NCRB Obscenity Report ने उड़ाई नींद: एमपी में दो साल में दोगुने हुए अश्लीलता के मामले

Manya Jain | May 11, 2026, 19:00 IST
NCRB Obscenity Report
BHOPAL. एनसीआरबी 2024 की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश सार्वजनिक अश्लीलता के मामलों में देश में पहले स्थान पर है। राज्य में राष्ट्रीय औसत के आधे मामले दर्ज हुए हैं। जानिए क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े और कौन से राज्य हैं इस लिस्ट में।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • NCRB की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अश्लीलता में एमपी टॉप पर हैं।
  • देश में दर्ज होने वाले ऐसे कुल मामलों में से आधे अकेले मध्यप्रदेश में हैं।
  • बीते तीन सालों से लगातार मध्यप्रदेश इस सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है।
  • राज्य में हर दिन औसतन 53 ऐसे मामले पुलिस थानों में दर्ज किए जा रहे हैं।
  • साल 2022 के मुकाबले 2024 में इन मामलों की संख्या में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।

मध्यप्रदेश में अश्लीलता के मामले बढ़े

मध्यप्रदेश के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। राज्य फिर से अश्लीलता के मामलों में देश में टॉप पर है। 6 मई को जारी NCRB report ने सबको चौंका दिया है। मध्यप्रदेश लगातार तीसरे साल इस लिस्ट में पहले स्थान पर बना हुआ है। पूरे भारत में जितने मामले दर्ज हुए, उनमें से आधे सिर्फ यहीं से हैं।



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आंकड़ों की बात करें तो स्थिति काफी गंभीर दिखती है। साल 2024 में पूरे देश में 40 हजार 919 मामले दर्ज हुए थे। इनमें से अकेले मध्यप्रदेश में 19 हजार 658 केस सामने आए। इसका मतलब है कि राज्य में हर दिन लगभग 53 मामले दर्ज हो रहे हैं। यह आंकड़ा राज्य की छवि पर गहरा असर डाल रहा है।



पिछले 3 सालों में मामलों में उछाल

मध्यप्रदेश में इन मामलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। साल 2022 में यहां केवल 10 हजार मामले ही दर्ज हुए थे। साल 2023 में यह संख्या बढ़कर 12 हजार 574 तक पहुंच गई थी, लेकिन साल 2024 में यह उछाल सबसे ज्यादा और डराने वाला रहा।



एक ही साल में आंकड़ा सीधे 19 हजार 658 तक जा पहुंचा। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस बढ़ोतरी ने मध्यप्रदेश को बाकी राज्यों से बहुत आगे कर दिया है। तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्य इस लिस्ट में काफी पीछे हैं। आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मामले मध्यप्रदेश से कम ही हैं।



किन राज्यों में दर्ज हुए जीरो मामले

NCRB की रिपोर्ट में कुछ अच्छे उदाहरण भी सामने आए हैं। भारत के कई राज्यों में अश्लीलता का एक भी केस नहीं मिला। गोवा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में शून्य मामले दर्ज हुए। झारखंड, मिजोरम और नागालैंड में भी कोई केस सामने नहीं आया।



ओडिशा, सिक्किम और त्रिपुरा में भी स्थिति बहुत शांत रही। केंद्र शासित प्रदेशों में भी अनुशासन देखने को मिला है। अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में एक भी मामला नहीं था। यह आंकड़े बताते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में माहौल अलग है।



IPC की जगह अब लागू हुई नई धारा 296

सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें अब नए कानून के दायरे में हैं। पहले ऐसे मामले IPC की धारा 294 के तहत दर्ज होते थे, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने इसकी जगह ले ली है। अब ये केस BNS की धारा 296 के तहत लिखे जाते हैं।



इसमें सार्वजनिक जगहों पर अश्लील गाने और हरकतें शामिल हैं। पुलिस अब इसी नई धारा के तहत कार्रवाई कर रही है। कानून बदलने के बावजूद मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। जानकारों का मानना है कि इस पर सख्त निगरानी जरूरी है।



FAQ

  1. मध्यप्रदेश में सार्वजनिक अश्लीलता के मामले बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
    मुख्य कारण पुलिस की सक्रियता, एफआईआर दर्ज करने की बढ़ती दर और सामाजिक जागरूकता है। अश्लील गानों और सार्वजनिक व्यवहार पर नियंत्रण की कमी भी एक बड़ी वजह है।
  2. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत क्या सजा मिलती है?
    इस धारा के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कार्य या गाने गाने पर तीन महीने तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। कुछ मामलों में जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
  3. किन राज्यों में 2024 में एक भी अश्लीलता का मामला दर्ज नहीं हुआ?
    गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, ओडिशा, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

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