर सकेगी। यानी नई भर्तियों की घोषणाओं के बीच ओबीसी आरक्षण का विवाद सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।



यह भी बोले सीएम

सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी को दशहरा और विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही हमने एक फैसला लिया था। प्रदेश में हर त्योहार सरकार और समाज मिलकर मनाएंगे। इसी के तहत विजयदशमी पर हमारे सभी मंत्री अलग-अलग जिलों में त्योहार मना रहे हैं।

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