MP में जल्द होगी 10 हजार शिक्षकों की भर्ती, सीएम ने मांगा खाली पदों का ब्योरा

Amresh Kushwaha | Aug 29, 2026, 13:57 IST
10 हजार शिक्षकों की जल्द होगी भर्ती
मध्य प्रदेश में जल्द करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है। सीएम मोहन यादव ने शिक्षा विभाग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों को जोड़कर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में जल्द करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है।
  • सीएम मोहन यादव ने शिक्षा विभाग को भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
  • प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली पदों की गिनती की जा रही है।
  • मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पद भी जोड़े जाएंगे।
  • भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थी पहले से ही पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य में जल्द ही करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के साफ निर्देश दिए हैं। यह भर्ती प्रदेश के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।



CM ने बैठक में क्या पूछा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार, 27 अगस्त को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों से सीधा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि नई शिक्षक भर्ती कब शुरू होगी। साथ ही यह भी पूछा कि कितने पदों पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों की जानकारी भी मांगी। उनके निर्देश के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है।



लोक शिक्षण आयुक्त ने दी रफ्तार

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय ने भर्ती की तैयारी तेज कर दी है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने संचालनालय के अधिकारियों को खास निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी जल्द जुटाई जाए। यह जानकारी जुटने के बाद ही भर्ती का सही आंकड़ा तय हो सकेगा। विभाग मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों की भी गिनती कर रहा है। प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों को जोड़कर भर्ती का पूरा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।



प्रदेश में शिक्षकों की मौजूदा संख्या

मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति साफ हो जाती है। प्रदेश में फिलहाल कुल शिक्षकों की संख्या दो लाख 46 हजार 976 है। इसके अलावा प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की संख्या 66 हजार 386 है। यानी नियमित शिक्षकों की कमी को अतिथि शिक्षकों के जरिए पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि सरकार अब नियमित भर्ती पर जोर दे रही है।



CM के 10 अहम निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सिर्फ भर्ती तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कई और निर्देश भी दिए। उन्होंने पूछा कि विभाग शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया कब तक पूरी करेगा। साथ ही यह भी जानना चाहा कि कितने पदों को भरने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने ई अटेंडेंस पर भी बात की। उन्होंने कहा कि फिलहाल ई अटेंडेंस 97 फीसदी है, जो अच्छी बात है। उन्होंने निर्देश दिया कि इसे 100 फीसदी किया जाए, ताकि शिक्षक स्कूल में मौजूद रहें।



मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्रों के लिए पुरानी करियर काउंसलिंग व्यवस्था फिर शुरू करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों में पूर्व छात्र सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव भी दिया। बच्चों के साथ पढ़ाई को लेकर संवाद की प्रक्रिया तेज करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा पर और ज्यादा ध्यान देने की बात कही। उन्होंने आठवीं क्लास के बच्चों में यह माइंडसेट बनाने का निर्देश दिया कि नौवीं क्लास से उन्हें किस सब्जेक्ट का चयन करना है।



भवन और ग्रांट को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्कूल भवनों की डिजाइन को लेकर भी अहम सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन का प्लिंथ एरिया कम से कम दो फीट ऊंचा हो। इसकी वजह यह है कि सड़क बनने के बाद भवन का प्लिंथ कम न हो जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर किसी विद्यालय को मिलने वाली ग्रांट कम है, तो उसे बढ़ाने के लिए कार्रवाई की जाए। इन सभी निर्देशों से साफ है कि सरकार सिर्फ भर्ती नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना चाहती है।



700 जीर्ण-शीर्ण स्कूलों को मिलेंगे नए भवन

भर्ती के साथ-साथ स्कूल भवनों को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में करीब 90 हजार स्कूल हैं। इनमें से करीब 700 स्कूल पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इनकी जगह दो साल में नए भवन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।



अब इन स्कूलों के नए भवन बनाने के खर्च का आकलन किया जाएगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी तय होगी। यह निर्माण कलेक्टर के माध्यम से होगा, शाला विकास निधि से कराया जाएगा या किसी और एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।



3 हजार स्कूलों में बनेंगे नए कक्ष

सरकार के फैसले के बाद विभाग करीब 3 हजार मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी कर रहा है। इन स्कूलों में कक्षों की स्थिति फिलहाल खराब है। इन्हें अतिरिक्त निर्माण या सुधार की जरूरत है।



एक साथ तीन हजार स्कूलों की जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी को देने से काम की गुणवत्ता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए विभाग 10 से 15 स्कूलों का क्लस्टर बनाकर जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। इस पर भी अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।



पंचायत, नगरीय निकाय और PHE की भूमिका

स्कूलों में जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम पंचायतों के जरिए कराया जा सकता है। ग्रामीण स्कूलों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी पीएचई (Public Health Engineering) विभाग को देने पर विचार है। शहरी क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम नगरीय निकायों के जरिए कराया जा सकता है। इन सभी व्यवस्थाओं पर अंतिम निर्णय विभाग स्तर पर होना बाकी है।



भोपाल में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी

इस बीच भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थी पहले से ही सड़क पर उतरे हुए हैं। नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती-2025 और रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो शिक्षक दिवस से वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।



अभ्यर्थियों को उम्मीद, अभी तस्वीर साफ नहीं

विभाग में नई भर्ती और रिक्त पदों की गणना शुरू होने से अभ्यर्थियों को पद बढ़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई भर्ती में कितने पद शामिल होंगे। यह संख्या प्रमोशन और मार्च 2027 तक होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद रिक्तियों की गणना पूरी होने पर ही तय होगी। तब तक अभ्यर्थियों को इंतजार करना होगा।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश में कितने शिक्षकों की भर्ती होने वाली है?
    मध्य प्रदेश में जल्द करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती निकलने वाली है। सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, हालांकि अंतिम संख्या प्रमोशन और रिटायरमेंट की गणना पूरी होने पर तय होगी।
  2. शिक्षकों की भर्ती में पदों की संख्या कैसे तय होगी?
    शिक्षा विभाग प्रमोशन से खाली होने वाले पदों और मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों की गिनती कर रहा है। इन दोनों आंकड़ों को जोड़कर ही नई भर्ती का अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
  3. मध्यप्रदेश में फिलहाल कितने शिक्षक कार्यरत हैं?
    मध्य प्रदेश में फिलहाल कुल 2,46,976 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं। इसके अलावा प्रदेश में 66,386 अतिथि शिक्षक भी पढ़ा रहे हैं, जो नियमित शिक्षकों की कमी को पूरा करते हैं।

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