शिक्षक वर्ग दो,तीन वालों की बढ़ी मुश्किलें! शिक्षामंत्री बोले नियमों से बाहर भर्ती संभव नहीं
"अभ्यर्थियों से संवाद जारी है। जो प्रक्रिया कानून और नियमों के तहत संभव नहीं, उसे पूरा नहीं किया जा सकता।" ये कहना है मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का। दरअसल भोपाल में शिक्षक भर्ती वर्ग 2 और 3 के वेटिंग अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल चल रही है। इसी पर मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान ये बात कही।
पद बढ़ाने पर क्या बोले शिक्षा मंत्री ?
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब नए अभ्यर्थी पुराने अभ्यर्थियों के साथ मिलकर, नई भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। इंतजार इस बात का है कि भर्ती आए ताकि वो उसमें शामिल होकर नौकरी हासिल कर सकें। मंत्री ने कहा कि वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थियों से बातचीत जारी है। अधिकारी भी लगातार बातचीत कर रहे हैं। लेकिन जो प्रक्रिया कानून और नियमों के तहत संभव नहीं है, उसे पूरा नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने उदाहरण भी दिया
मंत्री ने अपनी बात प्लेन के जरिए समझाइ। कहा कि कोई बच्चा अगर अपने पिता से एयरोप्लेन मांगे, तो प्लेन घर नहीं आ सकता। टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ती है। इसी तरह भर्ती प्रक्रिया में भी निर्धारित नियमों और समय सीमा का पालन करना होता है। मंत्री ने कहा कि संबंधित भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
यानी मंत्री ने साफ कर दिया है कि अब जिस भर्ती में पद बढ़ाने की मांग वेटिंग शिक्षक कर रहे हैं, उसमें कुछ नहीं हो सकता। वेटिंग शिक्षकों को नई भर्ती के लिए तैयारी करनी होगी। इसके बाद परीक्षा देकर ही जॉइनिंग मिलेगी।
विपक्ष पर भी बोले
वेटिंग शिक्षकों को विपक्ष के समर्थन पर भी शिक्षा मंत्री ने अपनी बात रखी। दिग्विजय सिंह का नाम लेकर मंत्री ने कहा कि वो उनका सम्मान करते हैं। दिग्विजय ने कहा कि सरकार सस्ते शिक्षकों को लगा रही है, इसलिए भर्ती नहीं चाहती। मंत्री ने अतिथि शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा कि पहले अतिथियों का मानदेय बहुत कम था। आज अतिथि शिक्षकों को 15 से 20 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 50 फीसदी आरक्षण भी अतिथि शिक्षकों को दिया गया है।
वेटिंग शिक्षक धरने पर क्यों ?
दरअसल वर्ग 2 और 3 के वेटिंग शिक्षक पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ग 2 के हर विषय में 3-3 हजार पद बढ़ाए जाएं और उनकी जॉइनिंग की जाए। अभ्यर्थी वर्ग 3 में 25 हजार पद बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं। नीलम पार्क में पहले इन अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा था।
इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय के बाहर पिछले लगभग 14 दिनों से इनकी भूख हड़ताल चल रही है। वेटिंग शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात की थी। मंत्री ने लोक शिक्षण आयुक्त को भर्ती देने के लिए फोन भी किया था, लेकिन आयुक्त ने नियमों का हवाला देकर नियुक्ति देने से इनकार कर दिया।
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