MP में डेढ़ लाख शिक्षकों की TET परीक्षा अटकी, ESB का इनकार, अब सीएम करेंगे फैसला
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकार ने परीक्षा ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने का फैसला किया था। लेकिन कर्मचारी चयन मंडल ने ऑफलाइन परीक्षा कराने से मना कर दिया है। अब सरकार दूसरी एजेंसी की तलाश में जुट गई है। इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के लौटने के बाद होगा।
मध्य प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों की TET परीक्षा को लेकर बड़ी अड़चन आ गई है। मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने पहले परीक्षा ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने की घोषणा की थी। लेकिन इस प्रस्ताव पर कर्मचारी चयन मंडल ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
ESB ने क्यों किया इनकार
ESB (Employee Selection Board) ने साफ कहा है कि वह पिछले छह साल से सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा ही कराता आया है। ऐसे में ऑफलाइन परीक्षा कराना उसके लिए संभव नहीं है। इस इनकार के बाद स्कूल शिक्षा विभाग नई राह तलाश रहा है।
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ऑफलाइन परीक्षा कराने में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए विभाग सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उनका कहना है कि परीक्षा किस एजेंसी से कराई जाएगी, यह शासन स्तर पर तय होगा।
नई एजेंसी की तलाश तेज
फिलहाल ESB के जरिए एमपी ऑनलाइन पर परीक्षा फीस और आवेदन लेने की प्रक्रिया चल रही है। एमपी ऑनलाइन भी परीक्षाएं कराता है, लेकिन ऑफलाइन मोड में नहीं। इसलिए ऑफलाइन TET के लिए अब पूरी तरह नई एजेंसी की जरूरत पड़ेगी।
सरकार के पास PSC (Public Service Commission) को जिम्मेदारी देने का विकल्प भी मौजूद है। हालांकि PSC ने अब तक शिक्षकों की भर्ती या पात्रता परीक्षा कभी नहीं कराई है। वह मुख्य रूप से वरिष्ठ पदों की परीक्षाएं ही आयोजित करता है। इसलिए इस विकल्प पर फैसला आसान नहीं दिख रहा।
CM के लौटने पर होगा फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभी दुबई दौरे पर हैं। वे 9 सितंबर को भोपाल लौटेंगे। उनके लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और मंत्री स्तर पर चर्चा होगी। इसी चर्चा के बाद नई एजेंसी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
परीक्षा तारीख पर भी असर संभव
ESB ने पहले 12 अक्टूबर से TET परीक्षा कराने की तैयारी कर रखी थी। लेकिन अब नई एजेंसी तय होने के बाद यह तारीख बदल सकती है। नई एजेंसी की व्यवस्था और उपलब्धता के आधार पर सरकार नई तारीख घोषित करेगी।
फिलहाल शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया 18 सितंबर तक जारी रहेगी। इसमें अभी कोई बदलाव घोषित नहीं हुआ है। लेकिन एजेंसी बदलने पर आवेदन प्रक्रिया में भी फेरबदल हो सकता है।
परीक्षा केंद्रों को लेकर भी सवाल
अभी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। चंबल-ग्वालियर संभाग के जिलों को अभी केंद्रों में शामिल नहीं किया गया है। नई एजेंसी तय होने पर केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है।
शिक्षकों ने जिला और ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि दूर के शहरों में जाकर परीक्षा देना मुश्किल भरा होगा। इस मांग पर भी नई व्यवस्था में विचार हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ी है परीक्षा
यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश से जुड़ी है। कोर्ट ने मई 2026 में आदेश दिया था कि 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। इसके लिए कोर्ट ने 2028 तक का समय तय किया है।
शिक्षकों को साल में दो बार परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। अगर कोई शिक्षक छह प्रयासों के बाद भी परीक्षा पास नहीं करता, तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। इसी आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने TET (Teacher Eligibility Test) कराने की प्रक्रिया शुरू की थी।
कर्मचारी चयन मंडल ने पहले 21 अगस्त से 4 सितंबर तक आवेदन मांगे थे। बाद में यह तारीख बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी गई। अब ऑफलाइन परीक्षा के फैसले और ESB के इनकार के बाद पूरी व्यवस्था बदलने की स्थिति बन गई है। आने वाले दिनों में इस पर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।
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