3600 करोड़ फ्रॉड के मास्टरमाइंड लविश चौधरी को UAE से दबोचेगी MP-STF, रेड कॉर्नर नोटिस जारी
News in Short
- 3600 करोड़ फ्रॉड के मास्टरमाइंड पर STF सख्त
- UAE से प्रत्यर्पण के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी
- भारत-यूएई संधि 1999 के तहत होगी कार्रवाई
- आरोपी पर देश भर में 400 एफआईआर दर्ज हैंअब तक
- 7 राज्यों से 16 आरोपी गिरफ्तार हुए
News in Detail
मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ा कदम उठाया है। 3600 करोड़ फ्रॉड (Fraud) के मास्टरमाइंड लविश चौधरी को UAE से वापस लाया जाएगा। यह पहली बार है जब कोई भगोड़ा फर्जी वकील प्रत्यर्पित होगा। रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी हो चुका है। कार्रवाई भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि 1999 के तहत होगी। देश में 5610 करोड़ के घोटाले के बाद यह दूसरा मामला है। आरोपी के खिलाफ 400 एफआईआर दर्ज हैं। STF ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पहली बार UAE से प्रत्यर्पण
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने यूएई से फ्राड के आरोपी लविश चौधरी की गिरफ्तारी की तैयारी तेज की है। 3600 करोड़ फ्रॉड के सरगना को UAE से लाया जाएगा। राज्य सरकार ने केंद्र से समन्वय बढ़ाकर लविश के प्रत्यर्पण की औपचारिता पूरी कर ली है।
चौधरी लंबे अरसे से यूएई में छिपा हुआ था और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। STF ने इंटरपोल से भी मदद मांगी थी। इंटरपोल ने नोटिस जारी कर दिया है।
केंद्र के समन्वय से सफलता करीब
मध्य प्रदेश एसटीएफ के प्रयासों के बाद अब भारत सरकार UAE सरकार से संपर्क कर रही है। STF के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जल्द लविश के प्रत्यर्पण की उम्मीद है। प्रत्यर्पण की अनुमति मिलने पर टीम को यूएई भेजा जाएगा। लविश को मध्य प्रदेश लाने के बाद उसके विरुद्ध दर्ज 400 प्रकरणों में कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
वकील का दिखावा कर किया फर्जीवाड़ा
एसटीएफ के अनुसार लविश ने लोगों को ठगी का शिकार बनने के लिए वकील होने का दिखावा किया था। उसने लोगों को निवेश के जाल में फांसा और मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में अपना नेटवर्क फैलाया था। इसी के सहारे उसने लोगों से 3600 करोड़ से ज्यादा राशि जमा कराई गई देश छोड़कर भाग गया था।
हाईकोर्ट के निर्देश पर तेज हुई जांच
मध्य प्रदेश में लविश के खिलाफ 400 से ज्यादा केस दर्ज होने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार द्वारा जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। निवेश के नाम पर करोड़ों के फर्जीवाड़े की परतें खुलने के बाद एसटीएफ अब तक लविश के 16 से ज्यादा साथियों को दबोच चुकी है। उन्हीं से लविश के यूएई में छिपे होने का सुराग मिला था
STF की 60 टीमों ने खंगाला नेटवर्क
लविश चौधरी ने पूरेश देश में अपने फ्रॉड नेटवर्क के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है। मध्य प्रदेश के साथ ही उसने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, गोवा राज्यों में भी ठगी की है। उस पर दर्ज 400 से ज्यादा केसों की पड़ताल के लिए एमपी - STF की 60 टीमें कई दिनों तक प्रदेश के अलावा देश भर में सक्रिय रहीं। इसी के चलते लविश के कुछ साथियों की गिरफ्तारी हो सकी।
मनी ट्रेल के जरिए यूएई का सुराग
एसटीएफ ने सात राज्यों में दबिश देकर लविश के साथियों को दबोचकर पड़ताल की। इस दौरान उसके लेनदेन का ब्योरा जुटाया गया। लविश के नेटवर्क के जरिए देश के लोगों से हड़पा गया रुपया अरब देशों में पहुंचाया जाता था। यूएई में बैठा लविश इस रुपए को अलग- अलग कारोबार और प्रॉपर्टी में निवेश कर रहा था। मनी ट्रेल के सुराग के आधार पर ही इंटरपोल की मदद से एसटीएफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने में कामयाब रही।
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प्रत्यपर्ण का आधार बनी यूएई संधि
मध्य प्रदेश से 3600 करोड़ हड़पकर देश छोड़कर भागे लविश तक पहुंचना मुश्किल था। एसटीएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद सुराग जुटाए। इन्हीं सुरागों के आधार पर केंद्रीय एजेंसियां इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने पर सहमत कर पाईं। वहीं भारत सरकार और यूएई के बीच साल 1999 में हुई संधि के सहारे लविश के प्रत्यर्पण की राह खुली है। लविश की ठगी का शिकार लोगों को उसके प्रत्यर्पण से अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने की आस बंधी है।