बाघों की दहाड़, मंदिरों की कला और पोहा-जलेबी का स्वाद, ये है अपना मध्य प्रदेश
Nov 01, 2026, 09:00 IST
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देश का दिल मध्य प्रदेशImage credit : Sootr Creatives
मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है। यहां का खाना, जंगल, कला और इतिहास हर किसी को अपनी ओर खींचता है। यहां का हर कोना एक अलग कहानी कहता है। इन तस्वीरों में राज्य का स्वाद, संस्कृति और प्रकृति एक साथ दिखती है।
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इंदौर का पोहा-जलेबीImage credit : Sootr Creatives
सुबह की शुरुआत इंदौर के पोहा-जलेबी से करना यहां की पुरानी आदत है। गरम पोहे में नींबू, सेव और धनिया डालकर खाया जाता है। साथ में कुरकुरी जलेबी हो, तो स्वाद दोगुना हो जाता है।
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बाघों का घर: टाइगर रिजर्वImage credit : Sootr Creatives
मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट के नाम से जाना जाता है। कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे टाइगर रिजर्व यहां जंगल सफारी के लिए मशहूर हैं। जंगल की शांति और बाघ को देखने का रोमांच यहां खास अनुभव देता है।
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माहेश्वरी साड़ीImage credit : Sootr Creatives
महेश्वर की माहेश्वरी साड़ी अपनी खूबसूरत बुनाई और खास किनारी के लिए मशहूर है। यह साड़ी हल्की होती है और पहनने में आरामदायक रहती है। रानी अहिल्याबाई होल्कर के शासनकाल में इसे खास बढ़ावा मिला था। आज भी इसकी पारंपरिक डिजाइन लोगों को पसंद आती है।
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खजुराहो के मंदिरImage credit : Sootr Creatives
खजुराहो के मंदिर अपनी शानदार नक्काशी और खूबसूरत मूर्तियों के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। इनकी दीवारों पर बनी कलाकृतियां भारतीय कला और संस्कृति की झलक दिखाती हैं। इनकी बारीक नक्काशी देखकर पर्यटक भी हैरान रह जाते हैं। यूनेस्को ने इन्हें विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है।
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सांची का स्तूपImage credit : Sootr Creatives
रायसेन जिले में स्थित सांची स्तूप बौद्ध धर्म की अनमोल धरोहर है। यह अपनी शानदार वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है। यहां बने तोरण द्वार बेहद खास हैं। इन पर पत्थरों से उकेरी गई कहानियां और कलाकृतियां देखने लायक हैं।
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भीमबैठका की गुफाएंImage credit : Sootr Creatives
भोपाल के पास स्थित भीमबैठका अपनी प्राचीन शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की चट्टानों पर हजारों साल पुराने चित्र बने हैं। ये चित्र उस दौर के इंसानों की जिंदगी दिखाते हैं। इनमें उनकी दिनचर्या और रहन-सहन की झलक मिलती है। भीमबैठका को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा भी मिला है।
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उज्जैन का महाकाल मंदिरImage credit : Sootr Creatives
उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। यहां होने वाली भस्म आरती श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण है। मंदिर के दर्शन के साथ शिप्रा नदी के घाटों पर जाना भी एक यादगार अनुभव होता है।