एमपी में शुरु होगा मंदिर प्रबंधन का कोर्स, क्या कुछ होगा खास, जानें

Aman Vaishnav | Feb 23, 2026, 13:53 IST
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अब मध्य प्रदेश के मंदिरों में प्रोफेशनल मैनेजमेंट नजर आएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 22 फरवरी को मंदिर प्रबंधन कोर्स की शुरुआत का ऐलान किया था। इससे धार्मिक पर्यटन तो बढ़ेगा ही, साथ ही युवाओं को नए रोजगार के मौके भी मिलेंगे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 फरवरी को इंदौर में बताया था कि मंदिर प्रबंधन में स्नातकोत्तर (Postgraduate) और डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। ये कोर्स विश्वविद्यालयों के जरिए चलाए जाएंगे और ये दो साल के होंगे।



क्या है कोर्स का नाम?

सीएम ने बताया था कि इस कोर्स का नाम मंदिर प्रबंधन होगा। इस कोर्स में छात्रों को मंदिरों के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी जरूरी चीजें सिखाई जाएंगी।



उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने इस पहल की शुरुआत की है। इसके तहत डिप्लोमा और मास्टर डिग्री के कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।



13 प्रमुख धार्मिक स्थल बनेंगे

इस कोर्स में सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे मंदिरों का प्रबंधन अब रोजगार देने वाला बन सकेगा। इसके अलावा, राज्य के सभी बड़े धार्मिक स्थलों का भी सुधार किया जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे 13 प्रमुख धार्मिक स्थल बनाए जाएंगे। ओंकारेश्वर और चित्रकूट जैसे कई धार्मिक स्थलों का विकास पहले से ही चल रहा है।



सीएम ने आगे कहा था कि मंदिर सिर्फ धार्मिक विश्वास के केंद्र नहीं होते, अगर सही तरीके से प्रबंधन किया जाए तो ये आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने ये भी बताया था कि महाकाल लोक परिसर में अब फाइबर की मूर्तियों की बजाय पत्थर और धातु की मूर्तियां लगाई जा रही हैं, और ये मूर्तियां उज्जैन में ही बनाई जा रही हैं। इससे स्थानीय कारीगरों को भी रोजगार मिल रहा है।



अन्य धार्मिक स्थलों का विकास

मुख्यमंत्री ने ये भी कहा था कि उज्जैन अब धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन गया है। एमपी में महाकाल लोक के बाद ओंकारेश्वर, मैहर की माताजी सहिक कई धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री मोहन यादवने यह भी बताया था कि मंदिर हमेशा से आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहे हैं। अब इन मंदिरों के साथ जुड़े वित्तीय और प्रबंधन पक्ष भी रोजगार बनाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए मंदिरों के प्रबंधन से जुड़ी कोर्स शुरू की जाएंगे।



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