MP में TET परीक्षा की अनिवार्यता पर नया आदेश जल्द, किसे मिलेगी छूट और किसे देनी होगी परीक्षा?

Anjali Dwivedi | Apr 14, 2026, 12:56 IST
mp teacher tet exam
एमपी में 1.5 लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली TET परीक्षा पर नया आदेश आएगा। विभाग तय करेगा कि किन्हें परीक्षा से देना है और किन्हें छूट मिलेगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर होगी।

News In Short

  • एमपी स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही नया आदेश जारी कर TET की अनिवार्यता और छूट की स्थिति साफ करेगा।
  • सरकार सुप्रीम कोर्ट में रिव्यु पेटिशन लगाने के लिए कानूनी राय ले रही है।
  • लंबित समस्याओं के समाधान के लिए DPI स्तर पर नियमित परामर्शदात्री बैठकें आयोजित की जाएंगी।
  • शिक्षकों की रुकी हुई वेतनवृद्धि और समय पर वेतन के आदेश जल्द जारी होंगे।
  • अचानक बुलाई गई बैठक और पात्रता परीक्षा की सहमति को लेकर कुछ शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है।

News In Detail

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर स्थिति साफ करने का निर्णय लिया है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक नया आदेश जारी किया जाए। जिसमें यह विस्तार से बताया जाए कि किन शिक्षकों के लिए परीक्षा देना अनिवार्य होगा और किन्हें नियमों के तहत छूट या सरलीकरण (Simplification) का लाभ मिलेगा।



सुप्रीम कोर्ट में रिव्यु पेटिशन पर मंथन

इस पूरे विवाद की जड़ में सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला है, जिसने शिक्षकों के लिए TET (Teachers Eligibility Test) पास करना अनिवार्य कर दिया है। विभाग अब इस मामले में कानूनी रास्ता तलाश रहा है। शासकीय अधिवक्ता से इस विषय पर कानूनी राय ली जा रही है। जैसे ही लीगल ओपिनियन मिलेगा, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में रिव्यु पेटिशन दायर करने की तैयारी में है।



सोमवार की बैठक में हुए कई बड़े फैसले

लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में सोमवार 13 अप्रैल को मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में केवल पात्रता परीक्षा ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के रुके हुए लाभों पर भी चर्चा हुई। साथ ही यह तय किया गया है कि जिन शिक्षकों की वेतनवृद्धि (Increment) और समय पर वेतन के मामले लंबित हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई कर जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे।



ब्लॉक स्तर पर मिलेगा गुरुजी को प्रशिक्षण

यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश यथावत रहते हैं और परीक्षा कराना अनिवार्य हो जाता है, तो विभाग ने इसके लिए भी बैकअप प्लान तैयार किया है। शिक्षकों की मदद के लिए तहसील और ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रशिक्षण और सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि शिक्षक आसानी से इस परीक्षा को पास कर सकें।



शिक्षक संगठनों में असंतोष

हालांकि, विभाग की इस पहल से सभी शिक्षक संगठन खुश नहीं हैं। सोमवार को हुई बैठक से अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा और आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने दूरी बनाए रखी और अपनी नाराजगी जाहिर की।



संगठनों का आरोप है कि बैठक अचानक बुलाई गई और इसमें उन संगठनों को महत्व दिया गया जो इस पात्रता परीक्षा से सीधे प्रभावित नहीं हैं। उनका कहना है कि किसी भी निर्णय से पहले अधिकृत प्रतिनिधिमंडल (Authorized Delegation) से ही चर्चा की जानी चाहिए।



सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश क्या था?

एक सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने साफ कहा कि कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को सेवा में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा।



जिन शिक्षकों की नौकरी के पांच साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें यह परीक्षा पास करनी ही होगी, नहीं तोउन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दी जा सकती है।



TET परीक्षा क्‍या है

TET यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा एक नेशनल लेवल का टेस्ट है। यह परीक्षा तय करती है कि आप कक्षा एक से 8 तक के बच्चों को पढ़ाने के काबिल हैं या नहीं। साल 2010 में NCTE ने सरकारी स्कूल में टीचर बनने के लिए इस टेस्ट को पास करना जरूरी कर दिया था। बिना इसे पास किए अब कोई भी प्राइमरी टीचर नहीं बन सकता।



Teacher Eligibility Test


TET अनिवार्यता कब से

साल 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act) आया। इसके तहत शिक्षकों की योग्यता तय करने का जिम्मा एनसीटीई (NCTE) को मिला। 23 अगस्त 2010 को एक नियम बना, जिसमें कक्षा एक से आठ तक के टीचरों के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया। ऐसे में जो शिक्षक पहले से तैनात थे, उन्हें परीक्षा पास करने के लिए पहले 5 साल और फिर बाद में 4 साल का और समय दिया गया। यानी कुल 9 साल मिले, लेकिन कई शिक्षकों ने परीक्षा नहीं दी।



हालांकि जून 2025 में मद्रास हाई कोर्ट ने एक राहत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि जिनकी भर्ती 29 जुलाई 2011 से पहले हुई है, उन्हें नौकरी बचाने के लिए TET की जरूरत नहीं है। हालांकि, प्रमोशन के लिए इसे जरूरी रखा गया था।



ये खबरें भी पढ़ें...



शिक्षक पात्रता परीक्षा पर फिर विचार करे एमपी सरकार, रतलाम सांसद ने लोकसभा में उठाया मुद्दा



MP के 2.10 लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा! पात्रता परीक्षा पास करने का आदेश



नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का आदेश, जन्मदिन पर मेरे पोस्टर मिले तो हटा दे निगम



सरकारी स्कूलों में डेढ़ लाख शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया बड़ा ऐलान





Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • मध्य प्रदेश
  • शिक्षक पात्रता परीक्षा
  • एमपी स्कूल शिक्षा विभाग
  • TET
  • Teachers Eligibility Test