एमपी में शिक्षकों के 72 हजार पद खाली, भर्ती सिर्फ 13 हजार पर

Atul Dwivedi | Sept 16, 2026, 17:15 IST
mp-teacher-vacancy-72000-posts
मध्यप्रदेश में शिक्षकों के 72 हजार पद खाली हैं, जबकि सरकार 2027 तक सिर्फ 13 हजार 828 पदों पर भर्ती करेगी। वेटिंग शिक्षक 26 दिनों से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग नियमों का हवाला देकर मांग ठुकरा चुका है।

मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा की दो तस्वीरें नजर आती हैं। एक तस्वीर ऐसी है, जिसमें वेटिंग शिक्षक पद बढ़ाने की मांग को लेकर 26 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ सरकार कहती है कि मध्यप्रदेश में 72 हजार शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। लेकिन फिर सवाल उठता है कि सिर्फ 13 हजार पदों पर सीधी भर्ती करके, क्या सरकार जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है ?



2027 तक पूरी होगी भर्ती

स्कूल शिक्षा विभाग 2027 तक 13, 828 पदों पर शिक्षकों की भर्ती पूरी करने की तैयारी में है। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के ही आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में कुल 3 लाख 38 हजार शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 2 लाख 65 हजार पदों पर शिक्षक काम कर रहे हैं। आंकड़े ये गवाही देते हैं कि कुल खाली पदों में, 59 हजार से ज्यादा पद तो प्रमोशन से भरे जाने हैं। यानी टीईटी पास करने वाले शिक्षक इस दायरे में आएंगे।



उच्च माध्यमिक शिक्षकों के कितने पद?

दावा किया जा रहा है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक के 55 हजार से ज्यादा पद स्वीकृत हैं। इनमें से 35 हजार 737 पदों पर शिक्षक काम कर रहे हैं। यानी लगभग 19 हजार 319 पद खाली हैं। लेकिन इसमें से 14 हजार 784 पद प्रमोशन से भरे जाने हैं। जबकि 4 हजार 535 पद ही सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।



प्राथमिक शिक्षकों के कम पद

बता दें कि प्रदेश में 1 लाख 53 हजार 426 प्राथमिक शिक्षकों के पद हैं। इसमें 1 लाख 49 हजार 366 पदों पर प्राथमिक शिक्षक पढ़ा रहे हैं। यानी सिर्फ 4 हजार 60 पद ही प्राथमिक शिक्षकों के खाली पड़े हैं। जबकि माध्यमिक शिक्षक संगीत और खेल के 2 हजार 646 पदों में 1 हजार 111 और प्राथमिक शिक्षक संगीत, नृत्य एवं खेल के 2 हजार 280 पदों में 1 हजार 24 पद खाली हैं।



प्राचार्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

  • स्वीकृत पद- 3,332
  • कार्यरत- 1,270
  • रिक्त पद- 2,062

प्राचार्य हाईस्कूल

  • स्वीकृत पद- 3,833
  • कार्यरत- 2,121
  • रिक्त पद- 1,712

इधर पद खाली उधर वेटिंग शिक्षक हो रहे परेशान

सरकार का दावा है कि वो अब तक 40 हजार शिक्षकों की नियुक्ति कर चुकी है। लेकिन हाल ही में हुई वर्ग 2 और 3 की भर्ती में जो उम्मीदवार वेटिंग में रहे, वो पदों को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय नियमों का हवाला देकर पद बढ़ाने से इनकार कर चुका है।



अब यहां सवाल उठता है कि सरकार को वेटिंग शिक्षकों को नियुक्ति देने में दिक्कत क्या है ? इसके जवाब में राज्य कर्मचारी संघ के परसराम दुबे ने द सूत्र को बताया कि हर विभाग की भर्ती में वेटिंग का एक अलग प्रतिशत होता है। जरूरी नहीं कि वेटिंग प्रतिशत तय हो।



पदों के मुकाबले जितनी वेटिंग रखी गई है, उसमें अगर कोई पद खाली होता है, तो वेटिंग वाले को मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन हर बार भर्ती के बाद पद बढ़ाने की मांग गलत है। अगर परीक्षा के बाद पद बढ़ाकर भर्ती की जाने लगी, तो फिर नए लोगों को मौका कैसे मिलेगा ?



यह खबरें भी पढ़ें...



निजी कर्मचारियों को झटका, सरकार ने पीएफ की लिमिट 15 से बढ़ाकर की 25 हजार



ओवैसी के बयान पर विधायक रामेश्वर शर्मा का पलटवार, मिसाइल तुम्हारे अब्बा के घर गिराकर बताई



पतंजलि का पूर्व सांसद ब्रजभूषण पर 50 करोड़ का मानहानि मुकदमा, घी को बताया था नकली



TET नहीं देने पर शिक्षक के खिलाफ नहीं होगी कार्रवाई, ग्वालियर HC का बड़ा आदेश



एमपी में सीधी भर्ती



Tags:
  • स्कूल शिक्षा विभाग
  • शिक्षक
  • लोक शिक्षण संचालनालय
  • एमपी में सीधी भर्ती
  • प्रमोशन
  • टीईटी