एमपी के 33 शिक्षकों को राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान, आज होंगे सम्मानित
मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए 33 शिक्षक चुने गए हैं। इन शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर भोपाल में सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह पांच सितंबर को राजधानी भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। चयनित शिक्षकों में प्राथमिक और माध्यमिक श्रेणी शामिल की गई है।
सूची में प्राथमिक श्रेणी के कुल 18 शिक्षक शामिल हैं। वहीं माध्यमिक श्रेणी में कुल 15 शिक्षकों का चयन हुआ है। इस तरह राज्य स्तर पर कुल 33 शिक्षक सम्मानित होंगे। लोक शिक्षण संचालनालय ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सूची जारी की। चयनित शिक्षकों को समारोह से पहले भोपाल पहुंचना जरूरी रहेगा।
MP Teacher Award 2026 में 33 शिक्षकों का चयन
शिक्षक दिवस पर हर साल उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश ने इस साल चयन प्रक्रिया पूरी की है। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में 33 नामों को चुना गया। इनमें अलग-अलग जिलों के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक शामिल हैं।
चयन सूची में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षक शामिल हैं। प्राथमिक श्रेणी में इस बार 18 शिक्षकों का चयन किया गया। माध्यमिक श्रेणी में कुल 15 शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए। इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर संख्या 33 तक पहुंचती है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने चयन के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई है। पहले जिला स्तर पर शिक्षकों के नामों पर विचार हुआ। इसके बाद संबंधित समितियों ने दस्तावेजों और उपलब्धियों की जांच की। जिला स्तर से योग्य शिक्षकों के नाम आगे भेजे गए। इसके बाद राज्य स्तरीय चयन समिति ने प्रस्तावों पर विचार किया। चयनित शिक्षकों से उनके कामों का प्रस्तुतीकरण भी कराया गया। इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की शैक्षणिक उपलब्धियों को महत्व मिला।
5 सितंबर को भोपाल में होगा शिक्षक सम्मान समारोह
चयनित शिक्षकों के सम्मान का कार्यक्रम आज यानी पांच सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में रखा गया है। शिक्षक दिवस पर राजधानी भोपाल में यह खास समारोह होगा। समारोह में चयनित सभी 33 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। मध्यप्रदेश में शिक्षक दिवस का यह आयोजन खास महत्व रखता है। सरकारी स्कूलों में बेहतर काम करने वाले शिक्षक इसमें सम्मानित होंगे।
चयनित शिक्षकों को चार सितंबर की शाम भोपाल पहुंचना होगा। निर्देशों के अनुसार शाम पांच बजे तक उपस्थिति जरूरी बताई गई है। इसके लिए भोपाल के एमपी नगर में ठहरने की व्यवस्था है। चयनित शिक्षकों को संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना होगा। आवास और परिवहन संबंधी जानकारी विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे बाहर से आने वाले शिक्षकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
चयन प्रक्रिया में किन बातों का रखा गया ध्यान
राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए शिक्षकों के काम का कई स्तरों पर मूल्यांकन होता है। सबसे पहले योग्य शिक्षकों से आवेदन और नामांकन लिए जाते हैं। इसके बाद जिला स्तर पर दस्तावेजों की जांच शुरू होती है। शिक्षक के सेवा रिकॉर्ड और उपलब्धियों को भी देखा जाता है। पांच वर्षों के परीक्षा परिणामों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाता है।
शिक्षकों के नवाचार और पढ़ाने के तरीकों को भी देखा जाता है। बच्चों की पढ़ाई सुधारने वाले प्रयासों को विशेष महत्व मिलता है। विद्यालय प्रबंधन और शैक्षणिक वातावरण में योगदान भी देखा जाता है। कमजोर विद्यार्थियों के लिए किए गए प्रयास भी महत्वपूर्ण रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक पढ़ाने का अनुभव भी देखा जाता है। शिक्षक की विभागीय गतिविधियों में भागीदारी भी मूल्यांकन में शामिल रहती है।
जिला स्तर के बाद राज्य स्तर पर होती है जांच
जिला स्तर पर चयन समितियां पहले शिक्षकों का मूल्यांकन करती हैं। इसके बाद चुने गए नाम राज्य स्तर पर भेजे जाते हैं। राज्य स्तरीय समिति इन प्रस्तावों की दोबारा समीक्षा करती है। जरूरत के अनुसार शिक्षकों से प्रस्तुतीकरण भी कराया जाता है। प्रस्तुतीकरण में शिक्षक अपने खास कामों की जानकारी देते हैं। उनके काम का विद्यार्थियों और स्कूलों पर असर देखा जाता है।
मध्यप्रदेश की 2026 की चयन प्रक्रिया में अलग-अलग मूल्यांकन बिंदु रखे गए। इनमें परीक्षा परिणाम और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को शामिल किया गया। शिक्षकों के नवाचार और अतिरिक्त प्रयास भी जांचे गए। दस्तावेजों के साथ उपलब्ध प्रमाणों का सत्यापन भी जरूरी रखा गया। जिला स्तर पर न्यूनतम निर्धारित अंक हासिल करना भी जरूरी था। इसके बाद योग्य शिक्षकों को राज्य स्तरीय प्रक्रिया में भेजा गया।
पुरस्कार के लिए शिक्षक की उपलब्धियां क्यों महत्वपूर्ण हैं
आज सरकारी स्कूलों में शिक्षक की भूमिका लगातार बदल रही है। अब सिर्फ किताब पढ़ाना ही शिक्षक की पूरी जिम्मेदारी नहीं है। बच्चों में सीखने की रुचि पैदा करना भी जरूरी माना जाता है। इसीलिए शिक्षक के नवाचारों और प्रयोगों को महत्व दिया जाता है।
कई शिक्षक सीमित संसाधनों में बेहतर पढ़ाई कराने की कोशिश करते हैं। ऐसे प्रयास बच्चों की पढ़ाई को आसान और रोचक बनाते हैं। गांवों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने अलग चुनौतियां रहती हैं। इन चुनौतियों के बीच बेहतर परिणाम देना बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
इसी वजह से पुरस्कार चयन में कई पहलुओं को देखा जाता है। केवल परीक्षा परिणाम ही अंतिम चयन का आधार नहीं रहता है। शिक्षक का पूरा शैक्षणिक योगदान भी मूल्यांकन में शामिल होता है। विद्यालय और समुदाय के बीच शिक्षक की भूमिका भी देखी जाती है।
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