पर्यटकों को भाएगा देसी अंदाज, MP के 1000 गांवों में खुलेंगे होम स्टे, मिलेगी सब्सिडी

Anjali Dwivedi | May 25, 2026, 12:56 IST
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मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक हजार नए होम स्टे बनाने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के 100 गांवों का सर्वे शुरू हो गया है। इस योजना के तहत जनजातीय क्षेत्रों में होम स्टे बनाने के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिलेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पर्यटन को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा।
  • इसके लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड राज्य में एक हजार नए होम स्टे खोलेगा।
  • सरकार इस योजना के लिए 100 नए गांवों का सर्वे कर रही है।
  • आदिवासी क्षेत्रों में होम स्टे बनाने पर लोगों को विशेष सब्सिडी भी मिलेगी।
  • योजना से गांवों के लोगों को सीधे रोजगार और अच्छी कमाई का मौका मिलेगा।

मध्य प्रदेश के गांवों में घूमना अब और भी मजेदार होने वाला है। राज्य का पर्यटन विभाग ग्रामीण पर्यटन को नए स्तर पर ले जा रहा है। अब शहरों की तरह गांवों में भी पर्यटकों को रुकने की बेहतरीन सुविधा मिलेगी।



विभाग ने प्रदेश भर में करीब एक हजार नए होम स्टे जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग (MPT) ने अपना सर्वे शुरू कर दिया है। सरकार के इस कदम से ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।



पर्यटकों को अब एमपी गांवों की संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही वे शुद्ध देसी माहौल और खानपान का आनंद ले सकेंगे।



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गांवों के चयन के लिए क्या तैयारी है?

इस सरकारी योजना को पूरा करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। पर्यटन विभाग अभी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 100 नए गांवों का सर्वे कर रहा है। इन गांवों में होम स्टे की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।



खास बात यह है कि इसमें धरती आबा जनजातीय अभियान को भी शामिल किया गया है। इस परियोजना के तहत अभी 14 विशेष जनजातीय गांवों के नाम तय हो चुके हैं। इन गांवों में होम स्टे बनाने के लिए खास मदद दी जाएगी।



चिह्नित किए गए इन आदिवासी क्षेत्रों में होम स्टे निर्माण के लिए ट्राइबल फंड से सब्सिडी मिलेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है।



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किस जिले के कितने गांव शामिल हैं?

इस योजना में विशेष रूप से जनजातीय बहुल जिलों पर ध्यान दिया जा रहा है। धरती आबा प्रोजेक्ट में शामिल 14 गांवों में अनूपपुर जिले के 8 गांव शामिल हैं। इसके अलावा डिंडोरी जिले के 4 गांवों को इसमें जगह मिली है। वहीं मंडला जिले के 2 गांवों का चयन भी इस योजना के लिए किया गया है।



इन सभी गांवों में होम स्टे के लिए घरों को चुन लिया गया है। एमपी टूरिज्म बोर्ड के डायरेक्टर डीपी सिंह ने इस चयन प्रक्रिया की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बाकी गांवों के नाम भी जल्द ही फाइनल कर लिए जाएंगे।



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अब तक इस योजना से कितनी कमाई हुई?

मध्य प्रदेश के गांवों में होम स्टे का यह आइडिया नया नहीं है। वर्तमान में राज्य के 77 गांवों में कुल 447 होम स्टे रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 307 होम स्टे पूरी तरह से चल रहे हैं। इन होम स्टे का ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बहुत अच्छा और सीधा असर पड़ा है। अब तक इन ग्रामीण होम स्टे के माध्यम से गांवों में बड़ी कमाई हुई है।



गांव के लोगों ने इसके जरिए सीधे तौर पर लगभग 6.76 करोड़ रुपए कमाए हैं। इसी शानदार सफलता को देखते हुए सरकार अब दायरा बढ़ा रही है।



क्या सभी को मिलेगी सरकारी सब्सिडी?

इस योजना में सरकार दो तरह से लोगों की मदद कर रही है। जिन गांवों का चयन विभाग कर रहा है, उन्हें सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इसके अलावा अन्य गांवों के लोग भी अपना होम स्टे शुरू कर सकते हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग उन्हें होम स्टे पोर्टल पर मुफ्त में जोड़ेगा।



पोर्टल से जुड़कर लोग अपने होम स्टे का ऑनलाइन प्रचार आसानी से कर सकेंगे। हालांकि, खुद से जुड़ने वाले इन लोगों को सरकारी सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा।



गांवों में सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?

पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए गांवों को आधुनिक बनाया जा रहा है। पर्यटन गांवों में बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। अब तक राज्य के 65 गांवों में सोलर और एलईडी लाइटें लगाई जा चुकी हैं। इससे रात के समय भी गांवों की सड़कें पूरी तरह रोशन रहती हैं।



लाइटें लगने से पर्यटकों के लिए रात में घूमना सुरक्षित और आसान हो गया है। अगले एक साल में सभी होम स्टे वाले गांवों में सोलर लाइट लगाने की योजना है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश की होम स्टे योजना क्या है
    होम स्टे योजना (Homestay Scheme) सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली एक पर्यटन योजना है। इसके तहत स्थानीय लोग अपने घरों के खाली कमरों को पर्यटकों के ठहरने के लिए तैयार करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को किफायती आवास और स्थानीय संस्कृति का अनुभव देना है।
  2. मध्य प्रदेश होम स्टे योजना के तहत सरकार का क्या लक्ष्य है?
    मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का लक्ष्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार पैदा करने के लिए एक हजार नए होम स्टे जोड़ना है। इसके लिए विभाग वर्तमान में प्रदेश के कई क्षेत्रों में 100 नए गांवों का विस्तृत सर्वे कर रहा है।

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