MP Online में फंसी शिक्षकों की नियुक्ति! जनजातीय विभाग में अटके आदेश
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग में चयनित प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति का इंतजार अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया MP Online के स्तर पर लंबित है।
बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के बड़े पैमाने पर चल रहे कार्यों के कारण MP Online पर वर्कलोड बढ़ गया है, जिसकी वजह से जनजातीय विभाग के नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। राहत की बात यह है कि संबंधित प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2024 के बाद चयन परीक्षा 2025 आयोजित हुई थी। इसके बाद 27 फरवरी 2026 को परिणाम घोषित हुआ और करीब 2200 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया।
चयन सूची जारी होने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। इससे चयनित अभ्यर्थियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
सूत्रों का दावा: यहां अटकी है प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग के चयनित शिक्षकों के नियुक्ति आदेश MP Online(एमपी ऑनलाइन) के माध्यम से जारी किए जाने हैं। वर्तमान में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों का दबाव अधिक होने के कारण MP Online पर वर्कलोड बढ़ा हुआ है। इसी वजह से जनजातीय विभाग की यह प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
हालांकि विभागीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि यह तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद नियुक्ति आदेश जारी होने का रास्ता साफ हो सकता है।
- - 27 फरवरी 2026 को चयन परिणाम घोषित हुआ।
- - करीब 2200 प्राथमिक शिक्षक चयनित हैं।
- - विभाग ने 2900 पदों पर भर्ती निकाली थी।
- - जनजातीय कार्य विभाग में करीब 16 हजार शिक्षक पद रिक्त हैं।
- - इनमें लगभग 10 हजार प्राथमिक और 6 हजार माध्यमिक शिक्षक शामिल हैं।
- - नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है।
- - नियुक्ति आदेश जारी होने की प्रक्रिया MP Online के माध्यम से पूरी होती है।
- - सूत्रों के अनुसार बढ़े वर्कलोड के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
- - विभागीय स्तर पर एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
स्कूलों पर बढ़ रहा असर
जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। कई स्कूलों में एक शिक्षक को एक से अधिक कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ऐसे समय में चयनित शिक्षक नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, जबकि स्कूलों में रिक्त पद बच्चों की पढ़ाई पर असर डाल रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मांग
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नियुक्ति आदेश में और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार और जनजातीय कार्य विभाग से जल्द दस्तावेज सत्यापन, काउंसिलिंग और नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की है।
विभाग का पक्ष
जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया जारी है और चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कराई जाएंगी, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
यदि अगले एक सप्ताह में नियुक्ति आदेश जारी हो जाते हैं तो महीनों से इंतजार कर रहे 2200 चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन यदि यह समयसीमा भी आगे बढ़ती है, तो सवाल केवल भर्ती में देरी का नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और व्यवस्था की कार्यक्षमता पर भी खड़े होंगे। ऐसे में सबसे बड़ा नुकसान उन जनजातीय छात्रों का होगा, जिनके स्कूल आज भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं।
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