शिक्षक TET में फेल तो नौकरी जाएगी! दूसरा मौका मिलेगा या नहीं, जानें ऐसे सवालों के जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने सेवारत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य कर दिया है। मध्य प्रदेश में परीक्षा की तारीख और सिलेबस तय हो चुका है। जिनकी सेवा 5 साल से कम बची है, उन्हें छूट मिलेगी। बाकी शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करनी होगी। प्रमोशन चाहने वाले हर शिक्षक के लिए TET जरूरी होगा।
TET क्यों जरूरी हुआ अचानक
सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में बड़ा आदेश दिया था। आदेश में कहा गया कि पहले से पढ़ा रहे शिक्षकों को भी TET (Teacher Eligibility Test) पास करना होगा। अब तक यह सिर्फ नई भर्ती की शर्त थी।
यह सिर्फ मध्य प्रदेश का मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भी यही नियम लागू हो रहा है, क्योंकि आदेश पूरे देश पर लागू होता है।
शिक्षकों का तर्क है कि 2009 के राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के बाद TET अनिवार्य हुआ। बाद में यह शर्त सेवारत शिक्षकों तक भी पहुंची। उनका सवाल है कि पुरानी नियुक्तियों पर यह नियम बाद में क्यों लागू हुआ।
मई 2026 में राज्यों और शिक्षक संगठनों ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। दलील थी कि नियम पीछे जाकर लागू नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि RTE एक्ट बच्चों को केंद्र में रखकर बना है। शिक्षकों की सेवा बच्चों की शिक्षा से ऊपर नहीं रखी जा सकती।
किन शिक्षकों को देना होगा TET
हर सेवारत शिक्षक को TET नहीं देना है। जिनकी सेवा में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें छूट है।
जिनकी सेवा 5 साल से ज्यादा बची है, उन्हें परीक्षा देनी होगी। इसके लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय मिला है।
जो शिक्षक प्रमोशन चाहते हैं, उनके लिए TET अनिवार्य है, चाहे उनकी सेवा में कितने भी साल बाकी हों।
2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए करीब 70 हजार शिक्षकों का मामला अलग है। राज्य सरकार खुद सुप्रीम कोर्ट से इनके लिए राहत मांग रही है।
शासकीय शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष राकेश दुबे कहते हैं कि अलग-अलग दौर में आए शिक्षकों की स्थिति साफ होनी चाहिए। उदाहरण के लिए ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड, अनुकंपा नियुक्ति और शिक्षाकर्मी जैसे मामलों में अब तक स्पष्टता नहीं है।
पास न करने पर क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक तय समय में TET पास करना जरूरी है। पास न करने पर सेवा पर कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि सेवा-लाभ नियमानुसार मिलते रहेंगे, बशर्ते शिक्षक ने जरूरी सेवा-अवधि पूरी कर ली हो।
राकेश दुबे बताते हैं कि 2 मार्च 2026 के एक विभागीय पत्र में भी यही बात कही गई थी। पत्र के बाद भी विभाग की ओर से स्थिति साफ नहीं हुई है।
कोर्ट ने 31 अगस्त 2028 तक की मोहलत दी है। साथ ही राज्यों को साल में दो बार परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि इसके बाद और समय नहीं मिलेगा।
शिक्षक अभी से परेशान क्यों
नियम अब भी अस्पष्ट
तारीख और सिलेबस तय हो चुका है, लेकिन पात्रता का दायरा साफ नहीं है। शिक्षक संगठनों ने आयुक्त को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है।
आपत्ति यह है कि एक तरफ पुराने शिक्षकों से TET मांगा जा रहा है। दूसरी तरफ बिना TET वाले अतिथि शिक्षकों की भर्ती भी जारी है।
सिलेबस का भारी स्तर
अप्रैल में कहा गया था कि पेपर कक्षा 1 से 8 के स्तर का होगा। बाद में जारी सिलेबस कुछ विषयों में ग्रैजुएशन स्तर जितना भारी निकला।
वर्ग-2 के 120 अंकों वाले हिस्से का स्तर ग्रैजुएशन लेवल का है, जबकि सवाल कक्षा 9-10 के पाठ्यक्रम से जुड़े होंगे।
ऑनलाइन परीक्षा की चुनौती
कई सेवारत शिक्षकों को कंप्यूटर पर पेपर देने का अभ्यास नहीं है। स्क्रॉल करना और आंसर मार्क करना सीखने में ही आधा वक्त निकल सकता है।
वर्ग-3 के शिक्षक विजय कृष्ण मिश्रा कहते हैं कि दिक्कत सिर्फ सिलेबस या तकनीक की नहीं है। उम्र के साथ परीक्षा की तैयारी खुद एक चुनौती बन जाती है।
शिक्षक संगठनों ने फीस माफी, ऑफलाइन परीक्षा और परीक्षा के दिन अवकाश की मांग भी उठाई है।
परीक्षा पैटर्न और जरूरी बातें
नियम पुस्तिका के मुताबिक फीस 1,000 रुपए प्रति प्रश्न-पत्र है। कियोस्क से फॉर्म भरने पर 60 रुपए अलग से लगेंगे।
फॉर्म में नियुक्ति आदेश, DISE (डाइस – डिस्ट्रिक्ट इनफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) कोड और यूनिक आईडी भरना अनिवार्य है। फोटो सफेद बैकग्राउंड में होनी चाहिए, दोनों कान दिखने चाहिए।
मोबाइल नंबर और ईमेल में बाद में सुधार नहीं होगा। इसलिए फॉर्म भरते समय सावधानी जरूरी है।
दिव्यांग शिक्षकों के लिए अलग सुविधा भी है। लेखन सहायक या अतिरिक्त समय जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके लिए आवेदन परीक्षा से 10 दिन पहले जमा करना होगा।
FAQ
- TET किन शिक्षकों के लिए अनिवार्य है?
जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से ज्यादा समय बचा है, उन्हें TET पास करना होगा। प्रमोशन चाहने वाले सभी शिक्षकों के लिए भी यह जरूरी है। 5 साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को छूट दी गई है। - TET पास करने की आखिरी तारीख क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है। इसके बाद कोई अतिरिक्त मोहलत नहीं मिलेगी। राज्यों को साल में दो बार परीक्षा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। - TET में फेल होने पर क्या नौकरी जा सकती है?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सेवा पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि सेवा-लाभ नियमानुसार मिलते रहेंगे। इस पर विभाग से आधिकारिक स्पष्टता का अभी इंतजार है।
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