शिक्षकों की अनोखी पहल, 100 रु. से की करोड़ों की मदद. जानें MP PMMS Yojana
समझें क्या है पूरा मामला
- मप्र के शिक्षक संघ PMMS ने साथियों की मदद के लिए अनोखा मॉडल बनाया है।
- किसी शिक्षक के निधन पर बाकी साथी 100-100 रुपये की आर्थिक मदद करते हैं।
- इस मुहिम से अब तक 7 दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
- पिछले कुछ महीनों में इन परिवारों को 2.16 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
- अब संघ बेटियों की शादी और रिटायरमेंट के लिए भी नई योजनाएं ला रहा है।
मध्यप्रदेश के शिक्षक संघ PMMS ने साथी शिक्षकों के निधन पर उनके परिवारों की मदद के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। मार्च 2025 से अब तक 7 दिवंगत शिक्षकों के परिजन को कुल 2.16 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। 1.12 लाख शिक्षक इस कर्मचारी कल्याण कोष (Employee Welfare Fund) में पंजीकृत हैं। अब संघ बेटियों की शादी और रिटायरमेंट के लिए भी इसी तर्ज पर नई योजनाएं लाने की तैयारी में है। यह खबर मध्यप्रदेश के शिक्षकों की एकजुटता और इंसानियत की एक मिसाल है।
100-100 रुपए से बनी करोड़ों की मदद
मध्यप्रदेश के प्राथमिक माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ (PMMS) ने 4 मार्च 2025 को एक ऐसी पहल शुरू की जो पूरे प्रदेश के शिक्षकों को एक सूत्र में बांधती है।
जब भी किसी सदस्य शिक्षक का निधन होता है तो प्रदेश के 40 हजार शिक्षक 100-100 रुपए का सहयोग करते हैं। इस तरह महज कुछ दिनों में 40 लाख रुपए जमा हो जाते हैं और दिवंगत शिक्षक के परिवार तक पहुंच जाते हैं।
7 माह में 7 परिवारों को 2.16 करोड़
संघ के प्रांतीय महासचिव मुकेश नेमा के अनुसार शुरुआत के बाद से अब तक 7 शिक्षकों के परिजन को कुल 2.16 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी जा चुकी है।
सबसे पहले नवंबर 2025 में दमोह के शिक्षक दिलीप सिंह लोधी के निधन पर उनके परिवार को 40 लाख रुपए दिए गए।
इसके बाद दमोह के किशुन प्रसाद लड़िया के परिजन को 35.05 लाख, धार के रेवाराम अलोने के परिवार को 28.15 लाख, महेंद्र के परिजन को 24.75 लाख, नरसिंहपुर के बृजेश श्रीवास्तव के परिवार को 26.13 लाख, दतिया के राकेश अहिरवार के परिजन को 38 लाख और राजकुमार सिरसिया के परिवार को 25.92 लाख रुपए मिले।
ऑनलाइन ट्रांसफर होती है पूरी राशि
संघ के सह-संस्थापक बृजेश असाटी ने बताया कि प्रदेश के 1.12 लाख शिक्षकों ने कर्मचारी कल्याण कोष में पंजीकरण कराया है। किसी सदस्य के निधन की सूचना मिलते ही संगठन मदद जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर देता है।
पूरी राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती है। कोई नकद लेनदेन नहीं होता, कोई बिचौलिया नहीं होता।
बेटी की शादी और रिटायरमेंट के लिए भी आएगी योजना
संघ अब यही मॉडल आगे बढ़ाने जा रहा है। दो नई योजनाओं की तैयारी चल रही है।
पहली योजना शिक्षक की बेटी की शादी के लिए है। 2 लाख शिक्षकों से 21-21 रुपए जमा कर 42 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।
दूसरी योजना रिटायरमेंट के लिए है। एक शिक्षक के रिटायर होने पर बाकी सभी शिक्षक 10-10 रुपए देंगे। इस तरह रिटायर होने वाले शिक्षक को 20 लाख रुपए मिलेंगे।
दिसंबर तक 2 लाख पंजीकरण का लक्ष्य
संघ का लक्ष्य है कि दिसंबर 2025 तक 2 लाख शिक्षकों का पंजीकरण पूरा हो जाए। जितने ज्यादा शिक्षक जुड़ेंगे, मदद की रकम उतनी बड़ी होती जाएगी।
यह एक ऐसा मॉडल है, जहां हर किसी का छोटा योगदान मिलकर किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी ताकत बन जाता है।
FAQ
- PMMS का कर्मचारी कल्याण कोष क्या है और कैसे काम करता है?
यह मध्यप्रदेश के शिक्षक संघ PMMS की एक पहल है जिसमें 1.12 लाख शिक्षक पंजीकृत हैं। किसी सदस्य के निधन पर बाकी शिक्षक 100-100 रुपए का सहयोग करते हैं और राशि ऑनलाइन परिवार तक पहुंचाई जाती है। - शिक्षक संघ बेटी की शादी में कितनी मदद देगा?
प्रस्तावित योजना के तहत 2 लाख शिक्षकों से 21-21 रुपए जमा कर 42 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। यह योजना अभी तैयार हो रही है और दिसंबर तक 2 लाख पंजीकरण का लक्ष्य है। - रिटायरमेंट पर शिक्षक को कितनी राशि मिलेगी?
प्रस्तावित रिटायरमेंट योजना में एक शिक्षक के सेवानिवृत होने पर बाकी सभी 10-10 रुपए देंगे। इस तरह रिटायर होने वाले शिक्षक को करीब 20 लाख रुपए मिलेंगे।
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