TET पर सीएम मोहन यादव ने दिया आयोग बनाने का भरोसा, शिक्षकों ने कहा- मांगें नहीं मानीं तो फिर करेंगे आंदोलन
उनका कहना है कि इसे सिर्फ 20 दिसंबर तक रोका गया है। यदि तब तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो शिक्षक 21 दिसंबर से दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे।
सीएम मोहन यादव का भरोसा
मध्यप्रदेश में टीईटी के विरोध के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों को बातचीत के लिए बुलाया था। बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने इसके लिए आयोग बनाने का ऐलान भी किया। साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET - Teacher Eligibility Test) को लेकर सरकार ने अपना पक्ष भी रखा। बता दें कि यह बैठक अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों से साथ हुई थी।
सीएम ने फॉर्म भरने को क्यों कहा
यानी टीईटी के फॉर्म भरने की अपील के पीछे अदालत का निर्देश है। स्कूल शिक्षा मंत्री भी पहले यही बात कह चुके हैं। सरकार चाहती है कि शिक्षक पहले आवेदन करें।
शिक्षक बोले, बीच का रास्ता निकालिए
शिक्षकों ने मुलाकात में यही साफ कहा। मोर्चे में राज्य शिक्षक संघ और प्रांतीय शिक्षक संघ जैसे कई संगठन शामिल हैं।
मोर्चे के पदाधिकारी उपेंद्र कौशल ने 6 अक्टूबर को आरोप लगाया था। उनके मुताबिक शिक्षकों पर आवेदन का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पूछा, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर में छूट संभव है, तो यहां क्यों नहीं।
आयोग से क्या बदलेगा
एक आयोग बनेगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोग की बात इस मुलाकात का सबसे अहम नतीजा रही।
आयोग की निगरानी में कौन से मुद्दे
आयोग की निगरानी में तीन मुद्दों पर काम होगा। ये हैं टीईटी, वरिष्ठता और ई-अटेंडेंस (E-Attendance - ऑनलाइन हाजिरी)। मोर्चे की तीन मांगें इन्हीं मुद्दों की हैं। वे टीईटी रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सेवा अवधि पहली नियुक्ति से गिनने की भी मांग है। ई-अटेंडेंस खत्म करना तीसरी मांग है।
क्यूरेटिव याचिका पर सरकार
मोर्चे के पदाधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने तीनों मांगों पर अमल का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बात करेगी।
सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका (Curative Petition - अंतिम कानूनी उपाय) लगी है। मोर्चे के मुताबिक राज्य सरकार इसमें शिक्षकों के पक्ष में अपना मत रखेगी। शिक्षकों की बीमा सहित कई और मांगें भी रखी गई हैं।
धरना स्थगित, खत्म नहीं हुआ
इससे पहले 5 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ बैठक हुई थी। वल्लभ भवन की यह बैठक करीब 20 मिनट चली थी। उसमें कोई नतीजा नहीं निकला था। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने भी आवेदन करने को कहा था।
उधर 4 अक्टूबर से भोपाल के नीलम पार्क में क्रमिक भूख हड़ताल चल रही थी। रोज करीब 400 शिक्षक बारी-बारी से बैठते थे।
सीएम के आश्वासन के बाद भी शिक्षक संगठन धरना प्रदर्शन खत्म करने को राजी नहीं थे। उनकी मांग थी कि सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिले। मध्यप्रदेश कर्मचारी कल्याण आयोग के अध्यक्ष रमेश शर्मा को शिक्षकों के बीच भेजा गया था। फिर शुक्रवार को शिक्षकों का आंदोलन स्थगित हो गया।
लेकिन असली कहानी यहीं नहीं रुकती।
बताया गया है कि आंदोलन सिर्फ 20 दिसंबर तक के लिए रुका है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 दिसंबर से MP TET protest फिर शुरू होगा। यानी सरकार के पास अब सीमित समय है।
आवेदन की तारीख और स्थिति
अब देखिए एमपी टीईटी की मौजूदा तस्वीर। MP TET 2026 के ऑनलाइन आवेदन की नई अंतिम तारीख 11 अक्टूबर है। यह तारीख तीसरी बार आगे की गई है। पहले आखिरी तारीख 5 अक्टूबर थी। आवेदन 21 अगस्त से शुरू हुए थे।
शुल्क और सुधार का समय 12 अक्टूबर तक है। परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल कराएगा। मंडल के अफसरों के मुताबिक फॉर्म आने के बाद तैयारी में कम से कम दो महीने लगेंगे। वहीं, 6 अक्टूबर की जानकारी के मुताबिक परीक्षा दिसंबर में हो सकती है। संभावित समय दिसंबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह है। यह सिर्फ अनुमान है, पक्की तारीख नहीं।
स्कूल शिक्षा और ट्राइबल विभाग के करीब 1.5 लाख शिक्षक इसके दायरे में हैं। 6 अक्टूबर तक करीब 22 से 24 हजार ने आवेदन किया था। इनमें लगभग 4000 सरकारी शिक्षक थे। विभाग के अनुसार तैयारी के लिए कम से कम 50 हजार आवेदन चाहिए।
सरकार की उम्मीद है कि शिक्षक 11 अक्टूबर तक फॉर्म भर दें। शिक्षक संगठन अपनी मांगों पर टिके हैं। अब नजर 20 दिसंबर पर रहेगी।
FAQs
- मध्यप्रदेश में शिक्षकों के आंदोलन की वर्तमान स्थिति क्या है?
शिक्षकों का आंदोलन 20 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे 21 दिसंबर से दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे। - मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षकों के साथ बैठक में क्या आश्वासन दिया है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा और इसके लिए आयोग बनाने की घोषणा की गई। - टीईटी (TET) के फॉर्म भरने को लेकर शिक्षकों का क्या रुख है?
शिक्षकों का कहना है कि वे टीईटी का फॉर्म नहीं भरेंगे और सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि वह उनके लिए कोई मध्य मार्ग निकाले।