एमपी के शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी राहत! शिक्षा मंत्री बोले- TET परीक्षा पर जल्द बैठक करेंगे सीएम मोहन यादव
टीईटी पर क्या होगा फैसला?
मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा का मुद्दा प्रमुख रहेगा। इसमें शिक्षकों को राहत देने के लिए उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा होगी। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर अपना आंदोलन समाप्त किया था। अब सरकार के सामने उन आश्वासनों को लागू करने का सवाल है।
उदय प्रताप सिंह ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
गुरुवार को हुई बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय गोयल मौजूद रहे। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह भी इसमें शामिल हुए। मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की निर्धारित प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने इन प्राथमिकताओं के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
नियुक्ति की तारीख से सेवा गणना का मामला
अध्यापकों की नियुक्ति की तारीख से सेवा गणना का मुद्दा भी चर्चा में है। शिक्षक चाहते हैं कि उनकी सेवा अवधि नियुक्ति की तारीख से गिनी जाए। सरकार इस विषय पर भी निर्णय ले सकती है।
मध्यप्रदेश में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा
बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। उन्होंने 954 दिवंगत कर्मचारियों के पात्र परिजनों को सहायक ग्रेड-3 में नियुक्ति दी। अनुकंपा नियुक्ति में दिवंगत कर्मचारी के पात्र परिजन को सरकारी नौकरी दी जाती है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षक भर्ती की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 20 हजार शिक्षक पदों पर जल्द भर्ती शुरू होगी। फिलहाल इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होना बाकी है।
मोर्चा का आंदोलन किन आश्वासनों पर खत्म हुआ?
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद आंदोलन वापस लिया था। इस दौरान विभिन्न मांगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया था। इनमें टीईटी मामले में केंद्र सरकार से बातचीत करने का मुद्दा शामिल था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने शिक्षकों का पक्ष रखने का आश्वासन भी दिया गया था।
क्यूरेटिव याचिका में सरकार रखेगी शिक्षकों का पक्ष
शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर है। क्यूरेटिव याचिका न्यायालय के अंतिम फैसले पर पुनर्विचार का विशेष न्यायिक उपाय है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में शिक्षकों का पक्ष रखने का भरोसा दिलाया था। राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन था।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था में क्या सुधार होगा?
मोर्चा ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था की विसंगतियां दूर करने की मांग उठाई थी। इसके तहत शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होती है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था में सुधार करने का भरोसा दिलाया था। शिक्षक अब इस दिशा में ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था में क्या सुधार होगा?
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था की विसंगतियां दूर करने की मांग की थी। यह शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया था। मोर्चा अब इस आश्वासन पर अमल का इंतजार कर रहा है।
कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और परिवार पेंशन की मांग
शिक्षकों ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना तत्काल लागू करने की मांग भी की थी। इस योजना में पात्र मरीजों को इलाज के समय नकद भुगतान नहीं करना पड़ता। एक अन्य मांग सेवाकाल के दौरान शिक्षक की मृत्यु पर परिवार पेंशन देने की थी। शिक्षक इस लाभ को 30 मार्च 2021 से प्रभावी करना चाहते हैं।
अब मुख्यमंत्री की बैठक पर टिकी नजर
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। इसमें टीईटी सहित शिक्षकों की अन्य मांगों पर विचार होने की संभावना है।
अधिकारियों की तैयारियों के बाद अब सरकार के अगले कदम का इंतजार है। प्रस्तावित फैसलों का असर प्रदेश के शिक्षकों और स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।