MP TET 2026: सरकार के फैसले भी बेअसर, डेढ़ लाख शिक्षकों ने नहीं भरा फॉर्म, विरोध अब भी जारी

Arohi Raj | Oct 13, 2026, 14:14 IST
मध्य प्रदेश में टीईटी पर शिक्षकों का विरोध जारी है।
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षकों में असमंजस और विरोध का माहौल है। परीक्षा के लिए आवेदन की तारीख तीन बार बढ़ाई गई। इसके बावजूद करीब 1.20 लाख शिक्षकों ने परीक्षा से दूरी बनाए रखी। एमपी टीईटी 2026 के लिए अब तक सिर्फ करीब 30 हजार शिक्षकों ने पंजीयन कराया है। यह संख्या टीईटी के दायरे में आने वाले शिक्षकों की तुलना में काफी कम है।

कितने शिक्षकों ने फॉर्म भरा?

ईएसबी के मुताबिक, फॉर्म भरने की आखिरी तारीख रविवार यानी 11 अक्टूबर थी। इस दौरान करीब 30 हजार शिक्षकों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। प्रदेश में टीईटी के दायरे में करीब डेढ़ लाख शिक्षक आते हैं। यानी हर पांच में से सिर्फ एक शिक्षक ने फॉर्म भरा है।



तीन बार बढ़ी तारीख, फिर भी कम आए आवेदन

परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की तारीख तीन बार बढ़ाई गई थी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को आवेदन का मौका देना था। इसके बावजूद करीब 1.20 लाख शिक्षकों ने फॉर्म नहीं भरा। इससे पता चलता है कि परेशानी सिर्फ समय की कमी नहीं थी।



शिक्षक क्यों कर रहे हैं विरोध

विभिन्न शिक्षक संगठन परीक्षा का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता लागू नहीं की जाए। इसी मांग को लेकर आंदोलन जारी है। शिक्षकों का तर्क है कि वे पहले से पढ़ा रहे हैं। इसलिए उन्हें दोबारा परीक्षा से नहीं गुजरना चाहिए। यह शिक्षक संगठनों का पक्ष है। रिपोर्ट में सरकार या ईएसबी की ओर से इसका जवाब नहीं दिया गया है।



ऑफलाइन परीक्षा का फैसला भी नहीं आया काम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन परीक्षा कराने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने ऑफलाइन परीक्षा कराने का फैसला लिया। यह कदम शिक्षकों की मांग पर उठाया गया था। लेकिन इससे भी शिक्षकों का विरोध खत्म नहीं हुआ। सरकार ने शिक्षकों की एक मांग तो मान ली, लेकिन मुख्य मांग अब भी बाकी है। शिक्षक चाहते हैं कि टीईटी की अनिवार्यता खत्म की जाए।



12 अक्टूबर को क्यों नहीं हुई परीक्षा?

शुरुआत में परीक्षा कराने की जिम्मेदारी ईएसबी को सौंपी गई थी। मंडल ने 12 अक्टूबर से परीक्षा कराने की तैयारी भी की थी। लेकिन ऑफलाइन परीक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नहीं हो पाए। इसी वजह से परीक्षा कराने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। ऑफलाइन परीक्षा में कंप्यूटर के बजाय कागज पर सवालों के जवाब देने होते हैं। इसके लिए परीक्षा केंद्र और दूसरे जरूरी इंतजाम अलग से करने पड़ते हैं।



कौन कराएगा परीक्षा?

अब परीक्षा कराने के लिए दूसरी एजेंसी की तलाश की जा रही है। हायर एजुकेशन बोर्ड के जरिए दिसंबर में परीक्षा कराने की तैयारी है। हालांकि, अभी यह सिर्फ तैयारी के स्तर पर है। परीक्षा की नई तारीख और प्रक्रिया का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।



FAQs



  1. कितने शिक्षकों ने फॉर्म भरा है?
    करीब 30 हजार शिक्षकों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
  2. टीईटी परीक्षा का विरोध क्यों हो रहा है?
    विभिन्न शिक्षक संगठन परीक्षा का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं होनी चाहिए।
  3. 12 अक्टूबर को परीक्षा क्यों नहीं हुई?
    12 अक्टूबर को परीक्षा नहीं हो सकी क्योंकि ऑफलाइन परीक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम नहीं हो पाए थे।
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