एमपी में खत्म होंगे 6 पुराने श्रम कानून, रातभर खुल सकेंगे थिएटर और रेस्टोरेंट
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार 6 पुराने श्रम कानूनों को खत्म करके एक नया सिंगल एक्ट लाने जा रही है।
- नए कानून के लागू होने के बाद रेलवे स्टेशन के रेस्टोरेंट और थिएटर रातभर खुल सकेंगे।
- नई दुकान या बिजनेस शुरू करने के लिए अब कोई इंस्पेक्टर वेरिफिकेशन करने नहीं आएगा।
- दुकानों को 24 घंटे खोलने की छूट मिलेगी, जिससे कर्मचारियों को तीन शिफ्टों में काम मिलेगा।
- केंद्र सरकार के चार लेबर कोड की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
एमपी में बदलेगा श्रम कानून
मध्यप्रदेश सरकार एक बड़े बदलाव की तैयारी में है। राज्य के छह पुराने श्रम कानून जल्द ही खत्म होने वाले हैं। इनकी जगह एक नया एकीकृत कानून यानी सिंगल एक्ट लाया जाएगा। इस कानून में वेतन, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा और औद्योगिक संबंध सब एक ही जगह होंगे।
केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 29 श्रम कानूनों को मिलाकर चार लैबर कोड लागू किए थे। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी राह पर चल रही है। राज्य में केंद्र और राज्य के अलग-अलग श्रम कानून अब एक ही ढांचे में आ जाएंगे।
कमेटी बना रही नया प्रारूप
इस काम के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। इसकी अध्यक्षता आईएएस अशोक बर्णवाल कर रहे हैं। इस कमेटी में मनीष रस्तोगी, श्रम सचिव रघुराज एमआर, विधि सचिव मुकेश कुमार और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी शामिल हैं।
कमेटी की तीन बैठकें हो चुकी हैं। नए कानून का प्रारूप करीब-करीब तैयार हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि पुराने कानून सिर्फ प्रतिष्ठान को ध्यान में रखकर बने थे। नए कानून में कर्मचारी और मालिक दोनों को बराबर का दर्जा दिया जाएगा।
रातभर खुलेंगे रेस्टोरेंट और थिएटर
अभी रेलवे स्टेशन पर रेस्टोरेंट रात 1:30 बजे और थिएटर रात एक बजे तक ही खुले रह सकते हैं। नए कानून में यह पाबंदी पूरी तरह हट जाएगी। इन्हें रातभर खोला जा सकेगा। इससे रात की पाली में काम करने वालों को सुविधा मिलेगी और नए रोजगार भी बनेंगे।
कर्मचारी को मिलेगा ज्यादा अधिकार
पुराने कानून में व्यापारी को रविवार दुकान बंद रखनी पड़ती थी। इसमें कर्मचारी की सुविधा का ख्याल नहीं था। नए कानून में यह बदलेगा। सप्ताह में एक छुट्टी तो होगी, लेकिन कर्मचारी खुद तय कर सकेगा कि वह किस दिन लेना चाहता है।
वहीं यदि कोई दुकान या प्रतिष्ठान 24 घंटे चलता है तो कर्मचारी को तीन पहर में काम करने का मौका मिलेगा। श्रम सचिव के अनुसार इससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। नए कानून में Ease of Value Creation यानी कारोबार करना आसान बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।
ये 6 कानून होंगे खत्म
- नए सिंगल एक्ट के लागू होने पर ये छह कानून खत्म होंगे:
- मध्यप्रदेश इन्सॉल्वेंसी एक्ट 1946
- मध्यप्रदेश शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 1958
- मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960
- मध्यप्रदेशऔद्योगिक रोजगार स्थायी आदेश अधिनियम 1961
- मध्यप्रदेशश्रम कल्याण निधि एक्ट) 1982, इसमें स्लेट-पेंसिल एक्ट का विलय हो चुका है और मप्र श्रम कल्याण निधि संशोधन एक्ट 2026 भी इसी के साथ खत्म होगा।
- मध्यप्रदेश असंगठित कर्मकार कल्याण अधिनियम 2003
इंस्पेक्टर राज से मिलेगी मुक्ति
नए कानून में व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। किसी को नई दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलना है तो कोई सरकारी इंस्पेक्टर वेरिफिकेशन के लिए नहीं आएगा।
बस एक आवेदन देना होगा और दुकान या संस्थान खुल जाएगा। उद्योगों और प्रतिष्ठानों पर अनावश्यक बंदिशें भी खत्म होंगी। काम के घंटे भी नए सिरे से तय किए जाएंगे।
FAQ
- मध्यप्रदेश में कौन से श्रम कानून खत्म होंगे?
मध्यप्रदेश में 6 पुराने श्रम कानून खत्म होंगे। इनमें मप्र Shops and Establishment Act 1958, मप्र Industrial Relations Act 1960 और मप्र Labour Welfare Fund Act 1982 समेत अन्य शामिल हैं। इनकी जगह एक नया एकीकृत Single Act लाया जाएगा। - एमपी में नए श्रम कानून से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
नए कानून में कर्मचारी खुद अपनी साप्ताहिक छुट्टी का दिन चुन सकेंगे। 24 घंटे खुलने वाले प्रतिष्ठानों में तीन पहर की शिफ्ट मिलेगी। कर्मचारी और मालिक दोनों को बराबर का दर्जा दिया जाएगा।
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