MP में 13 या 20 दिसंबर को हो सकती है TET परीक्षा, शिक्षकों ने 21 दिसंबर से फिर आंदोलन की दी चेतावनी
शिक्षकों का कहना है कि अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 21 दिसंबर से फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अप्रैल से शुरू हुआ था शिक्षकों का विरोध
मध्य प्रदेश में शिक्षक अप्रैल 2026 से टीईटी की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन किए गए थे। पहले 8 अप्रैल को शिक्षकों ने जिला स्तर पर विरोध जताया था। इसके बाद 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
18 अप्रैल को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में बड़ी संख्या में शिक्षक जुटे थे। इस प्रदर्शन को मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा नाम दिया गया था। शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन भी सौंपा था।
अगस्त में दिल्ली तक पहुंचा था शिक्षक आंदोलन
मध्य प्रदेश में शुरू हुआ शिक्षकों का आंदोलन अगस्त में दिल्ली तक पहुंच गया था। यहां 30 अगस्त को शिक्षकों ने राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया था। पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद शिक्षकों ने दिल्ली के केशवपुरम स्थित जाट धर्मशाला में सभा आयोजित कर अपनी मांगें रखीं थी।
सितंबर में भोपाल में धरना, अक्टूबर में CM से मुलाकात
सितंबर में शिक्षक संगठनों ने एक बार फिर भोपाल में आंदोलन शुरू किया था। यहां 27 सितंबर से नीलम पार्क में धरना दिया गया था। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में टीईटी की अनिवार्यता से राहत, पहली नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता का लाभ और ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक बनाना शामिल था।
9 अक्टूबर को शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इस दौरान सरकार की ओर से शिक्षकों की मांगें केंद्र सरकार तक पहुंचाने और अदालत में उनका पक्ष रखने का भरोसा दिया गया था।
इसके बाद शिक्षक संगठनों ने फिलहाल अपना Teacher Protest स्थगित कर दिया गया था।
दिसंबर में होगी TET परीक्षा, तारीख का इंतजार
स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी परीक्षा कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल को दी है। मंडल 16 से 27 नवंबर के बीच डीएड परीक्षा कराने की तैयारी में है। इसके बाद दिसंबर में टीईटी आयोजित की जाएगी।
टीईटी के लिए 13 या 20 दिसंबर की तारीख पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम Exam Date की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। विभाग अगले दो-तीन दिनों में अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी कर रहा है।
अब तक 34 हजार शिक्षकों ने किया आवेदन
टीईटी परीक्षा के लिए अब तक करीब 34 हजार शिक्षकों ने आवेदन किया है। इनमें लगभग 20 हजार शिक्षक सरकारी स्कूलों के हैं, जबकि 14 हजार शिक्षक निजी स्कूलों से जुड़े हैं।
परीक्षा के लिए जिला स्तर पर केंद्र बनाए जाएंगे। विभाग ने तैयारी के लिए मॉडल प्रश्नपत्र भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए हैं।
डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, जिन शिक्षकों की नौकरी पांच साल या उससे कम बची है, उन्हें परीक्षा से राहत मिलेगी। इसके अलावा पुराने नियुक्त शिक्षकों की टीईटी अनिवार्यता को लेकर भी मामला अदालत में चल रहा है।
2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों का मामला कोर्ट में
साल 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इन शिक्षकों ने उस समय व्यापम की भर्ती परीक्षा पास की थी। बताया जा रहा है कि उस भर्ती परीक्षा के नियम और मानक अलग थे। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है।
अगर इन शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलती है, तो परीक्षा के दायरे में करीब 70 हजार शिक्षक रह जाएंगे। इनमें वर्ष 1998 से 2005 के बीच सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षक शामिल बताए गए हैं। फिलहाल इस मामले में अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 दिसंबर से फिर धरना
शिक्षक संगठनों ने सरकार से बातचीत के बाद आंदोलन को 20 दिसंबर तक स्थगित किया है। हालांकि, उन्होंने अपनी मांगें वापस नहीं ली हैं। शिक्षकों का कहना है कि तय समय तक समाधान नहीं निकलने पर 21 दिसंबर से दोबारा धरना शुरू किया जाएगा।
फिलहाल, शिक्षकों की नजर टीईटी परीक्षा की अंतिम तारीख और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले पर है। दिसंबर में परीक्षा की तैयारी के साथ ही शिक्षक संगठनों के अगले आंदोलन की स्थिति भी स्पष्ट होगी।