MP ट्री पॉलिसी: हर प्रोजेक्ट में 80% पेड़ शिफ्ट करना जरूरी, जनता करेगी निगरानी
समझें क्या है पूरा मामला...
- एक पेड़ काटा तो लगाने होंगे 20 पौधे, MP में नया कानून!
- अब पेड़ काटना आखिरी विकल्प, MP सरकार का बड़ा फैसला।
- विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई बंद, MP लाया सख्त नीति।
- ग्वालियर की लापरवाही से सबक, अब ऑनलाइन होगी पेड़ों की निगरानी।
- 80% पेड़ शिफ्ट करना अनिवार्य, MP सरकार की ग्रीन पॉलिसी।
मध्यप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026 का ड्राफ्ट पेश किया है। इस नीति में एक पेड़ काटने पर 20 नए पौधे लगाने होंगे। हर विकास परियोजना में कम से कम 80% पेड़ों को काटने की बजाय दूसरी जगह शिफ्ट करना जरूरी होगा।
सभी पेड़ों की जियो टैगिंग होगी और एक सार्वजनिक ऑनलाइन डैशबोर्ड से आम नागरिक उनकी निगरानी कर सकेंगे। ग्वालियर के थाटीपुर में पेड़ों की देखरेख में हुई लापरवाही के बाद हाई कोर्ट ने यह नीति बनाने को कहा था।
पेड़ काटना अब आखिरी विकल्प
मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को सरकार ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी (Tree Translocation Policy– वृक्ष स्थानांतरण नीति)-2026 का ड्राफ्ट पेश किया।
इस नीति का सीधा मकसद है कि सड़क, मेट्रो और फ्लाईओवर जैसे प्रोजेक्ट के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई रोकी जाए। पहले प्रोजेक्ट का डिजाइन इस तरह बदला जाए कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ बचाए जा सकें। पेड़ काटना केवल उसी स्थिति में होगा जब कोई और रास्ता न बचे।
क्या है '20-फॉर-1' का नियम
इस नीति की सबसे अहम बात है इसका 20-फॉर-1 फॉर्मूला। अगर किसी परिस्थिति में एक पेड़ काटना जरूरी हो जाए, तो संबंधित निर्माण एजेंसी को उसके बदले 20 नए पौधे लगाने होंगे।
इन 20 पौधों में से 10 पौधे सीधे उस कटे हुए पेड़ के मुआवजे के रूप में होंगे। बाकी 10 पौधे इसलिए लगाए जाएंगे ताकि ट्रांसप्लांटेशन (Transplantation – प्रत्यारोपण) के दौरान जो पेड़ बच नहीं पाते, उनके नुकसान की भरपाई हो सके।
80% पेड़ शिफ्ट करना अनिवार्य
MP ट्री पॉलिसी के अनुसार हर विकास परियोजना में कम से कम 80% पेड़ों को काटने की बजाय वैज्ञानिक तरीके से दूसरी जगह शिफ्ट करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वयस्क पेड़ों को यथासंभव बचाया जाए।
ग्वालियर से क्यों उठा यह मामला
यह पूरी कवायद ग्वालियर के थाटीपुर पुनर्विकास योजना में हुई लापरवाही के बाद शुरू हुई। वहां बड़ी संख्या में शिफ्ट किए गए पेड़ उचित देखरेख न होने के कारण मर गए थे।
हाई कोर्ट ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया। कोर्ट ने सरकार से एक व्यापक और ठोस नीति बनाने को कहा। उसी के जवाब में यह ड्राफ्ट पेश किया गया है।
ऑनलाइन डैशबोर्ड से जनता करेगी निगरानी
कागजी दावों और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने इस बार तकनीक का सहारा लिया है। सभी ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों और नए पौधों की जियो-टैगिंग (Geo-tagging – भौगोलिक चिह्नांकन) अनिवार्य होगी।
इसके लिए एक सार्वजनिक ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जाएगा। इस पर पेड़ों की सटीक लोकेशन, तस्वीरें और रखरखाव का पूरा रिकॉर्ड रीयल-टाइम में अपडेट होगा। कोई भी नागरिक इसे देखकर सीधे निगरानी कर सकेगा।
क्यों जरूरी थी यह नीति
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़े बुनियादी ढांचे के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हुई है। अब तक कोई स्पष्ट और बाध्यकारी नीति नहीं थी जो एजेंसियों को पेड़ बचाने के लिए मजबूर करे। यह नया ड्राफ्ट उसी खाई को भरने की कोशिश है।
FAQ
- MP की ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी 2026 में क्या नियम हैं?
इस नीति के तहत एक पेड़ काटने पर 20 नए पौधे लगाने होंगे। हर प्रोजेक्ट में 80% पेड़ों को शिफ्ट करना अनिवार्य होगा। सभी पेड़ों की जियो-टैगिंग होगी और जनता ऑनलाइन डैशबोर्ड से निगरानी कर सकेगी। - ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी की जरूरत क्यों पड़ी?
ग्वालियर के थाटीपुर पुनर्विकास में शिफ्ट किए गए पेड़ देखरेख के अभाव में मर गए थे। इस पर हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार से व्यापक नीति मांगी थी। उसी के जवाब में यह ड्राफ्ट तैयार हुआ है। - 20-फॉर-1 फॉर्मूला क्या है?
अगर किसी अपरिहार्य स्थिति में एक पेड़ काटा जाए, तो निर्माण एजेंसी को 20 नए पौधे लगाने होंगे। इनमें 10 पौधे कटे पेड़ के मुआवजे के रूप में होंगे और 10 पौधे ट्रांसप्लांटेशन में मरने वाले पेड़ों की भरपाई के लिए।
ये खबरें भी पढ़ें...
महाकाल गर्भगृह में डिजिटल क्रिएटर की एंट्री, सांसद बोले- VIP कल्चर बर्दाश्त नहीं
प्रमोशन में आरक्षण: OBC पक्ष ने नियम लागू करने और प्रोविजनल प्रमोशन की मांग उठाई
एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2025 कराने की मंजूरी, अब कब हो सकती है परीक्षा
निर्मला सप्रे दलबदल केस, HC ने फैसला सुरक्षित रखा: स्पीकर को निर्देश देने पर बहस