मुख्यमंत्री के निर्देश भी बेअसर? MP में 32 हजार शिक्षकों का प्रमोशन अटका, जानें कहां फंसा मामला

Sourabh Bhatnagar | Oct 12, 2026, 11:42 IST
MP में शिक्षकों के प्रमोशन पर दोहरा रवैया?
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। भोपाल में 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति अटकी हुई है। अब मध्यप्रदेश शासकीय शिक्षक संगठन ने इस पर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी शिक्षकों की पदोन्नति के आदेश क्यों जारी नहीं हुए?
School education department promotion vs tribal affairs department: over 32,000 teachers pending against 264 promoted, as per the teachers’ organisation.

संगठन ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों की पदोन्नति जल्द की जाए। इसके लिए एक स्पष्ट समय-सीमा भी तय की जाए।



दूसरी ओर जनजातीय कार्य विभाग ने 264 शिक्षकों को पदोन्नत कर व्याख्याता बना दिया है। ये उच्च श्रेणी शिक्षक और प्रधानपाठक हैं। इसी फर्क से स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों में नाराजगी है। सवाल सीधा है। एक ही प्रदेश में दो विभागों के शिक्षकों के साथ अलग व्यवहार क्यों?



दो विभागों में पदोन्नति का अंतर

शासकीय शिक्षक संगठन का कहना है कि दोनों विभागों के शिक्षकों की योग्यता और सेवा शर्तें एक जैसी हैं। इसके बाद भी जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को पदोन्नति मिल रही है। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक अब तक इसका इंतजार कर रहे हैं।



जनजातीय कार्य विभाग ने पिछले कुछ महीनों में कई पदोन्नति आदेश जारी किए हैं। इनमें सहायक शिक्षकों को उच्च श्रेणी शिक्षक बनाया गया है। वहीं उच्च श्रेणी शिक्षकों को पदोन्नत कर व्याख्याता के पद पर पहुंचाया गया है।



स्कूल शिक्षा विभाग में क्या लंबित है

स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। प्राथमिक शिक्षक, सहायक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। उच्च श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति भी अटकी हुई है।



दूसरी ओर जनजातीय कार्य विभाग में पदोन्नति के आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों को अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। इसी बात को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है।



कौन उठा रहा है यह सवाल

मध्यप्रदेश शासकीय शिक्षक संगठन ने शिक्षकों की पदोन्नति में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं। संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने इस मामले की जानकारी दी है। वे संगठन की ओर से शिक्षकों की पदोन्नति की मांग उठा रहे हैं।



उपेंद्र कौशल का कहना है कि जनजातीय कार्य विभाग में दो स्तर पर शिक्षकों को पदोन्नति मिल चुकी है। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में चार श्रेणियों के शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया अब भी अटकी हुई है।



मुख्यमंत्री के निर्देश पर भी क्यों नहीं हुई पदोन्नति

शासकीय शिक्षक संगठन ने सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद भी पदोन्नति के आदेश क्यों जारी नहीं हुए? संगठन का कहना है कि निर्देश मिलने के बावजूद शिक्षकों की पदोन्नति अटकी होना चिंता की बात है।



संगठन के मुताबिक एक ही प्रदेश में काम करने वाले शिक्षकों के साथ अलग-अलग व्यवहार हो रहा है। एक विभाग के शिक्षकों को पदोन्नति मिल रही है तो दूसरे विभाग के शिक्षक इंतजार कर रहे हैं। संगठन का सीधा सवाल है कि जब योग्यता और सेवा शर्तें एक जैसी हैं तो पदोन्नति के मौके अलग-अलग क्यों हैं?



उच्च पद का प्रभार, पर पदोन्नति नहीं

उपेंद्र कौशल ने बताया कि करीब दो साल पहले कुछ शिक्षकों को उच्च पद का प्रभार मिला था। उन्हें भी नियमित पदोन्नति के आदेश अब तक नहीं मिले हैं।



संगठन के मुताबिक लंबे समय से उच्च पद का काम करने के बाद भी लाभ नहीं मिला। यह शिक्षकों के सेवा हितों से जुड़ा मुद्दा है।



शिक्षकों की पदोन्नति की मांग

शिक्षकों की पदोन्नति की मांग संगठन ने शासन और स्कूल शिक्षा विभाग के सामने रखी है। संगठन चाहता है कि लंबित प्रक्रिया पर तत्काल निर्णय लिया जाए।



संगठन ने कहा कि पात्र शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति का लाभ दिया जाए। प्रभार संभाल रहे पात्र शिक्षकों के मामले भी जल्द सुलझें।



स्पष्ट समय-सीमा क्यों मांगी

संगठन के अनुसार प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। इसलिए शासन को स्पष्ट समय-सीमा तय करनी चाहिए। इससे पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ तय समय में मिल सकेगा।



अब आगे क्या होगा

फिलहाल इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। देरी की वजह भी साफ नहीं बताई गई है। अब नजर इस पर रहेगी कि शासन समय-सीमा तय करता है या नहीं।



आदेश जारी हुए तो हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती है। तब तक संगठन की मांग जारी रहेगी। विभाग का जवाब आने पर school education department promotion की तस्वीर साफ होगी।

Tags:
  • मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग
  • मध्यप्रदेश शासकीय शिक्षक संगठन
  • जनजातीय कार्य विभाग
  • शिक्षकों को पदोन्नति
  • school education department promotion
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव