MP में 15 हजार से अधिक तबादले, मोहन कैबिनेट में डेडलाइन बढ़ाने पर हो सकती है चर्चा

Amresh Kushwaha | Jun 16, 2026, 10:16 IST
मोहन कैबिनेट
मध्यप्रदेश में 01 से 15 जून 2026 के बीच 54 विभागों में 15 हजार से अधिक तबादले हुए हैं। तबादला नीति की आखिरी तारीख सोमवार को खत्म हो गई है। वहीं, मंगलवार यानी आज की कैबिनेट बैठक में मंत्री तारीख बढ़ाने की मांग कर सकते हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

मध्यप्रदेश में 01 जून से 15 जून 2026 के बीच तबादले की अनुमति थी।


इन 15 दिनों में 54 विभागों में 15 हजार से अधिक तबादले हो चुके हैं।


सोमवार 15 जून को यह समय सीमा खत्म हो गई, लेकिन रात तक सूचियां जारी होती रहीं।


आज यानी मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होनी है।


इस बैठक में मंत्री तबादले की अंतिम तारीख और बढ़ाने की मांग कर सकते हैं।



15 दिन में 15 हजार तबादले, MP में टूटे रिकॉर्ड

मध्यप्रदेश में 20 मई 2026 को नई तबादला नीति जारी की गई थी। इसके तहत कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध 1 जून को हटाया गया था। पूरे 15 दिन की इस अवधि में 54 विभागों में 15 हजार से ज्यादा तबादले हो चुके हैं। यह संख्या अपने आप में बड़ी है।



जीएडी (GAD - General Administration Department) की तबादला नीति के तहत इस बार सभी आदेश ई-ऑफिस के जरिए ऑनलाइन जारी किए गए हैं। नीति में साफ था कि निर्धारित समय सीमा के बाद जारी होने वाले तबादले मान्य नहीं होंगे। सोमवार 15 जून को आधी रात तक विभागों ने सूचियां जारी करने की होड़ लगाए रखी।



बैठक में डेडलाइन बढ़ाने पर हो सकती है चर्चा

पिछली मोहन कैबिनेट बैठक में भी मंत्रियों ने तबादलों की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग उठाई थी। तब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो टूक कहा था कि तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। जो भी तबादले करने हैं, तय समय-सीमा में ही करें।



वहीं, अब मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में एक बार फिर यह मांग उठने के आसार हैं। सूत्रों के मुताबिक इसे एक दिन और बढ़ाया जा सकता है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला कैबिनेट में ही होगा।



कहां कितने तबादले हुए

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग

यह विभाग सबसे आगे रहा, जहां पांच हजार 500 से अधिक प्रशासनिक तबादले हुए हैं। इनमें प्राचार्य, व्याख्याता और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। शिक्षकों के तबादलों के लिए पोर्टल-3 को 19 से 23 जून तक खोलने की तैयारी है।



मध्यप्रदेश राजस्व विभाग

इस विभाग में चार हजार 500 से अधिक तबादले हुए हैं। इनमें पटवारी, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार शामिल हैं। 119 राजस्व निरीक्षकों को कार्यवाहक नायब तहसीलदार बनाकर नए जिलों में भेजा गया है।



मध्यप्रदेश गृह विभाग

पुलिस तबादला बोर्ड की अनुशंसा पर करीब तीन हजार 500 तबादले हुए हैं। इनमें आरक्षक, एएसआई (Assistant Sub Inspector), एसआई (Sub Inspector), थाना प्रभारी (TI - Thana In-charge) और डीएसपी (DSP - Deputy Superintendent of Police) स्तर के अफसर शामिल हैं।



एमपी स्वास्थ्य विभाग

स्वास्थ्य विभाग में लगभग दो हजार 500 तबादले हुए हैं। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक, एएनएम (ANM - Auxiliary Nurse Midwife), नर्सिंग स्टाफ और लैब टेक्नीशियन को नई जगह भेजा गया है।



पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग

एक हजार 500 से अधिक तबादले हुए हैं। जनपद पंचायत सीईओ (CEO - Chief Executive Officer), पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की पदस्थापनाएं बदली गईं। वन, आबकारी, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग समेत अन्य विभागों में भी करीब चार हजार पदों पर तबादले हुए हैं।



लोक निर्माण विभाग

लोक निर्माण विभाग में करीब 100 इंजीनियरों और 150 सब इंजीनियरों के तबादले हुए हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE - Public Health Engineering) विभाग में 66 और वित्त सेवा के 68 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी हुए हैं।



कुछ विभागों में एक भी तबादला नहीं

एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि कुछ विभागों में इस पूरी अवधि के दौरान एक भी तबादला नहीं हुआ है। आनंद, लोक सेवा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विधि और उद्योग विभाग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं वन, खनिज, जनसंपर्क, एनवीडीए (NVDA - Narmada Valley Development Authority) और गृह विभाग के तबादले सीएम ने खुद अनुमोदित किए है।



राज्य प्रशासनिक सेवा यानी SAS (State Administrative Service) के अधिकारियों की तबादला सूची मूल तबादला नीति के दायरे में नहीं थी। फिर भी सोमवार को उनके तबादलों को भी मंजूरी दी गई। संयुक्त कलेक्टर से अपर कलेक्टर बने अधिकारियों की नई पदस्थापना और तीन साल से एक ही जगह पदस्थ अधिकारियों के तबादले मंजूर किए गए हैं।



15 दिन में करना होगा कार्यभार ग्रहण

तबादला पाने वाले सभी अफसरों और कर्मचारियों के लिए एक जरूरी नियम भी है। आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार संबंधित कलेक्टर को दिया गया है।



कैबिनेट में और क्या होगा

तबादला तारीख के अलावा इस कैबिनेट बैठक में कुछ और अहम फैसले भी संभव हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 पर चर्चा हो सकती है। निजी और सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन देने और अस्पतालों के विस्तार में सहायता से जुड़े फैसले भी एजेंडे में हैं।



MP News: मोहन कैबिनेट की ये खबरें भी पढ़िए...

मोहन कैबिनेट से 48 लाख परिवारों को मिला बड़ा तोहफा, मुफ्त होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री



मोहन कैबिनेट से किसानों को मिली राहत भरी सौगात, 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी



मोहन कैबिनेट ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, SC छात्रों को मिलेंगे 10 हजार रुपए, FTRI को मंजूरी



मोहन कैबिनेट बैठक: सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज, किसानों और जल अभियान पर फोकस



Tags:
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • मोहन कैबिनेट
  • मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग
  • लोक निर्माण विभाग
  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
  • एमपी स्वास्थ्य विभाग
  • मध्यप्रदेश गृह विभाग
  • मोहन कैबिनेट बैठक
  • मध्यप्रदेश राजस्व विभाग
  • तबादला नीति